CoPb-98 गन्ने की उन्नत किस्म की पहचान और इसकी विशेषताएं      Publish Date : 13/05/2026

CoPb-98 गन्ने की उन्नत किस्म की पहचान और इसकी विशेषताएं

                                                                                                    प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 शालिनी गुप्ता

CoPb-98 (CoPb-14185) गन्ने की एक उन्नत किस्म है, जिसे विशेष रूप से उत्तर-पश्चिम भारत के किसानों के लिए विकसित किया गया है। यह किस्म पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना के कपूरथला क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र द्वारा तैयार की गई है।

इसे ‘मिड-लेट’ (Mid-Late) यानी मध्यम-देरी से पकने वाली श्रेणी में रखा गया है।

CoPb 98 की मुख्य विशेषताएं:

                                      

पहचानः इसके गन्ने लंबे, मोटे और बेलनाकार होते हैं। गन्ने का रंग हल्का पीला-हरा (Yellowish Green) होता है।

पत्तियां और कल्लेः इसकी पत्तियां चौड़ी और गहरे हरे रंग की होती हैं, जिससे फोटोसिंथेसिस (भोजन बनाने की प्रक्रिया) बेहतर होती है। इसमें कल्लों (Tillers) का फुटाव अच्छा होता है और एक आंख से औसतन 6-8 गन्ने तक भी मिल सकते हैं।

रोग प्रतिरोधकताः यह किस्म लाल सड़न रोग (Red Rot) के प्रति सहनशील है। इसके अलावा, इसमें टॉप बोरर और अन्य कीटों का प्रभाव भी कम देखा गया है।

पेड़ी की क्षमताः यह किस्म ‘अच्छी रटूनर (Good Ratooner) मानी जाती है, जिसका अर्थ है कि इसकी पेड़ी की फसल भी अच्छी पैदावार देती है।

कांटे रहित किस्म% इस किस्म के पत्तों पर कांटे नहीं होते, जिससे कटाई और छिलाई के दौरान किसानों को आसानी रहती है।

पैदावार और गुणवत्ता (Yield – Quality):

औसत पैदावारः लगभग 390 - 400 क्विंटल प्रति एकड़ (लगभग 98 टन/हेक्टेयर) तक की पैदवार मिल सकती है।

सुक्रोज (चीनी): इस किस्म में चीनी का परता जनवरी में 17 प्रतिशत और मार्च तक 19 प्रतिशत तक पहुँच जाता है।

एक गन्ने का वजनः इस किस्म के गन्ने का वजन लगभग 1.5 से 2.5 किलोग्राम तक होता है।

खेती के लिए उपयुक्त क्षेत्रः

                                          

यह किस्म मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, और उत्तर प्रदेश (पश्चिमी और मध्य भाग) के सिंचित क्षेत्रों के लिए अनुशंसित और अधिसूचित (Notified) की गई है।

बुवाई का सही समयः गन्ने की इस किस्म को फरवरी-मार्च या अक्टूबर-नवंबर में लगा सकते हैं।

अगर आप भी अपनी गन्ने की खेती के मुनाफे को बढ़ाना चाहते हैं, तो इस बार CoPb 98 को अवश्य ही आजमाएं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।