नेपियर घास की खेती से पशुपालकों को मिलेगा सालभर हरा चारा      Publish Date : 10/05/2026

नेपियर घास की खेती से पशुपालकों को मिलेगा सालभर हरा चारा

                                                                                                            प्रो0 आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 डी. के. सिंह

  • सरकार दे रही बीज

पशुओं के लिए चारे की कमी दूर करने के लिए सरकार नेपियर घास की खेती को बढ़ावा दक रही है, हमारे कृषि विशेषज्ञ बता रहें हैं कि किसान किस प्रकार उठा सकते हैं इस योजना का लाभ-

उत्तर प्रदेश में पशुपालकों और किसानों के लिए सालभर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पशुधन विभाग बड़े स्तर पर काम कर रहा है। अब राज्य सरकार की ओर से भी नेपियर घास, बरसीम और ज्वार के चारे के बीज का वितरण किसानों के बीच किया जा रहा है, जिससे कि पशुओं को पौष्टिक चारा आसानी से मिल सके और पशुपालकों की भी लागत कम हो सके।

                                       

पशुधन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश में हरे चारे का उत्पादन को बढ़ाकर किसानों और पशुपालकों को राहत प्रदान करना है। इसके साथ ही दूध उत्पादन बढ़ाने और पशुओं के पोषण स्तर में सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

नेपियर घास पर है सबसे अधिक फोकस

पशुपालन विभाग इस समय प्रदेश में नेपियर घास की खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार नेपियर घास की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसकी कटाई सालभर में लगभग छह बार तक की जा सकती है। यही वजह है कि इस घास को पशुपालकों के लिए हरे चारे का एक उपयुक्त और बेहतर विकल्प माना जा रहा है। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में हरा चारा उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम शुरू किया जा चुका है। इसके लिए विभाग करोड़ों रुपये भी खर्च कर रहा है। सरकार का मानना है कि यदि किसानों को पर्याप्त हरा चारा उपलब्ध होगा तो पशुपालन पर उनकी लागत में कमी आएगी और इससे दूध उत्पादन में भी अच्छी बढ़ोतरी होगी।

                                         

इसलिए सरकार का मुख्य जोर नेपियर घास की खेती को बढ़ाव देने पर है जिससे पशुओं को पूरे साल हरा चारा मिलता रहे और किसानों की लागत कम हो और उनका मुनाफा बढ़ने से उनकी आय में भी पर्याप्त वृद्वि हो सके। चूंकि नेपियर घास की कटाई सालभर में छः बार की जा सकती है अतः इससे पशु पालक किसानों को उनके पशुओं के लिए पूरे साल हरा चारा मिलता रहेगा जिससे उनकी आमदनी बढ़ेगी। प्रदेश सरकार का प्रयास हर समय यही रहता है कि येन केन प्रकारेण किसान की आय में वृद्वि किस प्रकार से की जा सकती है और सरकार इसके लिए नित नई योजनाओं को लेकर आती रहती है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।