
गन्ने की जैविक खेतीः गुड़ की भी बढ़ी डिमांड Publish Date : 18/12/2025
गन्ने की जैविक खेतीः गुड़ की भी बढ़ी डिमांड
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 रेशु चौधरी
वर्तमान दौर में, जब रासायनिक खेती के चलते मिट्टी की उर्वरता लगातार घट रही है और इसका स्वास्थ्य पर बुरा भी असर पड़ रहा है, ऐसे समय में जैविक खेती बेहतर विकल्प बनकर उभरी है। कई किसान अब रासायनिक खेती छोड़कर जैविक खेती को अपना रहे हैं। इसी प्रकार खंडवा के किसान भारत राव जी पटेल ने जैविक विधि से गन्ने की खेती कर बेहतरीन मुनाफा कमाया है। उनका कहना है कि जैविक गन्ना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होने के साथ-साथ बाजार में भी अधिक मांग में बना रहता है।
कैसे करें जैविक गन्ने की खेती?

ग्राम सिलोदा निवासी भारत राव जी पटेल बताते हैं कि जैविक गन्ने की खेती करने के लिए किसी खास तकनीक को अपनाने की जरूरत नहीं होती। इस प्रक्रिया में गन्ने का जनवरी-फरवरी के बीच पारंपरिक विधि से लगाया जाता है और 12 महीनों में इसकी फसल तैयार हो जाती है। जैविक खेती में रासायनिक खाद और कीटनाशकों का प्रयोग नहीं किया जाता, बल्कि वर्मी कम्पोस्ट खाद का उपयोग किया जाता है, जो कि पूरी तरह से प्राकृतिक होने के साथ ही मिट्टी के लिए भी अति लाभकारी होती है।
वर्मी कम्पोस्ट खाद
वर्मी कम्पोस्ट खाद केंचुओं और अन्य सूक्ष्म जीवों द्वारा जैविक कचरे के विघटन से तैयार की जाती है। यह मिट्टी की गुणवत्ता को सुधारती है और फसल की पैदावार और उसकी गुणवत्ता को भी बढ़ाती है। जैविक गन्ने की खेती में इसी खाद का उपयोग किया जाता है, जिससे गन्ने की मिठास और गुणवत्ता अच्छी बनी रहती है।
जैविक गन्ने और गुड़ की बढ़ती मांग

भारत राव जी पटेल बताते हैं कि जैविक गन्ने से बना गुड़ बाजार में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कोई भी रसायन नहीं मिलाया जाता और यह पूरी तरह प्राकृतिक और शुद्ध होता है।
स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद
- स्वाद में बेहतर और पारंपरिक मिठास।
- बाजार में उच्च कीमत पर बिकने वाला उत्पाद।
- किसानों के लिए क्यों फायदेमंद है जैविक खेती।
- कम लागत में अधिक मुनाफा।
- मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है।
- पानी की कम खपत होती है।
- रासायनिक खाद और कीटनाशकों की जरूरत नहीं।
गन्ने की जैविक खेती के सम्बन्ध में यदि भारत राव जी पटेल की मानें तो जैविक गन्ने की खेती किसानों के लिए बेहतर और स्थायी विकल्प हो सकती है। इससे किसान की आय में तो वृद्धि होगी ही और इसके साथ ही यह पर्यावरण भी संरक्षित रहता है। यदि आप भी गन्ने की जैविक खेती करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको जैविक विधि अपनाकर गन्ने की खेती करें जिससे आप भी अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
