
मृदा की उर्वरता बढ़ाने के लिए ट्राइकोडर्मा का प्रयोग Publish Date : 02/10/2026
मृदा की उर्वरता बढ़ाने के लिए ट्राइकोडर्मा का प्रयोग
प्रो0 आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 रेशु चौधरी
बहुत अच्छा, गीली मिट्टी पर Trichoderma + NPK Consortia + Pseudomonas fluorescens का सतही छिड़काव करना मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता बढ़ाने के लिए बहुत अच्छा तरीका है।
क्यों फायदेमंद है?
1. Trichoderma
मिट्टी के रोगाणुओं को खत्म करता है, जड़ों को मजबूत बनाता है और गोबर/पत्तों/ट्रैश को जल्दी सड़ाकर खाद बनाता है।
2. NPK Consortia
इसमें नाइट्रोजन स्थिर करने वाले, फॉस्फोरस और पोटाश घोलने वाले बैक्टीरिया होते हैं। ये मिट्टी में पहले से मौजूद खाद को पौधे के लिए उपलब्ध कराते हैं।
3. Pseudomonas fluorescens
ये पौधे की ग्रोथ बढ़ाता है, फफूंद रोगों से बचाता है और मिट्टी में पोषक तत्वों का चक्र बेहतर करता है।
गीली मिट्टी में ये जीवाणु जल्दी बढ़ते हैं और जड़ के आसपास अपनी कॉलोनी बना लेते हैं।
छिड़काव करते समय ध्यान रखने योग्य बातें
समय: सुबह जल्दी या शाम को करें। धूप में ये बैक्टीरिया मर जाते हैं।
मिट्टी: मिट्टी गीली हो लेकिन पानी भरा न हो। नमी जरूरी है।
जैविक खाद के साथ: छिड़काव से पहले या बाद में गोबर की खाद, प्रेसमड या गन्ने का ट्रैश डालें। कार्बन मिलेगा तो बैक्टीरिया तेजी से बढ़ेंगे।
रसायन से दूरी: फफूंदनाशक और कीटनाशक के 7-10 दिन पहले या बाद में ही डालें।
मात्रा:
Trichoderma: 1-2 किग्रा/एकड़ 200-250 लीटर पानी में।
Pseudomonas: 1 किग्रा/एकड़ 200-250 लीटर पानी में।
NPK Consortia: 1-2 लीटर/एकड़
कंपनी के लेबल पर दी गई मात्रा जरूर देखें।
फायदा क्या होगा?
जड़ें मजबूत होंगी, ट्रैश जल्दी सड़ेगा, खाद की बचत 15-25% होगी और 2-3 साल में मिट्टी की उर्वरता और जैविक कार्बन बढ़ जाएगा।
Trichoderma क्यों डालें?
जमीन में नमी रहने और जैविक अवशेष/शाकाहारी फफूँद के लिए भोजन उपलब्ध होने से हानिकारक फफूँद का प्रसार बहुत तेजी से बढ़ जाता है जो हमारी फसल को नुकसान पहुँचाती हैं।
Trichoderma एक लाभकारी/मांसाहारी फफूँद है जिसका भोजन हानिकारक शाकाहारी फफूँद है। इसलिए प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए इसे खेत में डालना जरूरी है।
बरसात में ही क्यों डालें?
बरसात के मौसम में नमी बनी रहती है। इस समय Trichoderma बहुत तेजी से multiply होकर खेत में अपनी कॉलोनी बना लेता है। दूसरा कारण ये है कि इस समय हम खेत में रसायनों का प्रयोग भी नहीं करते, इसलिए ये बिना बाधा के बढ़ता है।
वैज्ञानिक रूप से Trichoderma एक मृतोपजीवी / Saprophytic फफूँद है। ये मिट्टी में मौजूद हानिकारक फफूँद को अपने कवकजाल में लपेटकर नष्ट कर देता है। साथ ही पिछली फसल की आधी गली जड़ों और पत्तियों को सड़ाकर जैविक खाद में बदल देता है, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है और सबसे बड़ी बात - ये ऊपर बताए गए NPK Consortia और Pseudomonas जैसे लाभकारी बैक्टीरिया को नुकसान नहीं पहुंचाता।
इसलिए बरसात में गीली मिट्टी पर Trichoderma + NPK Consortia + Pseudomonas का छिड़काव करना मिट्टी और फसल दोनों के लिए बहुत लाभदायक है।
1. प्रति एकड़ आप लोगों का गन्ने पर क्या खर्चा आ रहा है। (खेत तैयारी लेबर बुवाई निराई गुड़ाई खाद बंधाई कीटनाशक छिलाई ढुलाई आदि)।
2. गन्ने का क्या उत्पादन ले रहे हैं।
3. गन्ने का क्या रेट होना चाहिए इस साल से।
आज की वर्तमान स्थिति है हमारे बीज प्रक्षेत्र की। गन्ना बीज इस बार 500 में ही बिक जाए और पूरा उठान हो जाए यही सबसे अच्छा।
लेखकः प्रोफेसर आर. एस. सेंगर, अधिष्ठाता जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय एवं निदेशक ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ।