
धान पर पत्ता लपेट सुंडी का हमला Publish Date : 02/10/2026
धान पर पत्ता लपेट सुंडी का हमला
प्रो0 आर. एस. सेंगर एवं डॉ0 शालिनी गुप्ता
किसान भाईयों आपको अवगत कराना है कि धान की फसल इन दिनों पत्ता लपेट सुंडी के प्रकोप की चपेट में है। जिले के कई गांवों में किसानों के द्वारा धान की पत्तियों के मुड़ने और उनके अंदर सुंडी मिलने की शिकायत की गई है। सुंडी पत्तियों को किनारों से लपेटकर उनके अंदर छिप जाती है और हरे भाग को खाकर धान के पौधों को नुकसान पहुंचाती है। इससे प्रभावित पौधों की पत्तियां सूखने लगती हैं और फसल की बढ़वार प्रभावित होने की आशंका रहती है।
किसान सुरेंद्र खर्ब, राजेश देशवाल, भीम रोजड़ा और जितेंद्र नैन ने बताया कि खेतों में धान की पत्तियां जगह-जगह लिपटी हुई दिखाई दे रही हैं। पत्तियों को खोलने पर अंदर छोटी सुंडियां दिखाई देती हैं। किसानों के अनुसार लगातार निगरानी नहीं करने पर कीट का प्रकोप बढ़ सकता है। उन्होंने कृषि विभाग से खेतों का निरीक्षण करवाने और उचित नियंत्रण उपायों की जानकारी देने की मांग की है।
पत्तियों पर सफेद धारियां दिखना प्रमुख लक्षण
प्रकोप की शुरुआत में धान की पत्तियों पर सफेद या पारदर्शी धारियां दिखाई दे सकती हैं। बाद में पत्तियां किनारों से मुड़कर लिपट जाती हैं। लिपटी हुई पत्ती को खोलने पर सुंडी या उसके मल के अवशेष देखने को मिल सकते हैं। अधिक प्रकोप होने पर पत्तियों का हरा भाग कम हो जाता है, जिससे पौधे की प्रकाश संश्लेषण क्षमता प्रभावित हो सकती है। गांव वैसरी के पास पत्ता लपेट सुंडी की चपेट में आई धान की फसल।
विशेषज्ञ बोले- नमी और अनुकूल मौसम में बढ़ता है सुंडी का प्रकोप
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, पत्ता लपेट सुंडी का प्रकोप गर्म और नम मौसम में बढ़ सकता है। खेत में अधिक नमी, घनी फसल और अनुकूल मौसम की स्थिति में कीट की संख्या तेजी से बढ़ने की संभावना रहती है। इसकी सुंडी धान की पत्तियों को लपेटकर उनके अंदर रहती है और पत्ती के हरे भाग को खाती है।
नियमित निगरानी जरूरी
किसानों को खेत में नियमित रूप से पौधों और पत्तियों की जांच करनी चाहिए। शुरुआती अवस्था में प्रभावित पत्तियों को देखकर कीट की पहचान करना और कृषि विभाग की सलाह के अनुसार नियंत्रण करना अधिक प्रभावी रहता है।
’बिना सलाह के किसी भी कीटनाशक का प्रयोग करने से बचना चाहिए और दवा की मात्रा और छिड़काव का तरीका कृषि विशेषज्ञों के निर्देश के अनुसार ही अपनाना चाहिए।
पत्ता लपेट सुंडी से ऐसे करें बचावः
धान के खेत की नियमित निगरानी करें और लिपटी पत्तियों की जांच करें। खेत में अधिक नमी और अनावश्यक रूप से घनी फसल की स्थिति से बचें। शुरुआती प्रकोप में प्रभावित पत्तियों को पहचान कर उचित नियंत्रण उपाय करें। कीट की संख्या बढ़ने पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह लें। अनुशंसित कीटनाशक का ही निर्धारित मात्रा में प्रयोग करें। कीटनाशक का छिड़काव करते समय पत्तियों तक दवा की पर्याप्त पहुंच सुनिश्चित करें। बिना कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अलग-अलग दवाओं को मिलाकर छिड़काव न करें।
’धान में पत्ता लपेट सुंडी का प्रकोप दिखाई देने पर किसान खेत की नियमित निगरानी करें। पत्तियों के मुड़ने और उनके अंदर सुंडी दिखाई देने पर तुरंत कृषि विभाग के अधिकारियों या विशेषज्ञों से संपर्क करें। प्रकोप की स्थिति के अनुसार विभाग द्वारा अनुशंसित कीटनाशक का ही निर्धारित मात्रा में प्रयोग करें। किसानों को बिना आवश्यकता के कीटनाशकों का छिड़काव नहीं करना चाहिए।
लेखकः प्रोफेसर आर. एस. सेंगर, अधिष्ठाता जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय एवं निदेशक ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ।