
गन्ने की फसल में फड़का का प्रकोप Publish Date : 01/04/2026
गन्ने की फसल में फड़का का प्रकोप
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
वर्तमान में Pyrilla (फड़का) कीट के प्रकोप की बहुत खबरे सामने आ रही है। जहाँ गन्ने के खेतों में पौगले छोड़े जाते है वहाँ इसका प्रकोप अधिक देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही कीट की संख्या अधिक होने के कारण गन्ना किसान परेशान भी दिख रहा है। ऐसे में कुछ किसान इस कीट से बचाव के लिए कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करते हुए भी देखे गए हैं।
अभी हमंने कुछ गन्ने की मिलो के क्षेत्र का दौरा करने के दौरान पाया कि फड़का का परजीवी काफी संख्या में देखने को मिल रहा है जैसा कि आप नीचे की तस्वीर में भी देख सकते है।
ऐसी स्थिति में किसानो को क्या करना चाहिए, यह अधिक महत्वपूर्ण है:
1. इससे बचाव के लिए किसान को किसी भी रसायन/कीटनाशक दवाई का छिड़काव कदापि नहीं करना चाहिए, क्योंकि कीटनाशक का छिड़काव करने से फड़का बराबर वाले खेतों में चला जाता है, जो खेत में दवा का असर खत्म होने पर वापस आ जाता है।
2. कीटनाशक का छिड़काव करने से किसानों के दो नुकसान होंगे, पहला धन का नुकसान और दूसरा फड़का का परजीवी भी मर जाता है।
3. इस दौरान किसानों को केवल अपने खेतों में सिंचाई निरंतर करते रहना है। इससे फड़का का परजीवी तेजी से बढ़ता है।
ऐसे में मेरी सभी किसान भाईयों से अपील हैं कि वह अपने खेतों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं करे, खेतों में सिंचाई करे बाक़ी सब फड़का के परजीवी एवं भगवान पर छोड़ दे तथा अपनी फसल एवं नुकसान से बचें रहें।
पायरिला कीट के बारे में जानकारीः

कीट का वैज्ञानिक नाम: Pyrilla perpusilla
कीट का अन्य नामः गन्ने का पादप हॉपर
कीट का प्रकारः यह एक प्रकार का पंखवाला कीट होता है जो गन्ने के पौधों की पत्तियों का रस चूसता है।
कीट से होने वाला नुकसानः यह कीट गन्ने की फसल को भारी नुकसान पहुंचाता है, जिससे गन्ने की पत्तियां पीली पड़ जाती हैं और फसल की वृद्धि भी रुक जाती है।
कीट का जीवन चक्रः
कीट के अंडे: इस कीट के अंडे हल्के पीले रंग के, अंडाकार, पत्ती की निचली सतह पर लगभग 20 अंडों के समूहों में पाए जाते हैं।
निम्फ : शुरू में हरे रंग के होते हैं, बाद में हल्के भूरे, पंख रहित और सफेद फुल्की मोमी सामग्री से ढके तंतुओं की एक जोड़ी के साथ रहते हैं।
वयस्क कीटः भूरे से भूरे रंग के होते हैं, 7-8 मिमी लंबे, नुकीले थूथन वाले, छेदने वाले और कीट में मुंह में चूसने वाले वाले हिस्से होते हैं।
कीट के प्रकोप का समयः गर्मियों के दिनों में, विशेष रूप से अप्रैल से अक्टूबर तक!

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
