कट-ऑफ से आगे की सोच रखें      Publish Date : 02/10/2026

          कट-ऑफ से आगे की सोच रखें

                                                                                                                  प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

एसएससी ने दिल्ली पुलिस और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (एसएससी सीपीओ) में सब-इंस्पेक्टरों की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। एसएससी सीपीओ परीक्षा को लेकर अधिकांश अभ्यर्थी इस भ्रम में रहते हैं कि पेपर-1 में उच्चतम अंक लाना ही अंतिम चयन की गारंटी है। हालांकि अंतिम चयन और मनचाही पोस्टिंग पूरी तरह से पेपर-2 और मेडिकल फिटनेस पर निर्भर करती है। इसलिए, जरूरी है कि छात्र तैयारी के पहले दिन से ही अपनी ऊर्जा का अधिकतम हिस्सा पेपर-2 में लगाएं। पेपर-1 में आवश्यक कट-ऑफ से 15-20 अंक ऊपर रहने का लक्ष्य रखें।

शुरुआत पिछले प्रश्नपत्र से करें

अधिकांश अभ्यर्थी तैयारी की शुरुआत सिलेबस देखकर करते हैं, जबकि बेहतर तैयारी का पहला कदम पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को देखना होता है, ताकि आप परीक्षा के मांग को समझ सकें। पिछले प्रश्नपत्रों से पता चलता है कि किस अध्याय से किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं, प्रश्नों की कठिनाई किस स्तर की रहती है और कौन-से टॉपिक बार-बार अलग रूप में सामने आते हैं।

'स्कोरिंग जोन' और 'टाइम ट्रैप' पहचानें

अभ्यर्थी को अपने लिए दो सूचियां बनानी चाहिए। पहली-स्कोरिंग जोन, यानी वे टॉपिक, जिनसे प्रश्न जल्दी और सटीक हल होते हैं। दूसरी-टाइम ट्रैप, यानी ऐसे टॉपिक या प्रश्न, जिनमें जानकारी होने के बावजूद, समय असामान्य रूप से अधिक लगता है। मसलन, किसी छात्र के लिए अंकगणित आसान हो सकता है, जबकि ज्यामिति के प्रश्नों में समय लगे। मॉक टेस्ट से ऐसी कमियां आसानी से पहचानी जा सकती हैं। रीजनिंग अभ्यास के दौरान प्रश्नों को तीन श्रेणियों में बांटें-तुरंत होने वाले, थोड़ी सोच मांगने वाले और समय लेने वाले। इससे परीक्षा के दौरान प्रश्न चयन स्वाभाविक होने लगेगा।

शॉर्टकट इस्तेमाल करना सीखें

हर शॉर्टकट हर प्रश्न पर लागू नहीं होता। बेहतर तरीका है कि प्रश्न को उसके ढांचे के आधार पर पहचानना सीखा जाए। प्रतिशत, अनुपात, लाभ-हानि, संख्या पद्धति और बीजगणित जैसे विषयों के लिए एक पैटर्न रजिस्टर बनाएं। इसमें प्रत्येक पैटर्न के सामने तीन चीजें लिखें-पहचान कैसे होगी, सबसे कम चरणों में कैसे हल होगा और कहां गलती होने की संभावना है। इससे प्रश्नों को हल करने की गति अपने आप बढ़ने लगती है।

अंग्रेजी भाषा की समझ पर दें जोर

पेपर-2 में केवल ग्रामर के नियम रटना पर्याप्त नहीं है। तैयारी में रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन, क्लोज टेस्ट और सेंटेंस रीअरेंजमेंट (पीक्यूआरएस) का नियमित अभ्यास करें। संपादकीय पेज पढ़ने से पढ़ने और समझने की गति बेहतर होती है। इसके अलावा, शब्दों को अलग-अलग याद करने के बजाय कोलोकेशन्स और फिक्स्ड प्रेपोजिशन्स की सूची बनाएं। इससे क्लोज टेस्ट और एरर डिटेक्शन में सही विकल्प चुनना आसान होगा।

जीके की तैयारी के लिए

जीके में भारतीय राजव्यवस्था, महत्वपूर्ण अनुच्छेद और आधुनिक इतिहास जरूर पढ़ें। स्टेटिक जीके में कला-संस्कृति, शास्त्रीय नृत्य और वाद्ययंत्रों पर ध्यान दें। करंट अफेयर्स में पिछले 6-8 महीनों की प्रमुख खबरों और सरकारी योजनाओं को कवर करें।

लेखकः प्रोफेसर आर. एस. सेंगर, अधिष्ठाता जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय एवं निदेशक ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ।