कृषि के क्षेत्र में बढ़ रही हैं नौकरियों की सम्भावनाएं      Publish Date : 26/09/2026

कृषि के क्षेत्र में बढ़ रही हैं नौकरियों की सम्भावनाएं

                                                                                                                      प्रो0 आर. एस. सेंगर

विश्व की तेजी के साथ बढ़ती जनसंख्या के लिए उनकी खाद्य सम्बन्धी आवश्यकताओं को पूरा करने और लोगों तक गुणवत्तापूर्ण, पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना दिन-प्रतिदिन चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। हमारे देश की अधिकतम आबादी कृषि कार्य से जुड़ी है, लेकिन दुर्भाग्य से इनमें से अधिकांश लोग अकुशल या अर्धकुशल होते हैं। इसी कारण कृषि क्षेत्र में मानव संसाधन और आधुनिक तकनीक का पूरा उपयोग नहीं हो पाता, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर बनी रहती है।

योग्य और कुशल युवा बेहतर अवसरों की तलाश में सेवा और उद्योगों की ओर विस्थापित हो जाते हैं, और जिन्हें कहीं अवसर नहीं मिलता केवल वे मजबूरी में कृषि से जुड़े रहते हैं। हालांकि अब समय बहुत तेजी के साथ बदल रहा है। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और नए नवाचारों का उपयोग कर कई लोगों ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में करियर के लिए उत्कृष्ट नौकरियों के अवसर भी उसी तेजी के साथ बढ़ेंगे, ऐसी सम्भावनाएं जता रहे हैं जानकार।

पाठ्यक्रम की जानकारी

कृषि क्षेत्र से जुड़े अधिकांश लोग अशिक्षित या अकुशल ही होते हैं। इसमें करियर बनाने के इच्छुकों के लिए सरकार विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करती है। इनमें बीटेक (एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग), बीएससी (एग्रीकल्चर), बीएससी (फिशरीज), बीएससी (हॉर्टिकल्चर), एमबीए (कृषि प्रबंधन) सहित कई डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट आदि के कोर्स उपलब्ध होते हैं। सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक के उपयोग और कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों में प्रशिक्षण भी आयोजन कर उन्हे प्रवीणता प्रदान करती है।

अपना स्टार्टअप शुरू करने के अवसर

कृषि क्षेत्र में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में स्वरोजगार, स्वयं का स्टार्टअप या उद्यमिता शुरू करने के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। सरकार कृषि उद्यमिता के माध्यम से रोजगार बढ़ाने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। सरकारी क्षेत्र में शिक्षा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, भारतीय खाद निगम, कृषि विभाग, गन्ना एवं बागवानी अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, बैंकिंग और नाबार्ड आदि में रोजगार के कई अवसर मिलते हैं।

वहीं उर्वरक, पेस्टिसाइड, बीज संवर्धन जैसे क्षेत्रों में कार्य करने वाली निजी कंपनियां, जैसे सीड, इफको, महिंद्रा, सेंजेंटा आदि के बेहतर कई करियर विकल्प प्रदान करती हैं। आपको ड्रोन ऑपरेशन, स्मार्ट फार्मिंग, एग्री-टेक प्रबंधन और कृषि डाटा विश्लेषण जैसे कामों में उत्कृष्ट करियर बनाने का मौका मिल सकता है। इसके अलावा, आप यूपीएससी द्वारा आयोजित आईएफओएस परीक्षा की तैयारी भी कर सकते हैं।

प्रमुख शिक्षण संस्थान

  • भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली।
  • राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान एवं प्रबंधन अकादमी।
  • भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान, कानपुर।
  • भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान, बेंगलुरु।
  • काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी आदि।

लेखकः प्रोफेसर आर. एस. सेंगर, अधिष्ठाता जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय एवं निदेशक ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ।