पहली मुलाकात को बनाएं असरदार      Publish Date : 10/08/2026

        पहली मुलाकात को बनाएं असरदार

                                                                                                               प्रो0 आर. एस. सेंगर

"करियर में ऐसे कई मौके आते हैं, जब आप किसी बड़े अवसर का इंतजार कर रहे होते हैं। इन अवसरों को कोई भी हाथ से नहीं जाने देना चाहता। जब आप इंटरव्यू दे रहे होते हैं या नौकरी में रहते हुए नए प्रभावशाली लोगों से मिलते हैं तो पहली मुलाकात काफी मायने रखती है। कैसे बने यह मुलाकात असरदार, बता रहे हैं " प्रो0 आर. एस. सेंगर

अग्रेजी में एक कहावत है- 'ऑपच्यूनिटि नॉक्सयोरडोर ओनली वन्स' अर्थात जीवन मेंअवसर एक ही बार दरवाजा खटखटाता है।शेष आप परनिर्भर करता है कि हाथ आए हुएअवसर को सफलता में कैसे तब्दील करें।आपने गौर किया होगा कि कुछ कामकाजी लोगों में ऐसी खूबियां होती हैं कि वे किसी से एक बार मिलते ही उन पर अपना असर छोड़ देते हैं, चाहे वह सेल्स से जुड़ी कोई मीटिंग हो या फिर किसी से साक्षात्कार। वहीं कुछ लोगों के पास अच्छी योग्यता, ज्ञान और अनुभव सब कुछ होने के बाद भी वे जीवन की दौड़ में महज इसलिए पिछड़ जाते हैं, क्योंकि उनके पास वह गुण नाहीं होता, जिसके माध्यम से वे पहले ही प्रयास में प्रभाव छोड़ सकें। यही वजह होती है कि उन्हें सफलता की सीढ़ियां चढ़ने पर खासी मुश्किलें आती हैं।

बहुत से कामकाजी लोग वर्षों तक काम करने के बावजूद फर्स्ट इसप्रेशन के महत्व को समझ ही नहीं पाते। दरअसल नौकरी के इंटरव्यू से लेकर तमाम अन्य मौकों में पहली मुलाकात का सफलता प्राप्त करने में बहुत बड़ा योगदान होता है। माई न्यूज डॉट कॉम एक न्यूज पोर्टल है। इसने 2000 बड़े अधिकारियों पर किए गए एक अध्ययन में पाया कि नब्बे सेकंड के भीतर 33 प्रतिशत कंपनियों को यह पता चल जाता है कि कौन सा व्यक्ति नौकरी पाने के योग्य है और कौन नाहीं।

इसका मतलब मुश्किल से तीन में से एक ही व्यक्ति दुनिया में ऐसा होता है, जो पहले ही प्रयास में अपनी पहचान सामने वाले के मन में बना लेता है कि वह कैसा व्यक्ति है। शेष 67 प्रतिशत व्यक्ति किसी भी व्यक्ति के सामने बनी अपनी नकारात्मक छवि को सकारात्मक छवि में तब्दील करने के लिए संघर्ष करते रहते हैं। इसीलिए अंग्रेजी में कहा जाता है- 'फर्स्ट इम्प्रेशन इन दि लास्ट इम्प्रेशन।' फस्टं इम्प्रेशन को बढ़ाने के लिए एक सामान्य व्यक्ति को क्या-क्या करना चाहिए, ताकि उसके व्यक्तित्व में निखार आये। इसको अभिव्यक्त करने की मूलतःतीन सीढ़ियां हैं, जो इस प्रकार हैं-

व्यवहार

व्यक्तित्व विकास का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावी तरीका है एक व्यक्ति का व्यवहार, जो वह दूसरों के साथ करता है। यह व्यवहार आपके फस्र्ट इम्प्रेशन को बढ़ाने में सहायक की भूमिका अदा करता है। दूसरों से बात करते समय अथवा किसी से मिलते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, यह गौर करने वाली बात है-

खुल कर अपनी बात रखें: जोव्यक्ति किसी के सामने खुल कर अपनी बात रखता है, उसमें उस व्यक्ति से हमेशा अधिक आत्मविश्वास होता है, जो व्यक्ति किसी भी तथ्य को छुपा कर अपनी बात रखता है। यानी जिन व्यक्तियों को पढ़ पाना मुश्किल होता है उन्हें पसंद करने ने वाले वाले लोगों लोगों की संख्या हमेशा कम होती है।

जानकारी पुख्ता रखें: ऐसे व्यक्ति अर्थक अभ्यर्थी, जो किसी कंपनी मेंइंटरव्यू आदि परीक्षाओं के लिए जा रहे है, उनको यह सलाह दी जाती है कि दे संबंधित कंपनी के बारे में शोध करके जाएं, क्योंकि सभी लोग ऐसे व्यक्ति को पसंद करते हैं, जिनमें आपस में कुछ एक-सा हो। आपकी छपि संजीदा केंडिडेट की बनेगी।

अच्छे श्रोता बनेः यद्यपि देखने में यह फस्र्ट इम्प्रेशन का सबसे सामान्य बिंदु लगता है, लेकिन एक अच्छा वक्ता होने के लिए अच्छा श्रोता होना भी जरूरी है। अच्छा श्रोता बन कर आप सामने वाले के मन में यह छाप छोड़ सकते हैं कि आप उसकी बातों में रुचि ले रहे हैं और उसकी बातें आपको अच्छी लग रही हैं। ऐसा करने से आप किसी व्यक्ति के करीब आ सकते हैं।

सम्प्रेषण क्षमता बढ़ाएं

दुनिया के तमाम अनुसंधानों ने यह साबित कर दिया है कि किसी भी व्यक्ति की सफलता में 85 प्रतिशत हिस्सा उसकी कम्युनिकेश स्किल अर्थात सम्प्रेषण क्षमता का होता है। आपके पास कितनी ही योग्यता, ज्ञान और अनुभव हो, लेकिन इन सबको अभिव्यक्त करने की क्षमता यदि आप में नहीं है तो आप सफलता का स्वाद कभी चख ही नहीं सकते। फरर्ट इम्प्रेशन करें बढ़ाने में इस कम्युनिकेशन स्किल का भी बहुत बड़ा योगदान है। जाने कैसे-

मनोबल बढ़ाने वाली सूचनाः इस बात का हमेशा ध्यान रखे कि व्यक्ति चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, वह हमेशा इस बात की फिराक में रहता है कि कहीं से कोई ऐसा कोना और भरोसा मिल जाये, जो उसके मनोबल को बढ़ा सके। साथ ही वह उसकी सकारात्मक सोच और सार्थक कामों में सहयोग कर सके। ऐसा करके आप किसी भी व्यक्ति के आंतरिक जीवन का हिस्सा हो सकते हैं, जो उसके जीवन और व्यवसाय को बढ़ाने में उपयोगी हो सकता है। पॉल जे. मेयर ने इसी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा है कि सम्प्रेषण क्षमता एक ऐसा मानवीय पक्ष है, जो किसी भी व्यक्ति के करियर में सफलता का कारण बन सकता है।

वातावरण का निर्माण करें

सम्प्रेषण क्षमता का दूसरा सिंद्धांत कहता है कि किसी से बात करते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि आप उसकी बात को सुनने के लिए उत्साहित हैं। इससे सामने वाले के मन में आपके प्रति एक अपनेपन का भाव उत्पन्न होता है। इससे सामने वाला व्यक्ति आपसे ज्यादा खुल कर अपनी बात को शेयर करने में दिलचस्पी भी लेगा।

आई कॉन्टेक्ट बनाए रखें: किसी से भी बात करते हुए हमेशा ध्यान रखें कि आई कॉन्टेक्ट बनाने में कही कोई चूक न हो। ऐसा कर एक और जहां आप अपनी बात आत्मविश्वास से रख पाएंगे, वहीं सामने वाले की बात को भी ध्यान से सुनने का प्रमाण भी दे सकेंगे। इस तरह फर्स्ट इम्प्रेशन अच्छा बनाने में आई कॉन्टेक्ट काफी सहायक हो सकता है।

हाव-भाव की भाषा

जब आप किसी से मिले अथवा कोई इंटख्यू देने के लिए किसी भी ऑफिस में जाए तो हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि हर वक्त आपको कोई देख रहा है। आपका चलना, आपका खड़े होना बिल्कुल वैसे ही होना चाहिए, जैसे कि आप अपनी जिन्दगी की सफलताओं के पन्नों को ब्रीफकेस में संभाल कर रखते है। मतलब जब अपना ब्रीफकेस खोलते हैं तो आप मनचाहा पेपर तुरत निकाल लेते हैं। आपको उसे ढूंढने में मशक्कत नहीं करनी होती। ऐसे ही खुद को भी व्यवस्थित रखना जरूरी है।

पहनावाः इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि हेयर स्टाइल से लेकर आपके चेहरे का आत्मविश्वास, कपडे पहनने का ढंग आदि सब कुछ फर्स्ट इम्प्रेशन का पार्ट है। इसलिए जब भी पहनावे की बात आये तो उसे गंभीरता से लें, क्योंकि यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु है. जिसके आधार पर आपकी छवि निर्मित होती है।

आत्मविश्वास से मिलें: हाथ मिलाना हीकेवल आपका वह पहला शारीरिक संपर्क होता है, जिसके आधार पर सामने वाला आपके आत्म-विश्वास का परीक्षण करता है। हाथ मिलाते समय इस बात का ध्यान रखें कि आपका हाथ कांपे नहीं। कंचों का मिलन पूरा नब्बे डिग्री के कोण में हो. लेकिन ऐसा करते समय ध्यान रखें कि सामने वाले को आपके हाव-भाव में कहीं से कोर्ड घमंड महसूस न हो और आप विनम्रता को बरकरार रखें।

ऊर्जावान दिखें: किसी से बात करते समय हमेशा यह ध्यान में रखना चाहिए कि आपकी ऊर्जा का स्तर उस व्यक्ति से अधिक हो, जिससे आप बात कर रहे हैं। इससे सामने वाले के मन में भी आपके साथ बात करके एक उत्साह और ऊर्जा का संचार होगा। किसी से बातचीत की यह शुरुआत फर्स्ट इमोशन को बढ़ाने में मददगार साबित होगी।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।