
तकनीक के साथ कौशल विकास Publish Date : 11/05/2026
तकनीक के साथ कौशल विकास
प्रो0 आर. एस. सेंगर
देश में उच्चतर शिक्षा प्रदान करने वाले अनेक सरकारी एवं निजी विश्वविद्यालय मौजूद हैं। सोचना (गुरूग्राम) स्थित जीडी गोयनका विश्वविद्यालय एक ऐसा ही संस्थान है, जो इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार स्टूडेंट्स के कौशल विकास को लेकर प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है। शिक्षण के साथ-साथ प्रशासनिक उत्तरदायित्व संभालने का अनुभव रखने वाले विवि के वाइस चांसलर डॉ. दीपेंद्र कुमार झा बता रहे हैं कि कैसे यहां इनोवेटिव एजुकेशन को प्रोत्साहित करने का बीड़ा उठाया गया हैं।
ऐसा देखा गया है कि अक्सर स्कूल से कॉलेज में पहुंचते हो बच्चे खुद को स्वतंत्र महसूस करने लगते हैं, लेकिन जीडी गोयनका में हमने विद्यार्थियों को अनुशासन में रखने व कक्षाओं में समय पर पहुंचने के नियम को सख्ती से लागू कर रखा है। यहां विद्यार्थियों को खुला माहौल जरुन दिया जाता है, लेकिन क्वालिटी व पढ़ाई से किसी प्रकार का समझौता करने की दील नहीं दी जाती।
उद्देश्य है कौशल विकास
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से मान्यता प्राप्त हमारे विश्वविद्यालय में केवल मशीनों के डिजाइन तैयार नहीं वेते, बल्कि हम तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ बेहतरीन व्यक्तित्व निर्माण, लीडरशिप स्किल्स एवं नैतिक मूल्यों के विकास पर भी जोर देते हैं। हमारी कोशिश होती है कि छात्र अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकें। हर कोर्स के विद्यार्थी की पहले ही सेमेस्टर में इंडस्ट्री व उद्योग जगत का एक्सपोजर दिलाया जाता है, ताकि ये कोर्स के अंत तक दल प्रोफेशनल बन सकें, यानी जब ये नौकरी के लिए किम्री कंपनी में अप्लाई करें, तो उन्हें बतौर न्यू कमर की तरह से न देखा जाए। वे पूरी तैयारी के साथ वहां जाएं। इससे कंपनियां भी दक्ष प्रोफेशनल्स को बेहतरीन पैकेज देंगी।
स्टार्टअप इनक्यूबेटर का मंच
इन दिनों स्टार्टअप को लेकर पूरे देश में हलचल है, लेकिन इसे कैसे करना है और किस प्रकार से सफल होना है, इसके लिए लोगों को जानकारी व अनुभव जुटाने में काफी जद्दोजहद करनी होती है। हमारे यहां स्टार्टअप के लिए बकायदा टेक्नोलॉजी विजनेस इनक्यूबेटर्स स्थापित किए गए हैं, जिसमें विद्यार्थी अपने आइडिया को विकसित करने के बाद कारोबार शुरू कर सकते हैं। खुद की, अपने समाज की जरुरतों को पूरा कर सकते हैं। इसके लिए हमारे यहां एक्सपर्ट फैकल्टी को पूरी टीम है, जो जनीं इनोवेटिव टेक्नोलॉजी विकसित करने में सहायता करती है।
स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग है खास

देश में इंजीनियरिंग के कई संस्थान हैं, लेकिन हम अकादमिक के अलावा शोध एवं संपूर्णता में अध्ययन पर जोर देते हैं। इसलिए फैकल्टी की तरह स्टूडेंट्स भी नए-नए शोध करने में संलग्न रहते हैं। हमारा मानना है कि किसी भी शैक्षिक संस्थान के आधार स्तंभ होती है वहां की पैकल्टी। लिहाजा, हमने इंडस्ट्री और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़े रहे शिक्षकों को अपने से जोड़ा है। फ्लेक्सिबल क्रेडिट सिस्टम के माध्यम से हम मल्टी एवं इंटरडिसिप्लिनरी योग्यता एवं लीडरशिप स्किल्स को बढ़ावा देना चाहते हैं। हमने एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग का नया कोर्स शुरू किया है, जिसमें विशेषज्ञों द्वारा ऐसे इंजीनियर तैयार किए जाएंगे, औ कृषि को स्थिति को बेहतर बनाकर देश को समृद्धि की और ले जाने में मददगार बन सकें।
फॉरेन एक्सचेंज प्रोग्राम
विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित जीडी गोयनका इंटरनेशनल सेंटर में फॉरन एक्सचेंज प्रोग्राम भी काफी लोकप्रिय है। इसके माध्यम से विदेशी स्टूडेंट्स भारत आकर पढ़ाई करते हैं. जबकि यहां के विद्यार्थियों को दूसरे अंतरराष्ट्रीय शिक्षण संस्थानों में पढ़ने का अवसर मिलता है। यूनिवर्सिटी में विभिन्न देशों के साथ एक्सचेंज प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं, जिसमें छात्रओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर को शिक्षा पद्धति व वहां की संस्कृतियों के बारे में जानकारी मिलती है। विभिन्न विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ हमने एमओयू साइन किए हैं। फॉरेन एक्सचेंज प्रोग्राम को यूनिवर्सिटी में काफी महत्व दिया जाता है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
