नई तकनीकों ने बदला इंटरव्यू का तरीका      Publish Date : 09/05/2026

       नई तकनीकों ने बदला इंटरव्यू का तरीका

                                                                                                                                 प्रोफेसर आर. एस. सेगर

आज नियोक्ता उम्मीदवार को आंकने में तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे उम्मीदवारों के लिए नौकरी के अवसर भी बढ़े हैं। नौकरी की दौड़ में खुद को बनाए रखने के लिए नए दौर की इंटरव्यू प्रक्रियाओं को जानना जरूरी है।

तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल ने इंटरव्यू की प्रक्रिया को सरल बनाकर जॉब मार्केट की वे चुनौतियां आसान कर दी है। अब आवेदक घर बैठे ही ऑनलाइन मीडिया या सॉफ्टवेयर के जरिये अपना इंटरव्यू दे सकता है। कुछ सॉफ्टवेयर तो ऐसे हैं, जो कंपनी को योग्य उम्मीदवार की पहचान करने में मदद कर रहे हैं। आईटी, मार्केटिंग, बीपीओ, इंजीनियरिंग आदि सेक्टरों के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी इनका इस्तेमाल बढ़ रहा है। इससे कंपनियों का समय बचता है और कार्य के अनुरूप बेहतर उम्मीदवार की पहचान भी हो पाती है।

ऐसी होती है प्रक्रिया

                                           

कंपनियों के एचआर विभाग को पहले इंटरव्यू के लिए तैयारियां करनी पड़ती थीं। एक साथ कई सारे उम्मीदवारों को बुलाया जाता था। उनके बैठने और रुकने का इंतजाम करना होता था। पर, आज ऑनलाइन इंटरव्यू प्रक्रिया के चलन में आने से कंपनियों के साथ-साथ उम्मीदवारों को भी राहत पहुंची है। आइए जानें इंटरव्यू प्रक्रिया को आसान बनाने वाले तीन तरह के एचआर सॉफ्टवेयर और टेक टुल्स के बारे में वीडियो इंटरव्यू वीडियो इंटरव्यू ने फोन इंटरव्यू की जगह ले ली है।

स्काइप और गूगल हैंगआउट जैसे बीडियो सॉफ्टवेयर का उपयोग करके कंपनियां ऑनलाइन इंटरव्यू के जरिये उम्मीदवारों का चयन कर रही हैं। जॉब मार्केट में इस संदर्भ में स्काइप काफी लोकप्रिय है। अमेरिका में लगभग 80 प्रतिशत कंपनियों में ऐसे माध्यमों से इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

इसी तरह सुरक्षित ऑनलाइन बातचीत के लिए आईफोन पर मौजूद एप फेस टाइम भी एक लोकप्रिय डिजिटल माध्यम है। फेस टाइम पर की गई बातचीत गोपनीयता की दृष्टि से बेहतर है, लेकिन फेस टाइम पर केवल आईफोन यूजर्स ही बात कर सकते हैं। यानी इस पर संवाद के लिए नियोक्ता और उम्मीदवार दोनों के पास आईफोन होना चाहिए। कई कंपनियों ने वीडियो इंटरव्यू को आगे बढ़ाते हुए सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं। आरआईयूएस (राइअस), किराटेलेंट और ताजियो जैसे प्लेटफॉर्म सवाल रिकॉर्ड करने और किसी भी समय उनके जवाब जांचने और उन्हें दूसरों से शेयर करने की सहूलियत देते हैं।

गेमिफिकेशन

आज ऑनलाइन वीडियो गेम की टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से नियोक्ता उम्मीदवार के व्यक्तित्व व क्षमता को आंक कर कंपनी के अनुकूल उम्मीदवारों का चयन कर पा रहे है। चयन प्रक्रिया को खेलनुमा परिस्थितियों से जोड़कर इंटरव्यू को मजेदार प्रक्रिया में बदला जा रहा है। इस तरह कंपनियों को न सिर्फ उम्मीदवार के स्वभाव और क्षमता को आंकने का बेहतर प्लेटफॉर्म मिलता है, बल्कि वे इस तरह खुद की भी ब्रांडिंग कर रही होती हैं।

आज कई कंपनियों ने इंटरव्यू प्रक्रिया को गेमिफिकेशन से जोड़ा है। मरियट कंपनी एक ऐसा ही उदाहरण है, जिसके नियोक्ताओं ने माई मरियट होटल नाम का एक वर्चुअल गेम बनाया है। इसका मकसद हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में करियर बनाने वाले उम्मीदवारों को आंकना है, ताकि नियोक्ता पद की जरूरत के अनुरूप उम्मीदवारों की क्षमता का पता लगाया जा सके।

ध्यान रखें ये बातें

                                    

ऑनलाइन वीडियो चौट सर्विसेज, जैसे, कि स्काइप पर इंटव्यू के दौरान मोबाइल के कैमरे को इस तरह से सेट करें कि फ्रेम में आपके पेट से ऊपर तक का हिस्सा ही आए। आपकी आवाज स्पष्ट आनी चाहिए। अगर आपको कोई संदेह हो, तो अच्छा हैंडसेट ले लें। खराब आफन पर बात करने से नियोक्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ध्यान रखें कि आप जहां बैठकर इंटरव्यू दे रहे हैं, यहां रोशनी न तो बहुत ज्यादा हो और न ही बहुत कम। अगर चश्मा पहनते हैं, तो इंटरव्यू के दौरान उसे अलग रख दें।

पहले कर लें अभ्यास

चूंकि नियोक्ता आपसे ऑनलांइन रूबरू हो रहा है, इसलिए इंटरव्यू की रिहर्सल बहुत जरूरी है। कई लोग ऑनलाइन वातचीत के दौरान आई कॉन्टैक्ट नहीं बना पाते हैं, इसलिए एक बार किसी दोस्त से बात करके देख लें। चाहे इंटरव्यू ऑनलाइन ही क्यों न हो, पहनावे का विशेष ध्यान रखें। नियोक्ता स्क्रीन पर आपके कपड़ों पर भी ध्यान देता है।

रिज्यूमे को पढ़ लें

इंटरव्यू भले ही ऑनलाइन हो, फिर भी अपने रिज्यूमे को बेहतर ढंग से जांच-परख लें। उसमें अपनी योग्यता और उपलब्धियों के बारे में जो भी बताया है, उस पर अच्छी तरह ध्यान दें। सवाल उससे संबंधित ही पूछे आते हैं। आप इंटरव्यू के लिए इससे जुड़े सवाल भी अच्छी तरह से तैयार कर लें। जब भी ऐसे वीडियो इंटरव्यू का मौका आए, तो इंटरव्यू से पहले आसपास का माहौल बिल्कुल शांत बना लें, वरना दोनों ही तरफ से असुविधा हो सकती है। रेडियो, टीवी, म्यूजिक सिस्टम आदि को पूरी तरह से ऑफ कर दें और किसी भी व्यक्ति को आपने पास बैठने न दें।

ऑनलाइन स्किल टेस्टिंग वेबसाइट्स

एक सर्वे के अनुसार अगले 10 सालों में सॉफ्टवेयर डेवलपर्स की नौकरियों में 22 फीसदी तक इजाफा होने की उम्मीद है। ऐसे में जिन नियोक्ताओं को कोडिंग टेक्नीक्स की समझ नहीं है, वे CODEPEN.io, Hackerrank, potknox जैसे टेस्टिंग सॉफ्टवेयर के जरिये उम्मीदवार की क्षमता का आकलन ऑनलाइन टेस्टिंग के जरिये कर रहे हैं। ये वेबसाइट्स खुद ही जांच कर बता सकती हैं कि कौन सा उम्मीदवार बेहतर कर रहा है।

सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट्स

  • आज ट्विटरव्यू (ट्विटर के जरिये इंटरव्यू) ने नियोक्ता को महज 140 शब्दों के रिज्यूम के जरिये उम्मीदवार को जांचने की ताकत दी है।
  • इसी तरह फेसबुक, ट्विटर और लिंक्डइन जैसे सोशल प्लेटफॉर्म के जरिये आज नियोक्ता लाखों उम्मीदवारों तक नौकरी के अवसर की जानकारी पहुंचा रहा है। इनसे चयन प्रक्रिया आसान और अवसरों के और अधिक विकल्प बने हैं।
  • लिंक्डइन वेबसाइट 130 से अधिक क्षेत्रों की हजारों कंपनियों से जुड़ी है। यह अपने यूजर्स को अपने पेशे के लोगों से संपर्क साधने और नौकरी नौकरी की खोज को आसान बनाने में मदद कर रही है। यह प्लेटफॉर्म नियोक्ता और उम्मीदवार को संवाद का बेहतर माहौल दे रहा है।
  • क्रेगलिस्ट ऑनलाइन जॉब्स बताने वाले विज्ञापन की तरह है, जहां उम्मीदवार की रेज्यूमे जमा करने की भी जरूरत नहीं पड़ती।
  • 67% एचआर विभाग के यात्रा खचों में कमी आई, जब पारंपरिक इंटरव्यू की जगह वीडियो इंटरव्यू को चुना गया।
  • 70% नियोक्ता कार्यक्षेत्र में गेमिफिकेशन को अपना रहे हैं या अपनाने की योजना पर काम कर रहे हैं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।