स्मार्ट स्टडी के साथ ही सेल्फ ग्रोथ भी बेहद जरूरी      Publish Date : 01/05/2026

स्मार्ट स्टडी के साथ ही सेल्फ ग्रोथ भी बेहद जरूरी

                                                                                                          प्रो0 आर. एस. सेंगर

पिछले वर्ष 2025 में लगभग 2.95 लाख विद्यार्थियों ने कामन एडमिशन टेस्ट (कैट) परीक्षा के लिए आवेदन किया था, जो यह दर्शाता है कि प्रबंधन शिक्षा के प्रति युवाओं का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इस संख्या का एक दूसरा पहलू यह भी है कि प्रतिस्पर्धा का निरंतर बढ़ता स्तर। जैसे-जैसे कैट की तिथि नजदीक आती है, अधिकांश एमबीए अभ्यर्थी तनाव, आत्म-संदेह और अस्थिरता का अनुभव करते हैं। ऐसे समय में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि आपके सोचने का तरीका और आत्म-प्रबंधन भी आपकी सफलता में योगदान करता है। इसके लिए आपको अभी से नीचे दी गई कुछ चीजों को जरूर फालो करना चाहिए, जैसे किः

सिलेवस से आगे की तैयारी: कैट मूलतः आपकी निर्णय लेने की क्षमता, मानसिक दृढ़ता और आत्म जागरूकता की परीक्षा है। इसलिए तैयारी को केवल अपने सिलेबस तक सीमित रखना एक बड़ी भूल हो सकती है। सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि हर दिन ‘कितना पढ़ा’ से ज्यादा महत्वपूर्ण है ‘कैसे सोचा और कितना समझा’। यदि आप हर दिन एक समस्या को अलग दृष्टिकोण से हल करने का प्रयास करते हैं तो आप अपने मस्तिष्क को चुनौती देते हैं और नए समाधान खोजने के लिए प्रयास करते हैं, लेकिन नया कैसे सोचें? युवा इस सोच को ‘आउट आफ द बाक्स’ कहते हैं।

                                     

रिवर्स लर्निंग से आएगा नया विचारः कैट में सफलता के लिए आउट आफ द बाक्स सोचने का एक प्रभावी तरीका है ‘रिवर्स लर्निंग’। सीखते तो हम सभी हैं, किंतु सामान्यतः हम प्रश्न हल करते हैं और फिर उत्तर देखते हैं, लेकिन कभी-कभी उत्तर को देखकर प्रश्न बनाने की कोशिश करें। इससे आपकी अवधारणाएं मजबूत होंगी और आप परीक्षा में अप्रत्याशित प्रश्नों से नहीं घबराएंगे। इसी तरह, माक टेस्ट को केवल स्कोर का माध्यम न मानें, बल्कि उसे व्यावहारिक प्रयोगशाला की तरह लें, जहां आप अपनी रणनीति, समय प्रबंधन और मानसिक स्थिति का परीक्षण कर सकते हैं।

अक्सर विद्यार्थी यह भूल जाते हैं कि कैट की तैयारी एक मैराथन है, स्प्रिंट नहीं। कई बार अभ्यास करते समय आपके उत्तर बार-बार गलत हो सकते हैं और आप निराशा भी अनुभव कर सकते हैं। ऐसे में प्रेरित और उत्साहित बने रहने के लिए छोटे छोटे मानसिक लक्ष्य बनाना जरूरी है। उदाहरण के लिए ‘आज मैं केवल 10 कठिन प्रश्नों को पूरी गहराई से समझूंगा और उन्हीं पर अपना ध्यान केंद्रित करूंगा’। यह दृष्टिकोण आपको थकान से बचाता है और आत्मविश्वास को भी धीरे-धीरे मजबूत करता है।

रोजाना पूछें खुद से ये सवालः इस परीक्षा के लिए रोजाना की पढ़ाई और अभ्यास के अलावा अपने आप से संवाद करना भी बेहद महत्वपूर्ण है। इस तरह रोजाना दिन के अंत में पांच मिनट निकालकर यह सोचें कि आपने क्या सीखा, क्या बेहतर कर सकते थे और कल के लिए क्या सुधार आवश्यक है।

                               

सभी सेक्शन को दें बराबर महत्वः आगामी कैट की तैयारी करते समय आप सभी सेक्शन को बराबर महत्व दें। यहां वर्बल एबिलिटी और रीडिंग काम्प्रिहेंशन आपको सिखाता है कि शब्दों के पीछे छिपे अर्थ को कैसे पकड़ा जाए, इसलिए यहां केवल पढ़ना नहीं, बल्कि ‘समझकर पढ़ना’ आपकी सबसे बड़ी ताकत बनता है। डाटा इंटरप्रिटेशन और लाजिकल रीजनिंग आपके धैर्य और नए तरीके से सोचने की क्षमता के बारे में है और यहां जल्दी नहीं, सही सोचना ज्यादा मायने रखता है।

वहीं, क्वांटिटेटिव एप्टीट्‌यूड आपको आपके सभी विषयों के आधार पर आंकता है। जितनी स्पष्टता आपको थ्योरी और कान्सेप्ट की होगी, उतना ही कम आपको याद करना पड़ेगा, क्योंकि आप स्वयं ही प्रश्न से संबंधित कान्सेप्ट समझ सकेंगे। इस प्रकार, वर्बल एबिलिटी और रीडिंग काम्प्रिहेंशन आपकी जिज्ञासा को निखारता है, डाटा इंटरप्रिटेशन और लाजिकल रीजनिंग आपका रणनीतिक सोच को और क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड आपकी तार्किक मजबूती को। इसलिए केवल हर सेक्शन को ‘कवर’ करने पर नहीं, बल्कि हर सेक्शन से एक नया सोच विकसित करने का प्रयत्न कीजिए।

डिजिटल उपकरणों से रहें दूरः अपनी तैयारी के दौरान हर दो-तीन घंटे की पढ़ाई के बाद 10 मिनट के लिए सभी डिजिटल उपकरणों से दूर रहे और केवल अपने विचारों को लिखें। यह आपकी एकाग्रता को ताजा करता है और मानसिक स्पष्टता देता है। इसी तरह, किसी विषय को किसी और को सिखाने की कोशिश करें- चाहे वह दोस्त हो या काल्पनिक श्रोता। यह तकनीक आपकी समझ को कई गुणा मजबूत करती है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।