
हाई स्किल्ड की डिमांड Publish Date : 31/03/2026
हाई स्किल्ड की डिमांड
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
“ओरेकल के एक अनुमान के मुताबिक, दुनियाभर में क्लाउड कंप्यूटिंग सिस्टम मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2026 तक यह 200 बिलियन डॉलर का हो जाएगा। भारत में डिजिटल ग्रोथ के साथ कंपनियां तेजी से क्लाउड कंप्यूटिंग सिस्टम को अपना रही हैं, ऐसी स्थिति में आने वाले दिनों में इस फील्ड में हाई-स्किल्ड लोगों के लिए बड़ी संख्या में जॉब आने की उम्मीद है”।
आइटी फील्ड में रिलेटेड क्लाउड कंप्यूटिंग क्षेत्र का भारत में तेजी से विस्तार हो रहा है। जिनीव की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 तक भारत क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में 20 बिलियन डॉलर खर्च करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका से बाहर भारत क्लाउड कंप्यूटिंग का एक बड़ा बाजार है। यहां बेंगलुरु क्लाउड कंप्यूटिंग से संबंधित जॉब के लिए झॉट डेस्टिनेशन है। दरअसल, टेक्नोलॉजी ने कंप्यूटर का ज्यादातर काम ऑनलाइन कर दिया है। क्लाउड कंप्यूटिंग से बिना बड़ा सेटअप लगाए ही कंप्यूटर से संबंधित बड़े काम आसानी से किए जा सकते हैं। इसके अलावा, आजकल क्रॉस प्लेटफॉर्म भी चलन में है बानी एक ही काम मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर तीनों पर किया जा सकता है। ये सब क्लाउड कंप्यूटिंग की वजह से ही संभव है। इसलिए इसे भविष्य की टेक्नोलॉजी भी कहा जाता है। आने वाले दिनों में क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में आइटी आर्किटेक्ट, क्लाउड सॉफ्टवेयर, सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट, टेक्निकल कंसल्टेंट जैसी नौकरियों की भरमार हो सकती है।
क्या है क्लाउड कंप्यूटिंग

क्लाउड एक तरह का नेटवर्क है। कंपनियां अपना डाटा स्टोर करने के लिए क्लाउड रेंट पर लेती है। इन्हीं क्लाउड को मैनेज करना क्लाउड कंप्यूटिंग में आता है। क्लाउड कंप्यूटिंग अपनी जरूरत के अनुसार सर्विस देने वाली कंपनी के कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग कर सकती है। एक तरह से कंप्यूटर में बिना कोई एक्स्ट्रा हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर डाले अपनी जरूरत के मुताबिक अच्छे और महंगे इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए महीने में आप से चार्ज लिया जाता है। गूगल, आईबीएम, माइक्रोसॉफ्ट कुछ प्रमुख क्लाउड कंप्यूटिंग सर्विस से जुड़े बड़े प्रोवाइडर्स हैं।
किसकी होती है डिमांड
क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में बीटेक (कंप्यूटर साइंस या फिर आइटी) पोलिवर की ज्यादा डिमांड होती है। अगर आपके पास बीसीए की डिग्री है, तो इस फील्ड में करियर बनाने के लिए सर्टिफिकेशन कोर्स करना पड़ेगा। आमतौर पर अब देखा गया है कि आइटी फील्ड में एप्लिकेशन क्रिएट करने के लिए फ्रेमवर्क्स डॉट नेट और प्रोग्रामिंग लैंग्वेज, जैसे- जावा का इस्तेमाल होता है, लेकिन क्लाउड एप्लिकेशन को लिखने के लिए नए फ्रेमवर्क्स, जैसे- स्प्रिंगसोर्स, रूबी आदि की जरूरत होती है। जो लोग आइटी फील्ड में पहले से ही जॉब कर रहे है, तो इस फील्ड में सर्टिफिकेट कोर्स करके आगे बढ़ सकते हैं। आमतौर पर सर्टिफिकेशन कोर्स एक माह से एक साल तक का होता है। इस फील्ड में प्रोग्रामिंग लैंग्वेज, जैस- जावा, सी, सी, पायथन, जावा स्क्रिप्ट, पीएचपी, एचटीएमएल में ट्रेड लोगों को जॉब मिलने में आसानी होती है।
जॉब प्रोफाइल
क्लाउड कंप्यूटिंग की शुरुआत तकरीबन वर्ष 2005 में हुई थी। इस फील्ड में आपका प्रोफाइल कुछ इस तरह का हो सकता है:-
क्लाउड स्पेशलिस्ट: इस फील्ड में क्लाउड स्पेशलिस्ट के तौर पर करियर बना सकते हैं। अगर आपके पास स्पेसिफिक क्लाउड कंप्यूटिंग (सर्टिफिकेशन) स्किल, जैसे अमेजन वेब सर्विसेज (ऐंडब्ल्यूएस) या फिर गूगल ऐप इंजन डेवलपमेंट स्किल है, ती आप उन कंपनियों में जॉब पा सकते हैं, जो यह क्लाउड सर्विस प्रोवाइड करती है। यहां कॉन्फ़िगरेशन, डेवलपमेंट और ऑपरेशंस से जुड़े कार्य करने होते हैं।
क्लाउड आर्किटेक्चर: क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में क्लाउड कंप्यूटिंग से जुड़े पेशेवर के लिए खूब मौके सामने आने लगे हैं। ऑर्गेनाइजेशन में क्लाउड आर्किटेक्चर या नेटवर्क इंजीनियर के तौर पर कार्य कर सकते है। यहां आमतौर पर नेटवर्क डिजाइन और डेवलपमेंट से जुड़े कार्य करने होते हैं। साथ ही, क्लाउड सॉल्यूशन की सिक्योरिटी की जिम्मेदारी भी होती है।
इंटरप्राइज क्लाउड आर्किटेक्टः अगर आप इंटरप्राइज क्लाउड आर्किटेक्ट के तौर पर करियर बनाना चाहते हैं, तो स्पेसिफिक क्लाउड स्किल के साथ क्लाउड आर्किटेक्ट की जानकारी जरूरी है। वहां डिजाइन और एप्लिकेशन फ्रेमवर्क को मैनेज करने के साथ-साथ ऑपरेशंस से जुड़े कार्य भी करने हंगि। डेवलपर्स और आर्किटेक्ट के रूप में न केवल आपको आइटी एसेट्स को डेवलप करना होता है, चल्कि आइटी एसेट्स के आर्किटेक्ट और मेंटिनेंस की जिम्मेदारी भी होती है।
इंटीग्रेशन स्पेशलिस्ट: क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में इंटीग्रेशन स्पेशलिस्ट का काम डेवलपमेंट और मेटिनेंस से जुड़ा होता है। इसके अलावा ऑर्गनाइजेशन की प्रोडक्टिविटी को आगे ले जाने की जिम्मेदारी होती है।
क्लाउड मार्केटिंग मैनेजर: जो मार्केटिंग और सेल्या में करियर बनाना चाहते हैं, वे क्लाउड कंप्यूटिंग में जॉब की तलाश कर सकते हैं, यहां उन लोगों के लिए अच्छा मौका है, जिनके पास एमबीए की डिग्री होती है।
जॉब संभावनाएं

आइटी के क्षेत्र में भर्ती करने वाली फर्म मैनपावर ग्रुप इंडिया के आउटलुक सर्वे के अनुसार, मार्च 2017 तक आइटी सेक्टर में नई भर्तियों की बेहतर संभावनाएं हैं। सबसे ज्यादा भर्तियां दक्षिणी क्षेत्र में होने की उम्मीद है। इस क्षेत्र में एंप्लॉयमेंट आउटलुक 34 फीसदी है, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में वह संभावना 20 फीसदी हैं। मैनपावर ग्रुप इंडिया के मुतातिक, आइटी सेक्टर में नए एंप्लॉयमेंट की काफी संभावनाएं हैं। चूंकि डाटा स्टोर करने वाली कंपनियों में बड़े पैमाने पर क्लाउड कंप्यूटिंग जानने वाले एक्सपर्ट्स की डिमांड हैं।
ऐप्पल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अगेजन जैसी दिग्गज कंपनियां एक्सपर्ट्स को रिकूट कर रही है। इस बहते जॉब मार्केट में कंपनियों को फिलहाल पर्याप्त संख्या में स्किल्ड लोग नहीं मिल रहे हैं। अभी कंपनियों को क्लाउड से जुड़े स्पेशलिस्ट को आटसोर्स करना पड़ रहा है और फिर उन्हें खुद ही ट्रेनिंग देनी पड़ रही है। एक स्टडी के अनुसार, आइटी- आइटीईगस, टेलिकॉम, बैंकिंग व फाइनेंस इंस्टीट्यूट्स आदि प्रमुख उपभोक्ता होंगे।
सैलरी पैकेज
क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में सैलरी काफी अच्छी है। यहां एंट्री लेवल पर ही आपकी सैलरी 3-4 लाख रुपये सालाना हो सकती है। अगर आपके पास 5-6 वर्ष का वर्क एक्सपीरियंस है, तो सैलरी 15-20 लाख रुपये सालाना हो सकती है। इस फील्ड में मिड-लेवाल एग्जीक्यूटिव की सैलरी करीब 20 लाख रुपये सालाना होती है।
क्लाउड कंप्यूटिंग से जुड़े प्रोग्राम्स
• आईवीएम सर्टिफाइड सॉल्यूशन एडवाईजर।
• क्लाउड कंप्यूटिंग आर्किटेक्चर।
• आईवीएम सर्टिफाइड सॉल्यूशन आर्किटेक्ट।
• व्लाउड कंप्यूटिंग इंग्रास्ट्रक्बर माइलोसॉफ्ट लर्निंग।
• गूगल ऐप्स सर्टिफाइड डिप्लॉयमेंट स्पेशलिस्ट।
• वीएमवेयर सर्टिफाइड प्रोफेशनास, वौसीपी।
• सर्टिफाइड क्लाउड प्रोफेशनल्स (सीसीपी)।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
