
कुछ दिन बाकी इन बातों का रखें ध्यान Publish Date : 16/01/2026
कुछ दिन बाकी इन बातों का रखें ध्यान
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
भारत में असिस्टेंट प्रोफेसर और जूनियर रिसर्च फेलो बनने की इच्छा रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए यूजीसी नेट परीक्षा में सफलता प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक होता है, क्योंकि यही परीक्षा उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में प्रवेश का प्रमुख माध्यम मानी जाती है। यूजीसी नेट (दिसंबर) 2025 की परीक्षा अब नजदीक आ चुकी है, जो 31 दिसंबर, 2025 से 7 जनवरी, 2026 के बीच आयोजित की जाएगी। ऐसे में, जब परीक्षा में लगभग दस दिन का समय शेष रह गया है, अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी को अंतिम चरण की तैयारी के लिए एक सुनियोजित रणनीति अपनानी चाहिए। पूरे सिलेबस को सही तरीके से दोहराना और पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्रों का नियमित अभ्यास करना बहुत जरूरी है। इससे समय का सही उपयोग होगा और अच्छा प्रदर्शन किया जा सकेगा।
परीक्षा का प्रारूप

यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन होगी। इसमें कुल दो प्रश्न-पत्र होंगे, जो वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पी) प्रकार के होंगे, और दोनों के लिए संयुक्त रूप से तीन घंटे का समय निर्धारित होगा। प्रथम प्रश्न पत्र 100 अंकों का होगा, जिसमें कुल 50 प्रश्न होंगे। द्वितीय प्रश्न-पत्र 200 अंकों का होगा, जिसमें कुल 100 प्रश्न होंगे। यह प्रश्न-पत्र यूजीसी द्वारा निर्धारित 83 विषयों में से चयनित किसी एक विषय पर आधारित होगा।
मानक पुस्तकों से अध्ययन करें
प्रथम प्रश्न-पत्र सामान्य प्रकृति का होता है, जिसमें शिक्षण अभिरुचि एवं शोध, रीजनिंग, रीडिंग क्षमता, कॉम्प्रिहेंशन और सामान्य जागरूकता से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इसकी तैयारी करना अपेक्षाकृत आसान होता है। इसके लिए पाठ्यक्रम के प्रत्येक टॉपिक से जुड़ी मानक पुस्तकों का अध्ययन और विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्नों का अभ्यास करना पर्याप्त है। थोड़े प्रयास से प्रथम प्रश्न-पत्र के 35 से 40 प्रश्न आसानी से हल किए जा सकते हैं।
सतही अध्ययन से बचें
द्वितीय प्रश्न-पत्र में चयनित विषय से संबंधित परास्नातक स्तर के कुल 100 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनकी प्रकृति जटिल होती है। इसकी तैयारी के लिए यूजीसी पाठ्यक्रम के अनुसार स्नातक व परास्नातक स्तर की मानक पुस्तकों का गहन अध्ययन जरूरी है। सतही अध्ययन से बचना आवश्यक है। प्रत्येक टॉपिक के अध्ययन के बाद विगत वर्षों के प्रश्न पत्रों के साथ-साथ प्रैक्टिस पेपर हल करना लाभदायक होता है। साथ ही, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध अध्ययन सामग्री भी सफलता में काफी मददगार साबित होती है।
शॉर्ट नोट्स पढ़ते चलें
परीक्षा की अंतिम तैयारी के समय घबराना सामान्य है, क्योंकि सफलता के दबाव में यह मानसिक स्थिति अधिकांश परीक्षार्थियों की होती है। इसलिए चिंता करने की जरूरत नहीं होती। इस समय पहले से तैयार टॉपिक का बार-बार रिवीजन करना जरूरी है, ताकि परीक्षा में भ्रम न हो और याददाश्त ताजा रहे। बचे हुए दिनों में दोनों प्रश्न-पत्रों के शॉर्ट नोट्स देखकर तैयारी करें और जो टॉपिक अब तक नहीं पढ़े हैं, उन्हें छोड़ देना बेहतर है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
