
करियर चुनने से पहले तय करें प्राथमिकताएं Publish Date : 14/01/2026
करियर चुनने से पहले तय करें प्राथमिकताएं
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
“कभी-कभी ऐसा होता है कि आपको अपनी मंजिल का पता होता है और वहां तक पहुंचने का रास्ता भी। आप पूरे मनोयोग से उस राह पर बढ़ते हुए मंजिल तक पहुंचते भी हैं। मगर वहां पहुंचकर एकाएक आपको एहसास होता है कि आपकी मंजिल तो यह थी ही नहीं। मतलब यह कि आपको रास्ता पहचानने में ही नहीं, अपनी मंजिल पहचानने में भूल हुई है। आपके जेहन में मंजिल का तसव्वुर ही गलत था। ऐसे में आपके पास कोई रास्ता नहीं बचता क्योंकि अब न तो आप वापसी का रूख कर सकते हैं और न इस रास्ते पर आगे बढ़ने की सोच सकते हैं। ऐसे में आप खुद को कोसते हैं और अपने लिए हुए फैसले पर पछताते हैं। आपके साथ ऐसा न हो, इसलिए बहुत जरूरी है कि आप अपनी प्राथमिकताएं पहले ही तय कर लें।
हमारी शिक्षा प्रणाली में बारहवीं करियर का बहुत अहम पड़ाव होता है। इसके बाद करियर की अनेक राहें खुलती हैं। वैसे भी आज का दौर उस जमाने जैसा नहीं रहा, जब करियर निर्माण के गिने-चुने ही रास्ते हुआ करते थे। ऐसे में बच्चों के मन में कशमकश होना तो लाजमी ही है कि वे किस क्षेत्र में अपना करियर बनाएं।
आत्मसंतुष्टि
हम किसी भी काम में अपना बेस्ट तब तक नहीं दे पाते, जब तक उसमें हमें आत्मसंतुष्टि का आभास न हो। जिंदगी में प्रसिद्धि और पैसा ही सबकुछ होता है या आत्मसंतुष्टि भी मायने रखती है। इस बात का निर्णय आपको खुद ही लेना है। वैसे भी भले ही हम कितना भी पैसा कमा लें या किसी भी बड़े ओहदे पर पहुंच जाएं लेकिन आत्मसंतुष्टि नहीं होगी तो उस काम में हमें कभी भी खुशी नहीं मिलेगी। अगर आप किसी के बहकावे में आकर या किसी की नकल करके किसी ऐसे करियर का चयन कर लेंगे जिसमें आत्मसंतुष्टि ही न हो तो उसमें सफलता हासिल करना बहुत मुश्किल होगा। इसलिए ऐसा करियर चुनें जो आपको आत्मसंतुष्टि प्रदान करें।
माता-पिता की राय
किसी भी निर्णय पर पंहुचने से पहले माता-पिता की राय लेना बहुत अहम है। अवसर जब भी हम किसी दुविधा में होते हैं तो पैरेंट्स ही हमें उस मुश्किल से निकालने का आसान रास्ता बताते हैं। आखिरकार, वह हमें हमसे ज्यादा अच्छी तरह समझते हैं। जब हम छोटी-छोटी बातों में उनकी राय लेते हैं तो यह तो जिंदगी का बहुत अहम् फैसला है, इसमें उन्हें जरूर शामिल करें। अगर आप उनकी राय से सहमत नहीं है तो अपने विचार उन्हें अवश्य बताएं। साथ ही आपकी पसंद के कोर्स की खूबियों के बारे में चर्चा करें।
पैसा भी है जरूरी
माना कि जिंदगी में पैसा ही सबकुछ नहीं होता। लेकिन इससे पैसे की अहमियत तो कम नहीं आंकी जा सकती। इसलिए किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पहले यह सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है कि आप जिस क्षेत्र में करियर बना रहे हैं, वहां भविष्य में आपको आपकी उम्मीद के अनुसार पैसे मिलेंगे या नहीं। साथ ही किसी खास करियर विकल्प को चुनने से पहले अपनी व अपने परिवार की आर्थिक सामर्थ्य जरूर देख लें। अन्यथा आपको मंहगे करियर विकल्प में प्रवेश लेने के बाद पछताना पड़े।
कहां हैं रूचि

करियर की बात चले तो रूचियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सबसे पहले यह जानें कि आपकी रूचियां किस क्षेत्र में हैं। हर इंसान का अपना एक अलग व्यक्तित्व होता है जिसके अनुरूप वह अपने आसपास की चीजों के प्रति एक खास रवैय्या रख पाने के काबिल होता है। ऐसा देखने में आता है कि दुनिया में सबसे अधिक वही व्यक्ति सफल होते हैं जो अपनी हॉबी या शौक को ही अपना करियर बनाते हैं।
ऐसा काम करते हुए वे कभी बोर नहीं होते, बल्कि घंटों काम करने के बाद भी वे उतने ही खुश और उर्जा से भरपूर बने रहते हैं। वैसे, अपनी रूचि के काम को सीखने में ज्यादा मेहनत की जरूरत भी नहीं पड़ती।
नौकरी या कॉलेज लाइफ
यह तय करें कि आप बारहवीं के बाद सीधे नौकरी करना चाहते हैं या पहले कॉलेज लाइफ का लुत्फ उठाना चाहते हैं। आजकल ऐसे बहुत से प्रोफेशनल कोर्सेस चलन में है जिसमें दाखिला लेने के बाद आप सीधे अपने मनपंसद फील्ड में करियर बना सकते हैं।
जब आप अपनी प्राथमिकताएं तय कर लें तो यह जरूरी है कि आप दृढ़ निश्चय के साथ चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए भी तैयार रहें। कई बार मुश्किलें हमारी सोच से बड़ी होती है। लेकिन यदि आपकी सोच सकारात्मक हो, तो किसी भी लक्ष्य को पाना असंभव नहीं है। सकारात्मक सोच वाले लोग खुद तो सफलता के नए मुकाम हासिल करते ही हैं, साथ ही दूसरों के लिए भी एक मिसाल बन जाते हैं।
दरअसल, सफल लोग अपने मस्तिष्क को इस तरह का बना लेते हैं कि उन्हें, हर चीज सकारात्मक व खूबसूरत लगती है। इस बात को हमेशा याद रखें कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
