
अच्छा लिखने के लिए पढ़ने की आदत जरूरी है Publish Date : 12/01/2026
अच्छा लिखने के लिए पढ़ने की आदत जरूरी है
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
“शब्दों का अपना संविधान होता है लिहाजा शब्दों के चयन में सावधान रहें, केवल सटीक और उचित शब्दों का ही इस्तेमाल करें”
प्रसिद्ध अमेरिकी बहुमुखी प्रतिभा के धनी बेंजामिन फ्रेंकलिन नें एक बार कहा था, "मरने के बाद यदि आप चाहते हैं कि लोगों द्वारा जल्दी भूले न जाएं, तो आप कुछ ऐसा लिखें जो पढ़ने लायक हो या कुछ ऐसा करें जो लिखने के लायक हो।" उपर्युक्त कथन से मानव जीवन में लिखने की कला का महत्व किसी आईने की तरह साफ हो जाता है।
किसी भी भाषा के विधा में लिखने की कला को सबसे कठिन माना जाता है। वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नों के उत्तर के साथ व्यक्तिगत जीवन में भी लिखने में शुद्धता और सटीकता काफी मायने रखती है। इसलिए शुद्ध रूप से लेखन कौशल को विकसित करने के लिए आपको इसके महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान देना आवश्यक है।
स्पष्ट एवं छोटे वाक्य लिखें

कोशिश करें कि जब तक आवश्यक न हो, साधारण शब्दों का ही इस्तेमाल करें, क्योंकि भारी-भरकम शब्दों से अभिव्यक्ति स्पष्ट नहीं हो पाती है। इसके अलावा जहां तक संभव हो छोटे वाक्य लिखने का प्रयास करें। छोटे वाक्य लिखने से कंटेंट को समझना आसान हो जाता है। साथ ही व्याकरण की गलतियां रहने की भी कोई संभावना नहीं रह जाती है।
छोटे पैराग्राफ बनाएं
छोटे पैराग्राफ में लिखने का प्रयास करें, क्योंकि लेखन के लिए बड़े पैराग्राफ अच्छे नहीं माने जाते हैं। इसके बारे में एक बेसिक नियम यह भी है कि हर नई बात को कहने के लिए एक नए पैराग्राफ की शुरुआत करें और जहां तक संभव हो एक्टिव वॉइस में ही लिखने का प्रयास करें।
नए विचारों को महत्व दें
अपने लेखन को आकर्षक बनाने के लिए लेख में महापुरुषों की सूक्तियों और नए विचारों को शामिल करें और उन्हें दोहराएं नहीं। क्योंकि दोहराए गए विचार लेख को नीरस बना देते हैं। इसके अतिरिक्त पाठक को घुमाएं नहीं, आप जो कुछ भी अपने लेख के माध्यम से कहना चाहते हैं उसे साफ व स्पष्ट शब्दों में लिखने का प्रयास करें और जब तक अनिवार्य न हो विदेशी भाषा के शब्दों का प्रयोग करने से बचें।
अपने लेख की स्वयं ही प्रूफ रीडिंग भी करें
किसी भी लेख का महत्व तब अधिक बढ़ जाता है, जब आप उसकी सही ढंग से एडिटिंग एवं प्रूफ रीडिंग भी करते हैं। इसलिए लेख लिखने के तुरंत बाद सबसे पहले लिखे हुए टेक्स्ट की ध्यानपूर्वक एडिटिंग और पूफ रीडिंग करें, क्योंकि इसके बिना कोई भी लेखन कार्य अधूरा होता है। लिखने से पहले सब्जेक्ट मैटर के बारे में भी रिसर्च करें, और आवश्यक जानकारियों का संग्रह अपने पास रखें।
विभिन्न विषयों को पढ़ें
लेखन कौशल को मजबूत करने के लिए विभिन्न विषयों पर आधारित पुस्तकों को पढ़ें। पढ़ना लेखन कला की सबसे पहली और महत्वपूर्ण सीढ़ी मानी जाती है। विभिन्न विषयों को पढ़ने से लेखन कला विकसित होती है, जिसकी मदद से आप एक अच्छा लेख लिख पाते हैं।
पढ़ने के साथ लिखने का अभ्यास

अन्य कलाओं की तरह लेखन कौशल में भी महारत अभ्यास से ही हासिल होती है। इसीलिए पढ़ने के साथ लिखने का अभ्यास भी निरंतर रूप से जारी रखें।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
