
'ड्रीम जॉब' पा लेना ही काफी नहीं Publish Date : 31/12/2025
'ड्रीम जॉब' पा लेना ही काफी नहीं
प्रोफेसर आर. एस. सेगर
“जो आपको हमेशा प्रेरित करे और खुद का विकास करने के मौके दे, वही आपका 'ड्रीम जॉब' हो सकता है”
ड्रीम जॉब पाना हर युवा का सपना होता है, जिसे साकार करने के लिए वह दिन-रात कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन कुछ समय बाद वही सपनों की नौकरी उसको उबाऊ लगने लगती है। उसे महसूस होने लगता है कि उसकी वर्तमान भूमिका, उसकी रुचि व कौशल से मेल नहीं खाती है।
असल में सपनों की नौकरी जैसी कोई चीज नहीं होती। खुद को संतुष्ट एवं सफल बनाने के लिए उन भूमिकाओं को पहचानना जरूरी होता है, जो आपको काम के प्रति अधिक जुनूनी बनाती हों। इसलिए अपनी ड्रीम जॉब चुनते समय उन नौकरियों को प्राथमिकता दें, जो आपकी रुचि के अनुरूप हों।
नौकरी बदलें या खुद को
आप अपनी ड्रीम जॉब पा लेते हैं और कड़ी मेहनत करते हैं। लेकिन फिर भी आप नौकरी में प्रेरणाहीन महसूस करते हैं, तो इसका मतलब यह है कि आप कहीं न कहीं नौकरी के जाल में फंसते जा रहे हैं। आप स्वयं को प्रेरणाहीन तब महसूस करते हैं, जब आप यह भूल जाते हैं कि नौकरी के लिए खुद की देखभाल कैसे की जाए। यह एक संकेत है कि अब आपको रुकना चाहिए और मूल्यांकन करना चाहिए कि नौकरी में ऐसे कौन-से बदलाव हैं, जो मुझे खुशी दे सकते हैं। आपको नई नौकरी की तलाश करने से पहले यह भी देखना होगा कि कमी नौकरी में है या आप स्वयं में?
कॅरियर गढ़ने की जिम्मेदारी आपकी

आप अपने कॅरियर के स्वयं वह निर्माता हैं, जो यह निर्धारित करते हैं कि आपका भविष्य कैसे सफल होगा और बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए आपको क्या-क्या प्रयास करने होंगे। किसी भी फैसले पर पहुंचने से पहले स्वयं से सवाल पूछें कि न्यूनतम प्रयास से आप क्या अच्छा कर सकते हैं और ऐसे कौन-से कौशल हैं, जिनकी मदद से आप कॅरियर में सफल हो सकते हैं? आत्म-मूल्यांकन के जरिये आप समझ जाएंगे कि ड्रीम जॉब पाना ही काफी नहीं है, बल्कि विकास के लिए आपको आत्म-सुधार एवं मेहनत करनी होगी।
भूमिकाओं को मूल्यों के साथ जोड़ें
यदि आपको महसूस हो रहा है कि किसी एक भूमिका में रहते हुए आप कुछ नया नहीं सीख रहे हैं, तो आपको उसमें बदलाव करना चाहिए। आपको समझना होगा कि आप नौकरी की फील्ड यानी अपने विशेषज्ञता क्षेत्र को नहीं बदल सकते हैं। लेकिन आप अपने अनुभव, पृष्ठभूमि, प्रतिभा और क्षमताओं को बेहतर करने के लिए नौकरी में कुछ बदलाव जरूर कर सकते हैं।
संतुलन नौकरी में भी जरूरी

कुछ लोग सपनों की नौकरी पाना ही जीवन के लक्ष्य को पा लेना समझते हैं और आगे बढ़ना, स्वयं का विकास करना और अपनी भूमिका में आगे बढ़ने के नए तरीके तलाशना बंद कर देते हैं। याद रखिए, आपको कंपनी द्वारा इसलिए चयनित किया गया था, क्योंकि कंपनी के लिए जरूरी योग्यताओं व कौशलों के साथ ही उन्हें आप में खुद के विकास के प्रति ललक दिखाई दी थी।
इसलिए अपनी नौकरी व खुद के विकास में संतुलन जरूर बनाएं। इससे आपको नई नई चीजें च सीखने का अवसर भी मिलता है, जो आपके कॅरियर के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
