
रूफटाप सोलर जाब के साथ उद्यमिता Publish Date : 29/12/2025
रूफटाप सोलर जाब के साथ उद्यमिता
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
देश में एनर्जी को दुनिया तेजी से बदल रही है। इसमें सौर ऊर्जा सबसे आगे है। सरकार पीएम सूर्य घर योजना जैसी योजनाओं के जरिए रिन्यूएबल एनर्जी के उत्पादन और उपयोग को आगे बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। इस वजह से अब घर की छतों पर सोलर पैनल लगाना केवल वातावरण के लिए ही अच्छा नहीं है, बल्कि यह रोजगार और आर्थिक विकास का भी एक बड़ा जरिया बन रहा है।नए रोजगार के ढेरों अवसरः इस बात में दोराय नहीं कि छत पर सौर ऊर्जा (रूफटाप सोलर) को बढ़ावा मिलने से रोजगार के मौके पैदा हो रहे हैं। गैलो सोलर के सीईओ जय के अनुसार, सौर ऊर्जा के पैनल, इनवर्टर और दूसरी चीजें बनाने से लेकर इस पूरे सिस्टम को डिजाइन करने, लगाने और उनकी देखभाल करने तक, स्किल्ड वर्कर्स की डिमांड बहुत बढ़ रही है।
इंडस्ट्री के अनुमानों के हिसाब से, देश के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में वर्ष 2030 तक करीब 10 लाख से ज्यादा ग्रीन जाब्स पैदा होने की उम्मीद है। इसमें रूफटाप सोलर का बड़ा योगदान होगा। यह बदलाव सिर्फ बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं है। जैसे-जैसे छोटे शहरों और कस्बों में भी घरों और कमर्शियल बिल्डिंगों में सोलर एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ रहा है, वैसे-वैसे इलेक्ट्रीशियन, टेक्नीशियन और प्रोजेक्ट मैनेजर जैसे लोकल रोजगार के मौके भीबढ़ रहे हैं। इसके अलावा, फाइनेंस और कस्टमर सपोर्ट से जुड़ी नौकरियों की मांग भी बढ़ रही है, क्योंकि कंपनियों को ऐसे लोगों की जरूरत है,जो लोगों को लोन, सब्सिडी और सिस्टम को चलाने में मदद कर सकें। देश में जैव ईंधन की स्वीकार्यता भी बढ़ रही है। इथेनाल सम्मिश्रण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में देश में ट्रेनें भी बिजली और डीजल इंजन की जगह हाइड्रोजन से चलेंगी। जाहिर है इससे भी विभिन्न स्तरों पर युवाओं के लिए करियर की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं।

करियर के नए रास्तैः भारत द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए और किफायती ईंधन सुनिश्चित करने के लिए जैव ईंधन, नवीकरणीय ऊर्जा और सौर ऊर्जा जैसे वैकल्पिक ऊर्जा क्षेत्रों में कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं। इससे रिन्यूएबल एनर्जी कई और करियर के रास्ते भी खोल रही है, जैसेरिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी): सौर ऊर्जा के पैनल, बैटरी और स्मार्ट ग्रिड की क्षमता को और बेहतर बनाने के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट का काम तेजी से चल रहा है। इस फील्ड में काम करने वाले साइंटिस्ट और इंजीनियर नई टेक्नोलाजी पर काम कर रहे हैं, ताकि सौर ऊर्जा को और भी असरदार और सस्ता बनाया जा सके। एनजी आडिटिंग एंड कंसल्टिंगः इस फोल्ड में एक्सपर्ट घरों और कंपनियों को उनको बिजली की खपत कम करने और सस्टेनेवल तरीके से ऊर्जा का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। यह एक ऐसा प्रोफेशन है, जहां आपको लोगों और कंपनियों की मदद करनी होती है, ताकि वे न सिर्फ पैसे बचा सकें, बल्कि पर्यावरण की भी रक्षा कर सकें।
प्रोजेक्ट फाइनेंसिंगः यह फील्ड उन लोगों के लिए है, जो सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए नए लोन, सब्सिडी और 'पे-पर-यूज' (जितना इस्तेमाल करो, उतना भुगतान करो) जैसे माडल बनाते हैं। इस काम में फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स को जरूरत होती है, जो लोगों के लिए सोलर पैनल लगाना आसान और किफायती बना सकें। में पालिसी और एडवोकेसीः इस करियर सरकारी पालिसी और नियमों को बनाने में मदद की जाती है, ताकि सौर ऊर्जा को और भी तेजी से अपनाया जा सके। सस्टेनेबिलिटी लीडरशिपः आज कई बड़ी कंपनियां पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं और अपने 'नेट-जीरो' टारगेट को पूरा करना चाहती हैं। इस काम में मदद करने के लिए सस्टेनेबिलिटी लीडरशिप के प्रोफेशनल्स सोलर एनर्जी को कंपनी के बिजनेस में शामिल करने की स्ट्रेटेजी बनाते हैं। इसका मतलब यह है कि युवाओं के लिए नौकरी के मौके अब सिर्फ ट्रेडिशनल इंजीनियरिंग या आइटी की नौकरियों तक हो सौमित नहीं हैं।

अब टेक्निकल, मैनेजमेंट और यहां तक कि सोशल साइंस की पढ़ाई करने वाले भी रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अपने लिए अच्छा काम ढूंढ सकते हैं।सरकार की पहल से बढ़ रहे मौकेः पीएम सूर्य घर योजना जैसी सरकारी पहल से लाखों भारतीय घरों में सोलर पैनल लगाने का काम आने वाले दिनों और भी तेजी से बढ़ेगा। इससे न सिर्फ लोगों के बिजली के बिल कम होंगे, बल्कि हजारों नए रोजगार भी पैदा होंगे। ये नौकरियां सोलर सिस्टम की ट्रेनिंग, सर्विसिंग और लंबे समय तक उनकी देखभाल से जुड़ी होंगी। प्रोफेशनल्स के लिए यह सिर्फ नौकरी नहीं है, बल्कि एक ऐसे सेक्टर में भविष्य के लिए तैयार करियर है, जो इनोवेशन और समाज पर सकारात्मक प्रभाव को साथ लाता है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
