
बैंक पीओ की तैयारी टारगेट बनाकर करें Publish Date : 22/12/2025
बैंक पीओ की तैयारी टारगेट बनाकर करें
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
“बैंक पीओ परीक्षा के लिए बेहतर स्ट्रेटेजी यह है कि आप सबसे पहले एक टारगेट फिक्स कर लें और उसमें सौ फीसदी प्रदर्शन करने की कोशिश करें। यदि आप इसमें कामयाब रहते हैं, तो परीक्षा में सफल हो सकते हैं।
इन दिनों हर युवा का रुझान बैंक की तरफ बढ़ता जा रहा है, क्योंकि प्रायः सभी बैंकों में आए दिन किसी न किसी पद के लिए रिक्तियां निकलती रहती हैं। सभी बैंकों को परीक्षा का पैटर्न लगभग एक जैसा रहता है। इस कारण इसकी तैयारी स्टूडेंट्स पहले से करते हैं। यदि आप भी बैंक में पीओ बनना चाहते हैं तो आपके लिए बेहतर विकल्प मौजूद हैं।
शैक्षिक योग्यता

इसके लिए किसी भी विषय से न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ ग्रेजुएशन अनिवार्य है अथवा यदि आप एमए हैं और स्नातक में 55 प्रतिशत अंक हैं, तो इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। सरकारी नियमानुसार आरक्षण के दायरे में आने वाले कैंडिडेट को छूट का प्रावधान है। इसके साथ ही कैंडिडेट के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कंप्यूटर लिटरेमी का सर्टिफिकेट होना भी आवश्यक है।
आयु सीमा
पीओ पदों के लिए उम्र सीमा, जनरल कैंडिडेट के लिए 21 से 30 वर्ष निर्धारित है। ओबीसी के लिए तीन वर्ष, एससी, एसटी अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम उम्र सीमा में पांच वर्ष तक छूट का प्रावधान है। समाज के विकलांग व्यक्तियों को दस वर्ष की छूट दी जाएगी।
सेलेक्शन प्रोसेड्योर
प्रोबेशनरी पदों के लिए दो चरणों में लिखित परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। प्रथम चरण के अंतर्गत ऑब्जेक्टिव टाइप के प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें रीजनिंग, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, जनरल अवेयरनेस और इंग्लिश से संबंधित प्रश्न होंगे। उसके बाद डिसक्रिष्टिव परीक्षा होगी। अंत में इंटरव्यू या ग्रुप डिस्कशन के लिए बुलाया जाएगा।
कैसे करें तैयारी

यदि आप बैंक परीक्षा में सफल होना चाहते हैं, तो सर्वप्रथम अपनी योग्यता को पहचानिए तथा उसके अनुरूप तैयारी आरंभ कर दीजिए। इसके लिए एक-एक पल का सदुपयोग करना शुरू कर दीजिए। आप इस भ्रम में कतई न रहें कि थोड़ी-सी तैयारों से भी अपनी सफलता सुनिश्चित की जा सकती है, क्योंकि परीक्षा में अभ्यर्थियों की संख्या सीट की अपेक्षा काफी अधिक होती है। आप बैंक की परीक्षा में तभी सफल हो सकते हैं, जब आप औरों से अलग तथा योजना के अनुरूप किसी कार्य को गंभीरता से पूरा करने की कोशिश करेंगे।
पहले प्रश्नों के पैटर्न को समझें
परीक्षा में सफल होने के लिए प्रश्नों के पैटर्न को समझाना बेहद जरूरी हो गया है, क्योंकि सभी बैंक अलग-अलग क्षेत्रों से संबंधित टेस्ट परीक्षा लेते हैं। पहले सभी बैंकों के परीक्षा का पैटर्न लगभग एक जैसा था, लेकिन अब जरूरत के अनुसार सभी बैंक इसमें चेंज करते रहते हैं। इस कारण आप जिस बैंक के पदों के लिए तैयारी कर रहे हैं, उसकी पूर्व परीक्षाओं में किस तरह के प्रश्न पूछे गए हैं, उनका अध्ययन अवश्य करें और इसी पैटर्न पर अपनी तैयारी को और आगे बढ़ाएं।
स्मार्ट स्ट्रेटेजी
अगर आपको इसमें सफल होना है, तो कम समय में अधिक से अधिक प्रश्न सही हल करने होंगे। इसके लिए निरंतर अभ्यास ही एकमात्र बेहतर विकल्प है। बेहतर स्ट्रेटेजी यह होगी कि आप खुद को परखें कि आप कितने प्रश्नों को एक्यूरेसी के साथ आसानी से हल कर सकते हैं। उदाहरण के लिए आपको 135 मिनट में 225 प्रश्न हल करने हैं, तो आपके लिए एक प्रश्न हल करने के लिए लगभग 36 सेंकेंड मिल रहे हैं। स्मार्ट स्ट्रेटेजी यह होनी चाहिए कि आप 225 प्रश्नों को हल करने के बजाय 190 प्रश्नों को हल करने का टारगेट बनाएं। लेकिन यह स्ट्रेटेजी तभी कारगर होगी, जब आप इसमें से 90 प्रतिशत प्रश्नों का सही जवाब दे पाएंगे।
टुकड़ों में बांटें
आपके लिए चार सेक्शन हैं और आपके पास यह विकल्प होता है कि आप इनमें से किसी भी सेक्शन को पहले हल कर सकते हैं। आपके लिए बेहतर होगा कि आप सबसे पहले जनरल अवेयरनेस के प्रश्नों को हल करें। इसमें अपेक्षाकृत प्रश्न सीधे और कम टाइम टेकिंग होते हैं। इसमें यह स्ट्रेटेजी बनाएं कि जो प्रश्न आपको आते हैं, उन्हें ही हल करें। यदि आपके पास 135 मिनट हैं, तो आप इसके लिए 20 मिनट का समय दे सकते हैं। अंग्रेजी के प्रश्नों को देखेंगे, तो उसमें 9-10 प्रश्न पैसेज से संबंधित होते हैं। इन्हें ही सबसे पहले हल करें।
इसमें थोड़ी मेहनत से पूरे अंक हासिल किए जा सकते हैं। उसके बाद अन्य प्रश्नों को हल करने की कोशिश करें। अंग्रेजी के लिए 25 मिनट से अधिक समय न दें। बचे हुए समय का उपयोग आप रीजनिंग और मैथ्स के लिए करें। इसमें समय अधिक लगता है और कुछ प्रश्नों के प्रॉसेस भी काफी लंबे होते हैं। आप सबसे पहले उन्हीं प्रश्नों को हल करें, जिसे अच्छी तरह से जानते हैं।
शुरुआत में किसी प्रश्न पर अधिक समय न व्यर्थ करें। अंग्रेजी दुरुस्त करने के लिए ग्रामर को पढ़ें तथा सभी बैंकों में पूछे गए पिछले दस वर्षों के प्रश्नों को हल करने की कोशिश करें। इससे आपको सहज अंदाजा लग जाएगा कि आपको अंग्रेजो के किस क्षेत्र को मजबूत करने की जरूरत है। अगर आपके आसपास सीनियर्स या शिक्षक हों, तो उनसे सलाह लेने में संकोच न करें। उनका अनुभव आपकी तैयारी को और बेहतर बना सकता है।
इंटरव्यू ओर जीडी की तैयारी
इंटरव्यू या जीडी का उद्देश्य अभ्यर्थी के व्यक्तित्व का संपूर्ण मूल्यांकन करना होता है। इसमें आप जो जानते हैं, उसे अच्छी तरह से बताएं। इंटरव्यू में सफल अभ्यर्थियों का यही कहना है कि पूछे गए प्रश्नों को भलीभांति सोच समझकर, टू दी प्वाइंट उत्तर देने की कोशिश करें। यदि आप उत्तर नहीं जानते हैं, तोअपनी असमर्थता जाहिर कर दें। आप यह सोचकर जाएं कि हर व्यक्ति हर प्रश्न का उत्तर नहीं दे सकता है। यदि इस सोच के साथ इंटरव्यू हॉल में प्रवेश करेंगे, तो आपको सफलता अवश्य मिलेगी।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
