
जब ऑफिस में तनाव सताए Publish Date : 14/12/2025
जब ऑफिस में तनाव सताए
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
कार्यस्थल पर छोटे-मोटे मनमुटाव होने सामान्य हैं, लेकिन अगर किसी जगह पर लगातार गलत व्यवहार और गैर-पेशेवर माहौल बन जाए, तो काम करना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में कई पेशेवर तनाव में आकर नौकरी छोड़ देते हैं। इसे रिवेंज क्विटिंग कहा जाता है, जहां कर्मचारी सिर्फ नया मौका पाने के लिए नहीं, बल्कि गलत व्यवहार का विरोध करने के लिए भी नौकरी छोड़ते हैं। ऐसी परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण जरूर होती हैं, लेकिन इन्हें संभालना मुश्किल नहीं है। अगर आप अपनी बात साफ और सम्मानजनक तरीके से रखने का अभ्यास करें, तो हालात काफी हद तक सुधर सकते हैं। इन छोटे-छोटे कदमों से आप अपने काम का अनुभव बेहतर बना सकते हैं और अचानक, भावनात्मक रूप से नौकरी छोड़ने जैसी स्थिति से बच सकते हैं।
शांत होकर स्थिति का मूल्यांकन करें
अचानक इस्तीफा देने के बाद नई नौकरी ढूंढने और नए माहौल में ढलने में समय और खर्च, दोनों बढ़ जाते हैं, और शुरुआत में आपकी उत्पादकता भी कम हो सकती है। साथ ही, ऐसे कदम से प्रबंधन को लगता है कि आप भावनाओं में आकर फैसले लेते हैं, जिससे विश्वास और आपकी पेशेवर छवि प्रभावित हो सकती है। इसलिए, किसी भी निर्णय से पहले शांत होकर स्थिति का मूल्यांकन करें और जरूरत पड़ने पर सलाह लें।
खुलकर बात करें

अगर आपको ऑफिस में अकेलापन और तनाव महसूस होता है, तो सहकर्मियों से बातचीत बढ़ाना और अच्छे संबंध बनाना मददगार होता है। जब आप अपने साथियों तथा वरिष्ठों से खुलकर बात कर पाते हैं, तो आप काम से ज्यादा जुड़ाव महसूस करते हैं। अपनापन होने से काम में रुचि बढ़ती है, रचनात्मकता आती है और तनाव भी कम होता है। इससे बर्नआउट की स्थितियां भी काफी हद तक टल जाती हैं।
वर्चुअली टीम से जुड़े
असली जुड़ाव तब बनता है जब कर्मचारी और संगठन दोनों एक-दूसरे को समझें और सहयोग करें। ऑफिस में मजबूत रिश्ते तनाव से बचाते हैं, और इसे सहयोग और अनौपचारिक नेटवर्किंग से बढ़ाया जा सकता है। अगर आप हाइब्रिड मॉडल में काम करते हैं, तो नियमित चेक-इन और वर्चुअल मीटिंग्स के जरिये टीम से जुड़े रहें। इससे अपनापन बढ़ता है। अगर फिर भी कोई मनमुटाव हो जाए, तो समय रहते बात करके हल निकालना बेहतर है, क्योंकि इससे विश्वास बना रहता है।
खुद को किसी से कमतर न आंकें

जब आपको लगता है कि आपकी मेहनत की कद्र नहीं हो रही, तो भीतर गुस्सा और निराशा बढ़ने लगती है। इससे नौकरी छोड़ने की इच्छा पैदा हो सकती है। लेकिन जब कार्यस्थल पर खुलकर फीडबैक देना और लेनां प्रोत्साहित किया जाता है, तो आप खुद को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करते हैं। ऐसे माहौल में आपके नौकरी छोड़ने की संभावना कम होती है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
