
केवल पढ़ना ही नहीं, बल्कि उसे याद रखना भी जरूरी है Publish Date : 10/12/2025
केवल पढ़ना ही नहीं, बल्कि उसे याद रखना भी जरूरी है
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
अच्छी याददाश्त प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ दैनिक जीवन के लिए भी बेहद जरूरी है-
भले ही आप परीक्षा की कितनी भी अच्छी तैयारी कर लें, लेकिन कई बार प्रश्न-पत्र हाथ में आते ही उत्तर याद नहीं आता। आखिर हमारे साथ ऐसा क्यों होता है कि बचपन की घटनाओं, दशकों पहले देखी गई जगहों या सुने गए गीतों को हम कभी नहीं भूल पाते? अच्छी याददाश्त पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षा, कॅरियर में सफलता के साथ-साथ दैनिक जीवन के लिए भी बेहद जरूरी है।
केवल सचेत रूप से समझी गई जानकारी ही मस्तिष्क द्वारा संग्रहीत की जाती है। एकत्रित जानकारी किसी भी समय पुनः प्राप्त की जा सकती है। कुछ यादें अल्पकालिक होती हैं। लेकिन लंबे समय तक रहने वाली यादें जीवन भर बनी रहती हैं। कल सुबह 10 बजे तक परीक्षा केंद्र पर पहुंचना है, यह एक अल्पकालिक स्मृति है। लेकिन भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे, यह दीर्घकालिक स्मृति है। याददाश्त बढ़ाने के लिए आप निम्न उपायों को भी अपना सकते हैं-
ध्यानपूर्वक पढ़ें

किसी भी जानकारी को याद रखने के लिए उसे समझना जरूरी है। एकाग्रता के साथ जोर से पढ़ना सबसे प्रभावी स्मृति रणनीतियों में से एक है। पढ़ने के बाद किताब को बंद करें और जानकारी को अपने शब्दों में दोहराएं। इससे आपको यह जानने में मदद मिलेगी कि आपकी याददाश्त में जानकारी सही है या नहीं। यदि नहीं, तो अधिक एकाग्रता के साथ दोबारा पढ़ें, हालांकि पढ़ने का कोई निर्धारित समय नहीं है, लेकिन मस्तिष्क सुबह के शांत वातावरण में अधिक जानकारी को अवशोषित और संग्रहीत करता है।
एक कहानी बनाएं
यदि आपको चीज़ों, घटनाओं की एक लंबी सूची याद रखने की जरूरत है, तो एक कहानी बनाएं, जिसमें उन्हें शामिल किया जाए। 1919 में जनरल डायर ने अमृतसर के जलियांवाला बाग में 400 लोगों का नरसंहार किया। उदाहरण के लिए काबुली वाला जो 19 अंजीर और 19 अंगूर बेचने आया था, उसे रास्ते में एक डेयरी मिल गई। जब वह उठने ही वाला था, तो 400 गोलियां चलीं। इस प्रकार की कल्पना से किसी कठिन तिथि, घटना, व्यक्ति का नाम स्वाभाविक रूप से लंबे समय तक याद रखा जा सकता है।
दोहराव की आदत डालें
यदि जानकारी का नियमित रूप से उपयोग नहीं किया जाता है, तो इसे पुनः प्राप्त करना मुश्किल हो जाता है। उदाहरण के लिए, दस साल पहले का आपका पुराना फोन नंबर। तनाव, अवसाद, उदासी भी अस्थायी रूप से याददाश्त को खराब कर सकती है। किसी भी बात का दोहराव आपके मस्तिष्क में जानकारी संग्रहीत करने में मदद करता है।
थोड़ा-थोड़ा करके पढ़ें
जल्दी में पढ़ना समाप्त न करें। नियमित टुकड़ों में अध्ययन करने से जानकारी को दीर्घकालिक स्मृति में स्थायी रूप से संग्रहीत किया जा सकता है।
मानसिक व्यायाम
मस्तिष्क को अच्छी तरह से काम करने के लिए पर्याप्त आराम की आवश्यकता होती है। इसलिए भरपूर नींद लें। पहेलियां, सुडोकू, शतरंज के खेल जैसे मानसिक व्यायाम याददाश्त बढ़ाने के लिए अच्छे हैं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
