
पहली नौकरी की तलाश में ध्यान रखें ये बातें Publish Date : 08/12/2025
पहली नौकरी की तलाश में ध्यान रखें ये बातें
प्रोफेसर आर.एस. सेंगर
अच्छी नौकरी की परिभाषा में बढ़िया वेतन, बड़ी कंपनी और पसंदीदा काम जैसे बिंदु शामिल किए जाते हैं। लेकिन विशेषज्ञों की मानें, तो फ्रेशर्स को इनके बीच बहुत सावधानी से चयन करना चाहिए। ताकि उनकी पहली जॉब उनके करियर विकास की गति को तेज करे, रोके नहीं। बता रहे हैं हमारे विशेषज्ञ, प्रोफेसर आर.एस. सेंगर-
पहली नौकरी की तलाश में हमेशा यह ध्यान रखें कि पहली नौकरी करियर ग्रोथ की गति को निर्धारित करने में अहम होती है। लेकिन, कभी साथियों की लगी शानदार सैलरी वाली जॉब, कभी खुद की जरूरतों आदि के चलते गलत चयन हो जाना स्वाभाविक है। जैसे कि करियर बिल्डर का एक सर्वे कहता है कि लगभग 72 फीसदी ऐसे फ्रेशर्स होते हैं, जो अपने अनुभव से ज्यादा की जॉब के लिए आवेदन करते हैं। इस तरह नौकरी पाने का संघर्ष वे खुद ही बढ़ा लेते हैं। ऐसे ही अनुपयुक्त चयन के खराब नतीजे बाद में सामने आते हैं। जब आप अपनी करियर ग्रोथ को बहुत धीमा पाते हैं। 2022 की एक रिपोर्ट में शामिल कर्मचारियों में लगभग 37 फीसदी कर्मचारी अपनी नौकरी छोड़ने की सोच रहे थे। और उन्होंने इसका कारण उनकी शुरुआती नौकरी के चयन में हुई गलतियों को माना। शुरुआती नौकरी चुनते समय चयन के लिए कुछ ऐसा नजरिया रखें-
सैलरी के लिए क्या हो नजरिया

एक ग्लोबल टैलेंट ट्रेंड्स रिपोर्ट के अनुसार 40 फीसदी के लगभग ग्रेजुएट्स नौकरी के प्रस्ताव में सैलरी को तरजीह देते हैं। शुरुआत में ही ज्यादा सैलरी से वित्तीय सुरक्षा और बेहतर जीवन स्तर मिलता है। लेकिन याद रखें।
नौकरी से संतुष्टिः बहुत संभव है कि ऐसी सोच के चलते आप अपनी रुचियों, लक्ष्यों या अपने व्यक्तित्व के विपरीत संस्कृति की कंपनी से जुड़ जाएं और वहां समायोजन ना कर पाने से आपका कार्य प्रदर्शन भी प्रभावित हो। आप उस नौकरी को छोड़ने की सोचने लगेंगे।
जल्दी सीखने की शर्तः यह मानकर चलिए कि अगर नियोक्ता आपको फ्रेशर होने के बावजूद उच्च वेतन पर रख रहा है, तो वह आपसे विविध भूमिकाओं या स्किल और जिम्मेदारियों को सीखने की अपेक्षा रखता है। हो सकता है आप इसके लिए तैयार ना हों और यह तनावपूर्ण नौकरी का बायस बन सकता है। सैलरी की बढ़ी अपेक्षारू शुरुआत में शानदार सैलरी पाने में सफल होने पर हो सकता है कि भविष्य में जॉब बदलने के साथ सैलरी बढ़ती ना दिखे। यह निराशा दे सकता है।
कंपनी के लिए ये याद रखें
आमतौर से बड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों की अपस्किलिंग पर काफी निवेश करती हैं। इसलिए आपको वहां सीखने के मौके खूब मिलते हैं। लेकिन-
भविष्य के लिए परेशानी: बड़ी कंपनियों में शुरुआती नौकरियों का वेतन कम हो सकता है। इससे वर्तमान में परेशानी हो सकती है। बड़ी कंपनियों में वातावरण बहुत प्रतियोगी होता है। खुद को भीड़ से अलग दिखाने में काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है।
इन पहलुओं पर विचार करें
नौकरी के प्रस्तावों के बारे में विचार करते समय इन बातों पर ध्यान दें:
- आपका करियर प्लान क्या है? क्या आप लंबी अवधि में अपने करियर के विकास पर ध्यान दे रहे हैं?
- क्या आप पर तुरंत कमाई का दवाव है, या क्या आप एक अच्छी कंपनी में मजबूत नींव बनाने में कुछ वर्षों का निवेश करने का समय दे सकते हैं?
- क्या आप तेज-तर्रार वातावरण में सफल होते हैं या अधिक सौम्य और सुव्यवस्थित कार्य संस्कृति पसंद करते हैं?
ये करें:

अच्छी कंपनी में बेहतर वेतन या तुरंत बढ़िया सैलरी पाने के बजाय सीखने और अपने स्किल डेवलपमेंट के अवसरों को प्राथमिकता देने से न डरें।
कामकाज की शैली भी महत्वपूर्ण
एक कंपनी के कामकाज का अपना तरीका हो सकता है। जैसे कोलैबोरेटिव कल्चर में टीम और कम्यूनिकेशन को बहुत अहम माना जाता है। वहीं कुछ कंपनियों में कोलैबोरेशन की संस्कृति के साथ कामकाज की तेज गति की चुनौती मिल सकती है, तो कुछ इनोवेटिव कल्चर की कंपनियां होंगी, जो रिस्क लेने और प्रयोगधर्मिता के माहौल में काम करने की आपसे अपेक्षा करेंगी। वहीं कुछ उपभोक्ता को तरजीह में रखती हैं, तो कुछ परिवार विशेष को। जरूरी नहीं कि आप हर कार्य संस्कृति में सहज अनुभव करेंगे।
याद रखिए कि एक कंपनी का सकारात्मक माहौल आपको ऊर्जापूर्ण और तनाव रहित रखता है। माहौल अनुकूल होता है, तो आप उस कंपनी को एक-दो साल देना चाहेगे। ऐसे में सीखने के ज्यादा अवसर मिल पाएंगे। अन्यथा बस जॉव बदलते रह जाएंगे। हालांकि-
- सिर्फ साक्षात्कार से कंपनी की संस्कृति का आकलन करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसलिए कंपनी के कामकाज के तरीकों के बारे में ऑनलाइन या साथियों से पता करें।
- प्रोफेशनल नेटवर्क या लिंक्डइन के माध्यम से उस कंपनी में काम करने वाले लोगों तक पहुंचें। उनसे कंपनी में काम के अनुभव के बारे में पूछें।
- ऑनलाइन प्लेटफार्म पर कर्मचारियों द्वारा दी गई समीक्षाएं पढ़ें।
- इंटरव्यू के दौरान देखने की कोशिश करें कि पैनल में आए कंपनी के लोग एक-दूसरे के साथ कैसा व्यवहार करते हैं और आपकी राय और प्रश्न उन्हें कितने मूल्यवान लगते हैं।
नौकरी की लोकेशन की उलझन
शुरुआती नौकरी में ऑफिस की जगह भी एक बड़ा मुद्दा है। अधिकतर युवा अपने शहर में ही अच्छी जॉब पाने की इच्छा रखते हैं। लेकिन:
पहली नौकरी अपने शहर में करने से बचें: बाहर रहकर आपको अलग संस्कृतियों, विचारों, नजरियों के बारे में सीखने को मिलता है। तीन-चार साल बाहर काम करने के बाद अपने शहर में जॉब ढूंढ़ना उचित होगा।
बड़े शहरों के ही पीछे ना भागें: उन्हीं दो-चार बड़े शहरों में जाकर नौकरी करने के सपने के बजाय जहां आपकी इंडस्ट्री का हब हो, सीखने के अवसर हों, उन्हें चुनकर बेहतर शुरुआत होगी।
वर्कफ्रॉम होम का विकल्प चुनें: अपने शहर में रहकर काम करना है, तो वर्क फ्रॉम होम वाली जॉब्स के माध्यम से आप अच्छी कंपनी की बेहतर सैलरी से जुड़ जुड़ सकते हैं।
टेक्नोलॉजी और आईटी, फाइनेंस, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, एचआर रिकूटिंग फर्मा, टेलीहेल्थ, मेडिकल कोडिंग और बिलिंग, कस्टमर सर्विस, सेल्स और मार्केटिंग आदि क्षेत्रों में वर्क फ्रॉम होम जॉब्स भी आसानी से मिल सकेंगी।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
