डेयरी में शुरू करें स्टार्टअप      Publish Date : 14/11/2025

                        डेयरी में शुरू करें स्टार्टअप

                                                                                                                                                                                           प्रोफेसर आर.एस. सेंगर 

“डेयरी टेक्नोलॉजी और फार्मिंग के कौशल से खुद का व्यवसाय शुरु करने के अलावा रोजगार के तमाम अवसर मिलते हैं”-

हर साल ग्रेजुएट होने वाले लाखों छात्रों में से बहुत कम रोजगार प्राप्त कर पाते हैं। इसलिए अगर आप छात्र हैं, तो आपको कॉलेज के समय ही खुद में कुछ ऐसे कौशल विकसित करने चाहिए, जो न सिर्फ पारंपरिक ढर्रे से हटकर हों, बल्कि आपको आत्मनिर्भर भी बनाएं।आजकल ऐसे कई सारे क्षेत्र हैं, जिनमें से एक सफल क्षेत्र है डेयरी उद्योग। दूध से बने उत्पादों का उत्पादन लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इसी कारण डेयरी टेक्नोलॉजी और फार्मिंग से जुड़े युवा अपने कौशल बढ़ाकर ना सिर्फ खुद का स्टार्टअप शुरू करके आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि औरों को भी रोजगार दे रहे हैं।

इसके लिए जरूरी है कि आप कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ ही विभिन्न ऑनलाइन और सर्टिफिकेट कोर्सेज या फिर इंटर्नशिप आवश्यक कौशल प्राप्त करें।

                                                              

डेयरी के पहलुओं को समझें

किसी भी क्षेत्र में कौशल विकसित करने से पहले उससे जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को समझना बेहद जरूरी है। डेयरी तकनीकी, विज्ञान और इंजीनियरिंग का क्षेत्र है, जिसमें छात्रों को जैव रसायन, जीवाणु विज्ञान, पोषण आदि का प्रयोग करके दूध प्रसंस्करण, मैकेजिंग, वितरण और डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता के बारे में जानना होता है। इसके अलावा दूध देने वाले मवेशियों का प्रजनन और देखभाल, दूध प्राप्त करना और उसे विभिन्न प्रकार के डेयरी उत्पादों में संसाधित करना भी महत्वपूर्ण है।

डिग्री, सर्टिफिकेट और ऑनलाइन कोर्सेज

डेयरी के क्षेत्र में बीएससी और बीटेक जैसे पारंपरिक स्नातक कोर्स हैं, जिन्हें बारहवीं के बाद किया जा सकता है। स्नातक करने के बाद आप डिप्लोमा इन डेयरी टेक्नोलॉजी, इंडियन डेयरी डिप्लोमा इन डेयरी टेक्नोलॉजी, डिप्लोमा इन डेयरी इंजीनियरिंग जैसे डिप्लोमा, जबकि स्नातक के साथ ही वैज्ञानिक डेयरी फार्मिंग, डेयरी प्लांट इंजीनियरिंग, कोर्सेरा प्लेटफॉर्म से डेयरी उत्पादन और प्रबंधन जैसे सर्टिफिकेट कोर्स भी कर सकते हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के माध्यम से मूल्यवर्धित दूध उत्पादों के विनिर्माण में कौशल विकास और उद्यमिता पर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है।

इंटर्नशिप

आप राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, भारतीय खाद्य एवं कृषि चैंबर, नेस्ले, आदि संस्थानों से इंटर्नशिप करके शुरुआती अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। यह आपको खुद का व्यवसाय शुरू करने में काफी सहायक साबित होगी।

अवसर यहां भी

किसी भी क्षेत्र से स्नातक करने के बाद सर्टिफिकेशन कोर्स और इंटर्नशिप करके आप माइक्रोबायोलॉजिस्ट, डेयरी टेक्नोलॉजिस्ट, डेयरी न्यूट्रिशनिस्ट, डेयरी प्रोडक्शन मैनेजर, डेयरी साइंटिस्ट, डेयरी मैनेजर, क्वॉलिटी कंट्रोल ऑफिसर जैसे पदों पर नौकरी कर सकते हैं। आजकल के युवाओं का रुख डेयरी स्टार्टअप की ओर ज्यादा है, क्योंकि यह काम लागत में अधिक मुनाफे वाला बिजनेस है। साथ ही, सरकार की योजनाएं भी काफी मददगार साबित होती हैं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।