टेक पेशेवरों के लिए जरूरी हैं स्किल्स      Publish Date : 02/11/2025

                      टेक पेशेवरों के लिए जरूरी हैं स्किल्स

                                                                                                                                                                                      प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

डिजिटल इकोनॉमी में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के क्षेत्र में अवसरों की कोई कमी नहीं, परन्तु इस क्षेत्र फ्रेशर्स सही स्किल के अभाव में उन्हें सफलता में नहीं बदल पाते। डिग्री या डिप्लोमा के साथ ही इस क्षेत्र के कुछ सॉफ्ट और हार्ड स्किल्स पर आपकी पकड़ आपके लिए हमेशा अवसर बनाएगी।

आज के डिजिटल दौर में एप्लीकेशंस, वीडियो गेम्स, ऑपरेटिंग सिस्टम्म, वेबसाइट आदि की मौजूदगी अब हर क्षेत्र में है, इसलिए सॉफ्टवेयर डेवलपर्स का काम भी बढ़ रहा है। सफल प्रोग्राम और एप्लीकेशंस बनाने में उनकी अहम भूमिका होती है। अमेरिका में वर्ष 2023 की ‘बेस्ट अऑक्यूपेशंस’ सूची में इसे नंबर वन पर रखा गया है। वहीं फ्यूचर ऑफ जॉब्बर रिपोर्ट के अनुसार 2025 यह एक अहम करियर है, जिसमें यूएक्स, यूआई और अर्नाक चेम प्रोग्रामिंग आदि मुख्य रहेंगे। वर्तमान में भारत में 60 लाख से अधिक सॉफ्टवेयर डेवलपर मौजूद हैं, लेकिन क्लाउड कंप्यूटिंग सर्विस प्रोवाइडर डिजिटल ओशन होल्डिंग इनकॉरपोरेशन की एक रिपोर्ट का कहना है कि ग्लोबल स्तर पर और भारत में भी डेवलपर्स की टैलेंट शॉर्टज है, और यह ट्रेंड अभी और बढ़ेगा।

                                                                 

कोडिंग प्लेटफॉर्म कोडिनगेम के 2022 के एक सर्वे में टेक रिकूटर्स के 50 फीसदी ने कहा कि उन्हें अच्छे सॉफ्टवेयर डेवलपर की खोज में संघर्ष का सामना करना पड़ता है।

ऐसे में इस क्षेत्र में कुछ अतिरिक्त हार्ड और सॉफ्ट स्किल्स को निखारना काम आएगा। करियर की राह इस ग्लोबल करियर की राह प्रवेश परीक्षा से शुरू होकर सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की बैचलर डिग्री (बीएससी इन कम्प्यूटर साइंस/बीसीए, बीटेक इन कम्प्यूटर इंजीनियरिंग) या पीजी स्तर के इस क्षेत्र के कोर्स पर खत्म होती है। साथ ही स्किल अपडेशन के कोर्स भी जरूरी हैं।

गूगल, फ्लिपकार्ट, महिंद्रा टेक, एचसीएल, टाटा कंसल्टेंसी सर्विस, विप्रो, माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों में जाँब सुरक्षित कर सकते हैं। एंबिशन बक्सि के अनुसार औसतन 37,000 रुपये प्रतिमाह कमा सकते हैं।

कोडिंग स्किल्स को मजबूत बनाएं

एक अच्छे सॉफ्टवेयर डेवलपर को कम से कम एक कोडिंग लैंग्वेज में महारत होनी चाहिए। नए ट्रेंड्स से अपडेट रहें, जैसे इस दौर में लो कोड, नो कोड प्लेटफॉर्म्स का जमकर उपयोग हो रहा है। ये उन लोगों के लिए होते हैं, जिन्हें या तो कोडिग आती नहीं, ग्रां उनके पास सीखने का समय नहीं होता। वहीं आर्टि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में भी घोडी-बहुत कोडिंग का इस्तेमाल होता है।

आप किस क्षेत्र की प्रोग्रामिंग के लिए काम करना चाहेंगे, उसके अनुसार चुने। जैसे गेमिंग, मोबाइल एप्लकिशंस या अन्य कुछ। इसे. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से सीख सकते हैं।

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज से पार होगी नैय्या

                                                               

एक सॉफ्टवेयर डेवलपर का मुख्य कार्य विभिन्न प्रकार के सॉफ्टवेयर को डेवलप करना होता है। यह कार्य बिना प्रोग्रामिंग के संभव नहीं है। शोध बताते हैं कि पायथन और जावास्क्रिप्ट 2023 तक सबसे महत्वपूर्ण प्रोग्रामिंग लैंग्वेज रहेंगी।

जावा, एचटीएमएल, सीएसएस, सी++. गो. स्विफ्टस कोटलिन, रूबी आदि प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की जानकारी होना जरूरी है। इस स्किल्स को ऑनलाइन भी सीखा जा सकता है।

साइबर सुरक्षा को समझना महत्वपूर्ण

इसमें प्रोफेशनल्स की साइबर सुरक्षा को भली-भांति समझना महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि वे अक्सर उन कंपनियों और व्यक्तियों के लिए प्रोग्राम और सॉफ्टवेयर कोडिंग करते हैं, जो जानकारियों को निजी रखना चाहते हैं। यह एक ऐसा स्किल है, जो हर मोड़ पर काम की गति को सहुलियत प्रदान करता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम में दक्षता बनाएं

कोई भी कंपनी ऑपरेटिंग सिस्टम में दक्षता हासिल करने वाले प्रोफेशनल्स को ही चयन में वरीयता देती है। साथ ही उनसे ब्लॉकिंग, मेमोरी प्रॉब्लम, स्लो प्रोग्राम और परस्पर विरोधी टूल्स जैसे मुद्दों को हल करने की उम्मीद की जाती है। लिनेक्स, यूनिक्स, मैक, आईओएस जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम में विशेषज्ञता होनी जरूरी है।

रिसर्च स्किल्स हर कदम पर जरूरी

सॉफ्टवेयर डेवलपर की काम के दौरान समाधान के लिए जानकारी खोजने और व्याख्या करने के स्किल्स की आवश्यकता पड़ती है। इसमें प्रोफेशनल्स को कई तरह के डेटा को इकट्ठा करके उनका विश्लेषण करना पड़ता है।

नेटवर्किंग पर पकड़

आज आप कहीं भी जाते हैं, आपको कम्प्यूटर नेटवर्क मिल जाएंगे। इसीलिए अगर आपको देव एप्लीकेशन के डेवलपमेंट पर भी पकड़ बनानी है, तो एप्लीकेशन को समझने, विकसित करने और समर्थन करने के लिए नेटवर्किंग की मूल बातों से अवगत होना जरूरी है।

स्प्रेडशीट सॉफ्टवेयर

विभिन्न सप्रेडशीट सॉफ्टवेयर का उपयोग करने से डेवलपर को डेटा सेट व्यवस्थित करने और गणना करने की अनुमति मिलती है। साथ ही स्प्रेडशीट डेटा की गुणवता की जांच और रखरखाव में मदद करती है। डेटा बेस में बल्का डेटा डालने के लिए भी स्प्रेडशीट का उपयोग किया जाता है।

एक्सपर्ट की राय

सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में डेवलपर क्लाइंट कंपनीज की जरूरतों के अनुसार नए सॉफ्टवेयर तैयार करते हैं, वहीं उनकी मांग और स्पेसिफिकेशन पर काम करके उत्पाद की तय समय पर डिलीवरी कराने के प्रति भी अपनी उपयोगिता साबित करते हैं। आजकल एभाई बेस्ड सॉफ्टवेयर प्रचलन में है, जो डेवलपर को कोडिंग की झंझट से मुक्ति दे सकने में सक्षम है।

इनकी क्वालिटी भी उत्तम दर्जे की होती है। ये आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर आधारित टूल्स के जरिए संभव हो पाता है। बेसिक सॉफ्टवेयर डेवलपर कोर्स के साथ-साथ एआई बेस्ड सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट। स्किल पर शुरू से ही कमांड हासिल करके रखें. तो काम करने में कोई दिक्कत नहीं आपगी।

सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का दायरा बढ़ा है। इस क्षेत्र के पेशेवर ब्लॉक चेन, एआई, डेटा साइंस एनालिटिक्स आदि क्षेत्रों में भी नाम कमा रहे हैं। ई-कॉमर्स, ऑनलाइन कम्युनिटी सर्च इंजन ऑप्टीमाइजेशन, इंटर पक्टिव एप्लीकेशन, एनीमेशन और वेबसाइट पर विज्ञापन आदि की जरूरत को भी गहराई से समइा जा रहा है। बड़ी आईटी कंपनियों व कई स्टार्टअप कंपनियां भी इस काम को रफ्तार दे रही हैं।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।