अच्छे टीम-लीडर का आचरण ही सबसे बड़ी प्रेरणा      Publish Date : 30/10/2025

                अच्छे टीम-लीडर का आचरण ही सबसे बड़ी प्रेरणा

                                                                                                                                                                                   प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

किस्मत से ज्यादा चमक मेहनत के पसीने में होती है-

प्रायः यह देखा गया है कि बुरा समय आने पर अधिकतर लोग हताश होने लगते हैं, लेकिन एक लीडर के तौर पर आपकी असली परीक्षा इसी समय ही होती है। ऐसी स्थिति में हालात बिल्कुल विपरीत होते हैं, फिर भी आपको अपनी टीम को वर्तमान परिस्थितियों में केंद्रित आने वाली चुनौतियों के प्रति सतर्क और लगातार ऊर्जावान बनाए रखना होता है।

हालांकि ऐसा तभी संभव है जब आप स्वयं प्रेरित मजबूत व केंद्रित बने रहें। बतौर लीडर आपका आचरण ही टीम के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा होती है, इसलिए विपरीत हालातों में भी आपको अपना उत्साह, समर्पण एवं सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। ऐसा करने के कुछ तरीके बताए जा रहे हैं इन पर यदि आप अमल करेंगे तो निश्चित रूप से बुरे वक्त में अच्छे लीडर बनकर उभर सकते हैं और आप अपना उत्साह समर्पण व सकारात्मक नजरिया बनाए रख सकते हैं।

जब आप वास्तव में स्वयं संतुलित और सशक्त रहेंगे, तभी अपने टीम को प्रेरित एवं संगठित रख पाएंगे। एक नेतृत्वकर्ता के रूप में आपके पास महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होती हैं, इसके अलावा सभी लोग आपके नक्शे कदम पर चलते हैं। इसलिए वही जोश, एकाग्रता तथा समर्पण दिखाना आवश्यक है, जिसकी आप अपनी टीम से अपेक्षा करती हैं। हर दिन स्वयं से एक प्रश्न अवश्य करें कि क्या आपने आज अपनी टीम के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

बगैर लाग लपेट के बोले

                                                                       

ऐसी समय में टीम या अपने आप से झूठ ना बोलें। आपका निर्णय और योजनाएं हमेशा वास्तविक तत्वों और सटीक उत्तर पर आधारित होनी चाहिए। अपनी टीम के साथ ईमानदार रहें और कोई भी बात बिना किसी लाग लपेट के बोलें। इसके साथ ही सहयोगियों की राय एवं उनके अनुभव का सम्मान करें। कोई भी निर्णय लेते समय उस पर विचार जरूर करें। केवल अपनी सोच को ही सर्वाेपरि मानना तथा तथ्यों को अनदेखा करना न सिर्फ आपकी विश्वसनीयता बल्कि संस्था की साख को भी आघात पहुंचा सकता है।

सकारात्मक बदलाव की ओर बढ़ें

ऐसी परिस्थितियों के बारे में शिकायत करने से बचें जिन पर आपका नियंत्रण नहीं है, क्योंकि ऐसा करने से केवल अनावश्यक तनाव ही बढ़ेगा। वर्तमान स्थिति को समझते हुए इस बात पर केंद्रित रहे कि आप भविष्य में सकारात्मक बदलाव कैसे ला सकते हैं। इसके लिए रोजाना कुछ समय ध्यान करना फायदेमंद होता है। इसलिए कोशिश करें और सकारात्मक रहकर बदलाव की ओर बढ़ें, यदि आप इन बातों को अपनाएंगे तो निश्चित रूप से आपकी टीम का मनोबल बढ़ेगा और आप एक अच्छे लीडर के रूप में अपना योगदान दे सकेंगे।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।