
एचआर मैनेजमेंट क्षेत्र के लोग होते हैं गुणों के पारखी Publish Date : 28/10/2025
एचआर मैनेजमेंट क्षेत्र के लोग होते हैं गुणों के पारखी
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
यदि आपकी रुचि और क्षमता लोगों की काबिलियत को पहचानने की है और बातचीत के माध्यम से ही आप किसी भी व्यक्ति के गुणों का अंदाजा लगा सकते हैं, तो ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट आपके लिए सर्वाेत्तम क्षेत्र, बन सकता है। आजकल एचआर मैनेजमेंट का क्षेत्र दिन प्रति दिन व्यापक होता जा रहा है। आज के प्रतिस्पर्धी माहौल में अच्छे एम्प्लाई को हायर करने की जिम्मेदारी, उनकी ट्रेनिंग और सैलरी आदि को हँडल करना भी इन्हीं के जिम्मे होता है। यही कारण हैं कि इन दिनों इसकी काफी मांग है।
एचआर मैनेजमेंट

मानव संसाधन प्रबंधन का मुख्य उद्देश्य कंपनी के कर्मचारियों पर हो रहे निवेश से अधिक से अधिक लाभ अर्जित करना तथा प्रबंधकों और कर्मचारियों के बीच मध्यस्थ की तरह काम करके कंपनी की आर्थिक हानि की आशंकाओं को कम या समाप्त करना होता है।
कोर्स
ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट की शिक्षा एमबीए के विद्यार्थियों को देश के सभी बी-स्कूलों में दी जाती है। कई कॉलेजों एवं संस्थानों में भी एचआर से संबंधित कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। विभिन्न संस्थाएं एवं विश्वविद्यालय बीबीए एवं बीबीएम पाठ्यक्रम चला रहे हैं, जिसमें मानव संसाधन का विषय भी स्टूडेंट्स को पढ़ाया जाता है। ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट की शिक्षा एक स्पेशलाइज्ड विषय के तौर पर पोस्ट ग्रेजुएट लेबल पर हासिल की जा सकती है। इसमें रेगुलर और पार्ट टाइम डिप्लोमा कोर्स भी किया जा सकता है।
किस चीज की जानकारी
ह्यूमन रिसोर्स की शिक्षा के अंतर्गत लेबर लॉ, प्रेरणादायक तकनीक, कंपनी का व्यवहारं, नेटवर्किंग, कर्मचारियों के साथ व्यवहार, कर्मचारियों के लिए आवश्यक संसाधनों आदि के बारे में भी जानकारी दी जाती है।
एमबीए है विकल्प
किसी भी विषय में स्नातक करने के बाद मानव संसाधन से एमबीए किया जा सकता है। डिप्लोमा कोसौं के लिए ग्रेजुएशन अनिवार्य शर्त है।
लॉ की डिग्री होती है लाभदायक
इस काम में कोर्ट-कचहरी के काम भी आते रहते हैं, इसलिए मानव संसाधन प्रबंधन की विशेषज्ञता के साथ जिन लोगों के पास विधि की डिग्री होती है, उन्हें प्राथमिकता प्रदान की जाती है और उन्हें आँसानी से अच्छा जॉब मिल जाती है।
प्रमुख कार्य
एचआर मैनेजर की मुख्य जिम्मेदारी यह होती है कि वह कंपनी की गतिविधियों का संचालन प्रभावशाली, वैधानिक, न्यायिक तथा विवेक एवं तर्कपूर्ण ढंग से करे। उसकी कार्यशैली न तो कंपनी के हितों के आड़े आए और न ही कर्मचारियों के। एक मानव संसाधन प्रबंधक कंपनी में कार्य और आवश्यकता के अनुसार लोगों की भर्ती तो करता ही है साथ ही वह कर्मचारियों के संबंध में प्रभावी नीतियां भी बनाता है।
एक अच्छा मानव संसाधन प्रबंधक कर्मचारियों के पद और वेतन का निर्धारण हमेशा उनके काम के आधार पर तय करता है। कर्मचारियों को समय-समय पर नई तकनीक की जानकारी भी मानव संसाधन प्रबंधक ही कराता है। श्रम न्यायालयों में कंपनी के कानूनी पहलुओं की देखरेख भी अधिकतर कंपनियों में मानव संसाधन प्रबंधक ही करते हैं।
अवसर
मानव संसाधन में प्रबंधन का कोर्स करने के बाद सरकारी और गैर सरकारी दोनों ही सेक्टरों में जॉब पाने के अवसर बढ़ जाते हैं। सभी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों ने अपने यहां मानव संसाधन के लिए अलग से विभाग बना रखे हैं, जिनमें कई लोग काम करते हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में मानव संसाधन के जानकारों को विशेषज्ञ अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाता है। ऐसी ही नियुक्तियां अन्य सरकारी संस्थानों में भी की जाती है। इस कोर्स को करने के बाद शिक्षा के क्षेत्र में भी जाया जा सकता है। इसका कोर्स कराने वाले विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, प्रबंधन संस्थानों में इस विषय के अच्छे जानकारों की डिमांड हमेशा ही बनी रहती है।
वेतन

मानव संसाधन प्रबंधकों को पर्सनल मैनेजर के रूप में नियुक्त होने पर आसानी से प्रारंभिक स्तर पर ही आपको 20 से 30 हजार रुपये प्रति माह मिलने लगते हैं। इस काम के जानकारों के लिए पब्लिक सेक्टर में कम, लेकिन प्राइवेट सेक्टर में अधिक वेतन है। अच्छे जानकार विदेश में भी नौकरी कर सकते हैं।
प्रमुख संस्थान
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद, बंगलुरु, कोलकाता, लखनऊ, इंदौर, कोझीकोड और शिलांग।
- इंदिरा गांधी ओपेन यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली।
- फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली।
- एक्सएलआरआई, जमशेदपुर।
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल वेलफेयर ऐंड बिजनेस मैनेजमेंट, कोलकाता।
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, खड़गपुर।
- ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी, बिहार।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
