
होटल मैनेजमेंट करियर का बेटर अरेंजमेंट Publish Date : 21/10/2025
होटल मैनेजमेंट करियर का बेटर अरेंजमेंट
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
विभिन्न प्रकार के आयोजनों देखते हुए होटल मैनेजमेंट आजकल एक बहतु ही हॉट करियर सेक्टर माना जा रहा र्है।
देश में विभिन्न प्रकार के घेरलू एवं वैश्विक कार्यक्रमों का आयोजन होता ही रहता है। इन बडे आयोजनों के दौरान लगभग एक करोड़ों की संख्या से अधिक विदेशी पर्यटकों के भारत आते है। एक रिपोर्ट के अनुसार, 2010 के अंत तक 600 से अधिक होटल खोले गए। इससे हॉटल इंडस्ट्री में लाखों लोगों को नौकरियां मिली हैं। भारत में होटल इंडस्ट्री के विकास का अंदाजा इसी बात से भी लगाया जा सकता है कि एशिया प्रशांत क्षेत्र में होटल इंडस्ट्री के विकास के मामले में भारत चीन के बाद दूसरे स्थान पर है।
होटल इंडस्ट्री में इन सभी संभावनाओं को देखते हुए यदि आप होटल मैनेजमेंट से जुड़े कोर्स कर लेते हैं, तो इससे भविष्य में नौकरियों की कमी नहीं रहेगी। दिल्ली होटल पेंड रेस्टोरेंट ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप खंडेलवाल बताते हैं कि प्रशिक्षित कर्मियों की होटल व्यवसाय में बहुत कमी है। यही कारण है कि ज्यादातर लोग पांच सितारा होटलों में पैदा हो रहे रोजगार की तलाश करते हैं।
दिल्ली में हजारों होटल हैं। पहाड़गंज, करोलबाग और महिपालपुर इलाकों में सितारा होटलों के स्तर के सैकड़ों होटल हैं और अधिकतर विदेशी मेहमान इन होटलों में ही ठहरते हैं। यदि होटल मैनेजमेंट करने वाले युवा चाहें तो वह यहां भी रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।
होटल इंडस्ट्री और टूरिस्ट:

होटल इंडस्ट्री का सीधा जुड़ाव दूरिस्ट इंडस्ट्री से होता है। यदि देश में पर्यटक आते हैं, तो होटल इंडस्ट्री को काफी बढ़ावा मिलता है। एसोचैम और यसबैंक के संयुक्त अध्ययन के अनुसार, भारत में पर्यटन क्षेत्र के बढ़ते कारोबार के चलते अगले एक दशक में दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2010 से 2019 के बीच पर्यटन एवं यात्राओं के मामले में भारत सबसे तेजी से विकसित होने वाला पांचवां बडा देश था।
एक अन्य अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2019 तक पर्यटन क्षेत्र में 94 अरब 50 करोड़ डॉलर की पूंजी का निवेश होगा और इससे इस क्षेत्र में सालाना 8.8 प्रतिशत की औसत वृद्धि की उम्मीद है। पर्यटन मंत्रालय के अनुसार, पिछले साल 4 लाख विदेशी पर्यटक भारत आए और इस साल के रुझान को देखते हुए यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इन बातों के आईने में यह बिलकुल साफ नजर आता, है कि होटल मैनेजमेंट कोर्स करके इस क्षेत्र में करियर बनाना एक समझदारी भरा कदम साबित हो सकता है।
कैसे पाएं एंट्री:
12वीं पास स्टूडेंट होटल मैनेजमेंट में डिप्लोमा या डिग्री हासिल कर सकते हैं, लेकिन आप अगर ग्रेजुएशन के बाद होटल व्यवसाय में करियर तलाश रहे हैं तो उनके लिए भी अब रास्ते खुल चुके हैं। एमएससीइन होटल मैनेजमेंट और पीजी डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट की डिग्री हासिल कर सकते हैं। अधिकतर संस्थान ऑलइंडिया ऐंडमिशन टेस्ट एवं इंटरव्यू के आधार पर स्टूडेंट्स का चयन करते हैं। इस चयन प्रक्रिया में आपकी बुद्धिक्षमता, सामान्य सामान्य ज्ञान, सामान्य विज्ञान और अंग्रेजी में आपकी दक्षता को जांचा-परखा जाता है।
कोर्स कौन-कौन से
वर्तमान समय में होटल मैनेजमेंट में दो प्रकार के पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। 12वीं कक्षा पास करने के बाद बीएइन होटर्स मैनेजर्मेंट, डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट, वैचलर डिग्री इन होटल मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन होटल ऐंड कैटरिंग मैनेजमेंट, बैचलर डिग्री इन हॉस्पिटैलिटी साइंस, बीएससी होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग साईस आदि। इन कोर्सेज की अवधि 6 महीने से तीन साल तक की है।
इसके अलावा, आप पीजी डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट, एमएससी इन होटल मैनेजमेंट और एमए इन होटल मैनेजमेंट कोर्स भी कर सकते हैं। इनकी अवधि है- 2 साल। साथ ही, नई दिल्ली, मुबंई और बेंगलुरु स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी एंव अप्लाईड न्यूट्रीशन संस्थान में विभित्र स्पेशलाइज्ड कोर्सेज भी उपलब्ध हैं।
पर्सनल स्किल:
इस पेशे में रुचि रखने वालों के लिए सबसे जरूरी तो यह है कि उनका पर्सनैल्टी आकर्षक होने के साथ-साथ कम्युनिकेशन स्किल भी शानदार होना चाहिए। किसी भी मसले पर तार्किक ढंग से सोचने की क्षमता और प्रशासनिक दक्षता भी भरपूर हेना आवश्यक है। इनके अलावा, वह पूर्णरूप से स्वस्थ हों और किसी भी समय कार्य करने के लिए तत्पर हों। आत्म-विश्वास और हर काम की बारीकियों को समझने की क्षमता भी होना आवश्यक है।
करियर ऑप्शन:
होटल इंडस्ट्री में आपके लिए कॅरियर ऑप्शन हैं। आप चाहें, तो मैनेजमेंट, मार्केटिंग आदि में करियर बना सकते हैं।
मैनेजमेंटः किसी भी बड़े होटल को सुचारुरूप से चलाने की जिम्मेदारी मैनेजमेंट पर ही होती है। साथ ही वे इस बात पर भी ध्यान रखते हैं कि कैसे होटल का रैवेन्यू बढ़ाया जा सकता है। अलग-अलग विभागों के सहायक प्रबंधक अपने विभागों के कार्य पर निगरानी रखते हैं। बड़े होटलों में तो रेजिडेंट मैनेजर भी होते हैं।

फ्रंट ऑफिसः फ्रंट ऑफिस में बैठने वाले कर्मचारी होटल में आने वाले अतिथियों का स्वागत करते हैं। यहां रिसेप्शन होता है, सूचना डेस्क होता है, अतिथियों के लिए आरक्षण की व्यवस्था देखने वाले लोग होते हैं और बेल कैप्टन, बेल बॉव और डोर मैन आदि होते हैं। यह लोग अतिथियों का सामान उनके कमरे में पहुंचवाने से लेकर उनको सूचनाएं भिजवाने का कार्य करते हैं।
फूड एंड बेवरेजः इस विभाग में तीन ईकाइयां होती हैं किचन, स्टीवर्ड विभाग और फूड सर्विस विभाग। इस विभाग के मैनेजर और कर्मचारी मिल कर इस विभाग की जिम्मेदारियों को निपटाते हैं। खाना बनाने से लेकर परोसने तक का काम यहां होता है। इससे जुड़ी हर चीज का रख- रखाव भी करना होता है।
हाउस कीपिंगः किसी भी होटल को उम्दा किस्म की देखभाल को जरूरत होती है। हाउस कीपिंग विभाग सभी कमरों, मीटिंग हॉल, वैशेट हॉल, लाउंज, लॉबी, रेस्तरों इत्यादि की साफ-सफई की जिम्मेदारी उठाता है। हर चीज करीने से दिखनी चाहिए, यह इस विभाग के काम करने का मूलमंत्र है। यह होटल का बेहद महत्वपूर्ण विभाग होता है और यह 24 घंटे काम करता है। इसमें लोग पालियों में काम करते हैं।
मार्केटिंग विभागः आज होटल में उपलब्ध सेवाओं व सुविधाओं की मार्केटिंग होटल मैनेजमेंट का अहम पहलू है। यह विभाग संभावित ग्राहकों की जरूरतों के लिहाज से पैकेज तैयार करता है और उन्हें बेचता है। इनकी काबिलियत का प्रत्यक्ष लाभ होटल को मिलता है। बेहतर पैकेजिंग से आकर्षित होकर जितने ग्राहक आतें हैं, वे होटल को न सिर्फ बिजनेस देते हैं, बल्कि दूसरों को भी बताते हैं।

इन सबके अलावा होटल में भी अन्य ये विभाग होते हैं, जो दूसरे, संगठनों या कंपनियों में होते हैं, जैसे अकाउंट्स, सिक्योरिटी,मेंटेनेंस इत्यादि। हमारे करियर विशेषज्ञ डॉ0 आर. एस. सेंगर कहते हैं कि दिल्ली में नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी-यूजी कॉम्पलैक्स, इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी- मैदानगढ़ी, गुरू गोविंद सिंह इन्द्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी- कश्मीरी गेट जैसे सरकारी संस्थानों से होटल मैनेजमेंट का तीन वर्षीय डिग्री कोर्स किया जा सकता है। इस क्षेत्र में कई निजी संस्थान भी रोजगार परक शिक्षा के क्षेत्र में सामने आए हैं।
नौकरी के अवसर
होटल मैनेजमेंट कोर्स करने के बाद आप होटल एवं हॉस्पिटैलिटी उद्योग में मैनेजमेंट ट्रेनी के तौर पर कार्य की शुरुआत कर सकते हैं। इसके अलावा, होटलों में किचन मैनेजमेंट, हाउस कीपिंग मैनेजमेंट, एयर लाइन केटरिंग, केबिन सर्विसेज, सर्विस सेक्टर में गेस्ट या कस्टमर रिलेशन एक्जिक्यूटिव, फास्ट फूड चेन, रिसोर्ट मैनेजमेंट, कुजशिष होटल मैनेजमेंट, गैस्ट हाउसेज, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन, केटरिंग, रेलवे या बैंक या बड़े संस्थानों में केटरिंग या कैंटीन आदि में नौकरियां मिल सकती हैं। इसके साथ-साथ आप स्वरोजगार की राह भी अपना सकते हैं।
सैलरी पैकेज
कोर्स पूरा करने के बाद करियर के शुरुवाती दौर में 10,000 रुपये से लेकर 15,000 रुपये प्रति माह मिलने लगते हैं। कुछ वर्षों का अनुभव हासिल करने के बाद आपको सैलरी 30-40 हजार रुपये हो सकती है।
डॉ0 सेंगर कहते हैं कि दिल्ली में नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी-यूजी कॉम्पलैक्स, इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी-मैदानगढ़ी, गुरू गोविंद सिंह इन्द्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी- कश्मीरी गेट जैसे सरकारी संस्थानों से होटल मैनेजमेंट का तीन वर्षीय डिग्री कोर्स किया जा सकता है। इस क्षेत्र में कई निजी संस्थान भी रोजगार परक शिक्षा के क्षेत्र में आगे आए हैं।
नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट
देश में होटल मैनेजमेंट की शिक्षा का दायित्व नैशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट ऐंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी पर है। इस काउंसिल की स्थापना वर्ष 1982 में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के अंतर्गत की गई थी। देश में बीएससी (हॉस्पिटेलिटी एंड होटल एडमिनिस्ट्रेशन) का तीन वर्षीय अवधि का डिग्री कोर्स काउंसिल और इग्नू के द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जा रहा है। इनके तत्वावधान में होटल मैनेजमेंट के 21 केंद्रीय संस्थान, 7 प्रदेश संस्थान तथा 7 निजी होटल प्रबंधन संस्थान हैं।
इनमें उपलब्ध 5,700 सीटों के लिए अखिल भारतीय स्तर पर संयुक्त चयन परीक्षा का आयोजन प्रति वर्ष किया जाता है, जबकि बीएचएम कोर्स का आयोजन प्रति वर्ष किया जाता है।
प्रमुख संस्थान
- नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंटल ऐंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी वेबसाइटः WWW.datamationfundation.org।
- सीएचएम इंस्टीट्यूट ऑफ होटल ऐडबिजनेस मैनेजमेंट, नेहरू नगर, गाजियाबाद वेबसाइटः www.chmgb.co.in।
- ओबेराय सेंटर ऑफ लर्निंग एंड डेवलपमेंट, दिल्ली आदि।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
