फैशन डिजाइनिंगः एक डिजाइनर बिजनेस      Publish Date : 17/10/2025

                 फैशन डिजाइनिंगः एक डिजाइनर बिजनेस

                                                                                                                                                                                                प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

फैशन डिजाइनिंग कोर्स करने बाद इस अपने शौक को बदला जा सकता है और प्रोफेशन में भी-

आज की कामकाजी दुनिया में विभिन्न कोर्स ऐसे हैं जिन्हें युवा वर्ग नौकरी के उद्देश्य से करता है। हालांकि इनमें कुछ कोर्सेज ऐसे भी हैं जिन्हें करने के बाद आप उससे बड़े या छोटे स्तर पर स्वरोजगार के रूप में कर अपनी आजीविका अर्जित करने का साधन बना सकते हैं। इस नजर से देखा जाए तो फैशन डिजाइनिंग भी एक ऐसा ही कोर्स है।

वर्तमान समय में फैशन डिजाइनिंग का कोर्स करने का अर्थ अब मात्र किसी कम्पनी में केवल नौकरी करना ही नहीं रह गया है, बल्कि उसे स्वरोजगार के रूप में भी अच्छी तादाद में अपनाया जा रहा है। आज करीब बीस प्रतिशत से अधिक महिलाएँ/पुरुष फैशन डिजाइनिंग का कोर्स करने के बाद स्वरोजगार को ही प्राथमिका दे रहे हैं।

आजकल मार्केट में लगभग 15 से 18 प्रतिशत बड़ी कम्पनियों के ब्रान्डेड कपड़ों की बिक्री तथा 82 से 85 प्रतिशत ऐसे कपड़ों की सेल है जो मध्यम वर्ग आसानी से खरीद सकता है। इनमें से 30 से 35 प्रतिशत बुटीक और टेलरिंग की दुकान हैं तथा बाकी सब नॉन ब्रान्डेड (जिनका व्यापार छोटा है और जिनकी मार्केट में कोई खास पहचान या नाम नहीं है) की कम्पनियाँ हैं।

                                                                          

ऐसे में आप भी इसी तरह से बुटीक या टेलरिंग सेन्टर अथवा नॉन-ब्रांडेड कम्पनी को संचालित कर सकते हैं। यह सब आपके बंजट पर निर्भर करता है। दिल्ली में टैंक रोड और गांधी नगर में इस तरह की कंपनियों की भरमार है। फैशन डिजाइनिंग का कोर्स बहुत से इंस्टीट्यूट कराते हैं। दिल्ली सरकार की ओर से भी कुछ इंस्टीट्यूट चलाए जा रहे हैं और इन्हीं में से एक है ‘सोसाइटी फॉर सेल्फ इम्प्लाइमेंट’।

इसमें प्रवेश के बारे जानकारीः

आयु सीमा- ‘सोसाइटी फॉर सेल्फ इम्प्लाइमेंट’ में प्रवेश पाने के लिए आपकी आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। एससी और एसटी वर्ग के लिए अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष है।

योग्यता- फैशन डिजाइनिंग का कोर्स करने के लिए कम से कम योग्यता का मापदण्ड है बारहवीं पास होना, फिर चाहे वह किसी भी स्टीम में क्यों न हो।

शुल्क- इस कोर्स की फीस (शुल्क) सोसाइटी फॉर सेल्फ इम्प्लाइमेंट में केवल बारह सौ रुपए हैं। यह फीस आपको प्रवेश के दौरान ही जमा करनी पड़ेगी।

प्रवेश- सोसाइटी फॉर सेल्फ इम्प्लाइमेंट के ऑफिस से एक पच्चीस रुपए मूल्य का प्रवेश (एडमीशन) फार्म खरीदकर इसके साथ आवश्यक दस्तावेज (बारहवीं पास की मार्कशीट, एज प्रूफ, दिल्ली का रेजीडेन्स प्रूफ अथवा दो वर्ष दिल्ली में निवास का प्रमाण पत्र जैसे एफेडेविट इत्यादि) फीस के साथ जमा कर प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। आप मई माह में इसके प्रवेश फार्म इस संस्थान से प्राप्त कर सकते हैं।

कोर्स अवधि- इस इंस्टीट्यूट में फैशन डिजाइनिंग के कोर्स की अवधि एक वर्ष निर्धारित की गई है।

इस कोर्स के लाभ- सोसाइटी फॉर सेल्फ इम्प्लाइमेंट से कोर्स करने के आपको निम्न लाभ प्राप्त होंगे-

  • कोर्स के अन्त में आपका टेस्ट लिया जाएगा जिसे पास करने के बाद आपको सर्टिफिकेट के साथ एक टूल किट और डिजाइनिंग की बुक्स फ्री मिलेंगी।
  • अपना काम खोलने के लिए आप संस्थान में लोन के लिए भी अप्लाई कर सकते हैं।
  • सर्टीफिकेट के माध्यम से आपको अपना कार्य करने में कोई असुविधा भी नहीं होगी।

स्वरोजगार सलाहः कोर्स करने के बाद यदि आप अपने इस हुनर को स्वरोजगार की शक्ल देना चाहते हैं तो आप कुछ इस तरह काम शुरू कर सकते हैं।

जगह का चुनाव- काम शुरू करने से पहले अपने काम के स्तर के अनुसार जगह का चुनाव करें, ताकि आपको काम करने में असुविधा न हो और आपका काम सही तरीके से चल सके। मसलन यदि आप बुटीक या टेलरिंग सेन्टर से काम शुरू करते हैं तो आबादी वाले इलाके को चुनें और यदि कम्पनी खोलना चाहते हैं तो मार्केट खास कर कपड़ों के मार्केट का ही चुनाव करें।

लागत- बुटीक/टेलरिंग सेन्टर अथवा कटिंग (स्टीचिंग), पैटर्न मैकिंग, एमब्रायडरी (कढ़ाई), फैबरिक पेंटिंग का काम शुरू करेंगे तो कम से कम पचास हजार रुपए की जरूरत आपको प्रड़ेगी। हालांकि यदि आपका बजट अधिक है तो इससे अधिक लागत भी आप लगा सकते हैं। यदि आप कम्पनी खोलकर काम करना चाहते हैं तो इसके लिए कम से कम डेढ़ से दो लाख रुपए की जरूरत आपको पड़ेगी। यह लागत जगह को छोड़कर है।

आयः प्रथम श्रेणी का काम शुरू करने पर आपको पाँच हजार रूपये से पच्चीस हजार रुपए मासिक तक की आय हो सकती है। कम्पनी खोलने पर लगभग बीस हजार से पचास हजार तक कमाया जा सकता है। यह आमदनी आपके काम और मार्केटिंग पर निर्भर करेगी। यदि कम्पनी स्तर पर आपका काम बहुत अधिक चलता है तो पाँच-छह साल बाद लाखों रुपए मासिक की आय भी हो सकती है।

बैंक ऋण- ‘सोसाइटी फॉर सेल्फ इम्प्लाइमेंट’ से फैशन डिजाइनिंग का कोर्स करने के बाद आप ऋण के लिए अप्लाई भी कर सकते हैं। यह ऋण आपके उद्योग सदन के पास करने पर उस बैंक से प्राप्त होगा जिसे उद्योग सदन ऋण आवंटन के कागज प्रस्तुत करेगा। ऋण सीमा 50 हजार से पाँच लाख तक है। इस ऋण की वापसी किस्तों में ऋण प्राप्त होने के तीन साल बाद शुरू होगी।

सम्पर्क अधिक जानकारी तथा प्रवेश के लिए निम्न पतों पर सम्पर्क करें-

  • सोसाइटी फॉर सेल्फ इम्प्लाइमेंट 1ई-26-23, फ्लैटेड फैक्ट्री काम्प्लैक्स, झण्डेवालान, नई दिल्ली- 110055

  • 2.419, उद्योग सदन एफ. आई. ई. इंड्रस्ट्रीयल एरिया, पटपड़ गंज, नई दिल्ली-92। 

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।