पहली नौकरी के पहले 100 दिन      Publish Date : 30/08/2025

                     पहली नौकरी के पहले 100 दिन

                                                                                                                                                                                 प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

“शुरुआती सौ दिनों की योजना न केवल आपको एक ब्रांड के रूप में विकसित करेगी, बल्कि भविष्य के लिए भी तैयार करेगी”

कॉलेज से कॉरपोरेट जगत में प्रवेश युवाओं लिए नया अनुभव एवं नई चुनौतियां लेकर आता है, जहां उन्हें कॉलेज की दुनिया जितनी स्वतंत्रता नहीं, बल्कि एक नए माहौल में खुद को ढालने के लिए कई सांस्कृतिक बदलावों से होकर गुजरना पड़ता है। युवाओं के लिए कॉलेज के बाद उनकी पहली नौकरी कई मायनों में खास होती है। इसलिए अपनी पहली नौकरी में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए आपके पास शुरुआती सौ दिनों की योजना पहले से ही तैयार होनी चाहिए। शुरुआती सौ दिनों की योजना न केवल आपको एक ब्रांड के रूप में विकसित करेगी, बल्कि भविष्य के लिए भी मददगार साबित हो सकती है।

नौकरी के शुरुआती दस दिन

                                                                   

कंपनी में प्रवेश के पहले दिन से ही आपके व्यवहार को आपके साथियों एवं प्रबंधन द्वारा परखा जाता है। जाहिर है, पहले दिन ही आपके संबंध सभी लोगों के साथ अच्छे नहीं हो सकते हैं, इसलिए आपको अपने व्यवहार में सरलता एवं धैर्य बनाए रखना होगा। शुरुआती 10 दिनों के भीतर कंपनी एवं वहां मौजूद सीनियर्स के बारे में जानने का प्रयास करें। अक्सर जब भी ऑफिस में किसी नए कर्मचारी का प्रवेश होता है, तो उसके बारे में जानने के लिए लोग अधिक उत्साही होते हैं। इसलिए अपने बारे में एक दिलचस्प परिचय पहले से ही तैयार रखें और अपनी पृष्ठभूमि, डिग्री एवं पसंदीदा कार्यों का अपने साथियों के सामने जिक्र करें।

सीखने का प्रयास करें

पहले 30 दिन का उपयोग आपको सीखने एवं चीजों को परखने में करना चाहिए। आपको ऑफिस में खुद के लिए ऐसे सीनियर्स को भी ढूंढना होगा, जो आपको समय-समय पर फीडबैक एवं सलाह दे सकें। आपके कॅरियर ग्रोथ के लिए आपका बॉस एक महत्वपूर्ण व्यक्ति हो सकता है, इसलिए अपनी भूमिका को आगे बढ़ाने के लिए अपने बॉस का विश्वास जीतें और उन्हें यह विश्वास दिलाएं कि आप उन्हें बेहतर परिणाम दे सकते हैं।

खुद से फीडबैक मांगें

जाहिर है, 30 दिन बीत जाने के पश्चात कोई भी कर्मचारी कार्यालय संस्कृति से परिचित हो जाएगा। इसलिए अब आपको अपनी क्षमता एवं नए कौशल को दोगुनी गति से सीखने पर जोर देना चाहिए। बेहतर प्रदर्शन के लिए आपको निरंतर विकास करने की मानसिकता बनानी चाहिए। यह नजरिया आपको यह विश्वास दिलाने में मदद करेगा कि आप अपने प्रयास एवं अनुभव के जरिये और अधिक सीख सकते हैं। इसके अलावा अपने सीनियर्स एवं प्रबंधकों से औपचारिक फीडबैक का इंतजार न करते हुए खुद ही आगे आकर फीडबैक मांगें।

खुद को ब्रांड बनाएं

आने वाले 60 से 90 दिनों के बीच अब खुद को एक ब्रांड बनाने पर विचार करें और यह मूल्यांकन करें कि आपने अब तक जो कुछ भी सीखा है, उसे आप कैसे उपयोग कर सकते हैं। ऑफिस में होने वाली सभी गतिविधियों में खुद को आगे रखें और अपने सीनियर्स के साथ बड़े प्रोजेक्ट पर कार्य करने का प्रयास करें।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।