
कामयाबी के पांच संकल्प Publish Date : 22/07/2025
कामयाबी के पांच संकल्प
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर
“एक बार में एक लक्ष्य साधते हुए उन योजनाओं पर विचार करें, जो कॅरियर को संवार सकती हैं”
आप अपने भविष्य को संवारने के लिए जो भी संकल्प लेते हैं, उनमें से ज्यादातर संकल्पों का पूरा न होने का एक मुख्य कारण यह भी है कि आप एक साथ कई लक्ष्यों की योजना बना लेते हैं, नतीजतन आप एक संकल्प भी पूरा नहीं कर पाते। यदि आपने अभी तक अपने संकल्पों का चयन नहीं किया है या पिछली असफलताओं के कारण उन्हें छोड़ दिया है, तो उन योजनाओं पर फिर से विचार करें, जो आपके कॅरियर पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं।
दिन के घंटों का सदुपयोग करें
अपने दिमाग को तरोताजा करने के लिए पर्याप्त नींद लें और अपने दिन के पहले घंटे का उपयोग खुद को सफल बनाने के लिए करें। यदि आपको ऑफिस जाना हो, तो 30 से 60 मिनट पहले उठने का प्रयास करें। उस अतिरिक्त समय का उपयोग एक ऐसी दिनचर्या के रूप में करें, जो आपको ऊर्जावान बनाने के साथ पूरे दिन सकारात्मक मानसिकता में रखे।
चिंतन करें
आप काम को सही ढंग से पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन कड़ी मेहनत करना और स्मार्ट तरीके से काम करना दो अलग चीज हैं। स्मार्ट तरीके से काम करने के लिए आपको स्वयं से प्रश्न पूछना होगा कि इस सप्ताह जो हुआ उसके आधार पर क्या अच्छा रहा और क्या नहीं और मैं भविष्य में क्या अलग कर सकता हूं?
सीखने के लिए समय निकालें
लेखक और शिक्षक प्रोफसर सेंगर कहते हैं कि आप जो कुछ भी करते हैं उसे चार भागों में विभाजित करें- पहला जो चीजें जरूरी और महत्वपूर्ण हैं। दूसरा ऐसी चीजें जो जरूरी नहीं हैं, लेकिन महत्वपूर्ण हैं। तीसरा ऐसी चीजें जो जरूरी हैं, लेकिन महत्त्वपूर्ण नहीं हैं। चौथा ऐसी चीजें जो जरूरी और महत्वपूर्ण नहीं हैं। यह अभ्यास समय प्रबंधन में आपकी मदद करेगा।
दैनिक उपलब्धियों को नोट करते चलें
स्वयं के लिए दिनचर्या बनाते समय अपनी महत्वपूर्ण उपलब्धियों को नोट करना चाहिए। इसके अतिरिक्त आपने पूरे दिन जो कुछ भी कार्यस्थल में अपने सहकर्मियों व प्रबंधक से सीखा है, उन मुख्य बातों को नोट करना न भूलें। ये छोटी-छोटी चीजें लक्ष्य को पाने में मदद कर सकती हैं।
नई आदतों को अपनाएं
नई आदतों को अपनाने के लिए करीब 30 दिनों तक उनका अभ्यास करें और उसके बाद खुद से पूछें कि क्या आपने उन्हें आसानी से अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया है। यदि फिर भी आप उन आदतों के साथ सहज न हों, तो उन्हें और समय दें। इसमें थोड़ी मुश्किल हो सकती है, लेकिन इस दिशा में लगातार काम करने से कामयाबी निश्चित है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
