ऐसे ही नहीं बीत गया वर्ष 2025      Publish Date : 29/12/2025

                         ऐसे ही नहीं बीत गया वर्ष 2025

                                                                                                                                                                                 प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं अन्य

हम सभी जानते हैं कि वर्ष 2025 अंतरिक्ष, नेतृत्व, समाज, कला और तकनीक के जैसे अनेक क्षेत्रों में ऐसे बदलावों के लिए स्मरण किया जाएगा, जो कि आने वाले साल में नई उम्मीदों का आधार बनेंगे।

इस वर्ष के पिछले बारह महीनों में पूरी दुनिया में विभिन्न उल्लेखनीय घटनाएं हुई हैं, जो सामाजिक, आर्थिक, साँस्कृतिक, पर्यावरणीय और प्रौद्योगिकी के हिसाब से काफी महत्वपूर्ण हैं। इस सम्बन्ध में सबसे पहले बात थाईलैण्ड की, जो समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देकर, दक्षिण पूर्व एशिया का पहला और एशिया का तीसरा ऐसा करने वाला देश बन गया है। वहीं जापान के इतिहास में पहली बार साने ताकाइची के रूप में एक महिला को पंधानमंत्री चुना गया। यह वहां के पितृसत्तात्मक सोचे वाले समाज के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

मई में राबॅर्ट फ्रांसिस प्रीवोस्ट रोम के 267वें बिशप बनें। यह प्रथम अवसर था, जब पहील बार किसी अमेरिकी नागरिक को रोमन कैथोलिक चर्च का पोप चुना गया है। यूनिसेफ की रिोर्ट के अनुसार, दुनिया में दुनिया में पहली बार मोटे बच्चों की संख्या कम वजन के बच्चों से अधिक हो गई है। रिपोर्ट में बताया गया कि इसकका सबसे बड़ा कारण अल्ट्रा-प्रोसेस्ड, सस्ते और अधिक कैलोरी युक्त खाद्य पदार्थों की बढ़ती उपलब्धि रहा है।

अमेरिका में पहली बार मानव के ब्लैडर का सफल ट्राँप्लान्ट किया गया। यह ब्लैडर की गम्भीर समस्याओं का उपचार के लिए नए मार्ग खोल सकता है। इसी वर्ष कस्टम जीन-एडिटिंग थेरेपी से एक दुर्लभ आनुवांशिक रोगों से पीड़ित बचचे के जे मुलडून का उपचार किया गया, जो कि आनवांशिक रोगों के उपचार के लिए काफी महत्वपूर्ण है।

द न्यू इ्रग्लैण्ड जर्नल ऑफ मेडिसिन के द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, डॉक्टरों ने जीन-एडिटिंग इन्फ्यूजन के जरिए उसका सफल उपचार किया गया। एक निजी अंतरिक्ष यान फायर फ्लाई एयरोस्पेस का ब्लू घोस्ट चन्द्रमा पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला प्रथम वाधिज्यिक लैंडर बना, जो अंतरिक्ष पर्यटन में एक नई उपलब्धि मानी जा रही है।

                                                                   

मानव ने पहली बार पृथ्वी के दोनों धुवों का चक्कर लगाया। यह काम फ्रेम-2 मिशन ने किया, जो एक स्पेसएक्स उड़ान थी, जिसकी फंडिंग चीनी मूल के उद्यमी चुन वांग ने की थी।लगभग साढ़े तीन दिन के इस मिशन के दौरान 22 वैज्ञानिक प्रयोग किए गए, जिनमें अंतरिक्ष में मानव की पहली एक्स-रे छवियों को प्राप्त करना भी शामिल था।

अगस्त में, बीजिंग में पहली बार ह्नयूमानॉइड रोबोट्स के बीच मुकाबला हुआ, जिामें दंनिया के 16 देशों के 500 से अधिक रोबोट्स ने भाग लिया। इन रोबोट्स ने बाधाओ वाले सास्ते पार किए और फुटबॉल भी खेला, हालांकि कई बा रवह लड़खड़ाए, गिरे और अपने सहायक मानवों से टकारए भी। इस प्रतियोगिता ने दिखाया कि रोबोटिक्स तकनीक अब कितनी आगे बढ़ चुकी है और इसकी सीमाएं क्या है?

दुनिया में सबसे अधिक उत्सर्जन करने वाले देश चीन ने भी ग्रीनहाऊस गैसों को कम करने के लिए अपना एक विस्तृत लक्ष्य घोषित किया है। हालांकि, आलारेचकों का कहना है कि यह लक्ष्य अभी भी वैश्विक जलवायु की आवश्यकताओं से पूरी तरह से मेल नहीं खाते हैं। वहीं आइसलैंड के जंगल में पहली बार मच्छर पाए गए। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव जलवायु परिवर्तन एवं पर्यटक स्थल के रूप में आइसलैंड की बढ़ती हुई लोकप्रियता का परिणाम है। पहले आइलैंड के सर्द मौसम में मच्छर जीवित नहीं रह पाते थे, परन्तु इस वर्ष पड़ी रिकॉर्ड गर्मी के चलते मच्छरों एवं अन्य कीटों की संख्या भी बढ गई है।

जहाँ तक मनोरंजन की बाम है, लातबिवियाई फिल्म फ्लो ने बेस्ट एमिनेटेड फीचर का ऑस्कर जीतकर इतिहास रच दिया। ऐसे करने वाली यह लातवियाई की पहली फिल्म है। नेटÚिलक्स पर जनरेटिव एआई तकनीक का उपयोग करने वाला पहला शो द इटरनॉट लॉन्च किया गया। इसमें पहली बार ऑन-स्क्रीन जनरेटिव एआई का उपयोग किया गया।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।