खेती के डिजिटलीकरण के लिए महत्वपूर्ण पहल गन्ना सलाहकार मोबाईल एप      Publish Date : 14/12/2025

खेती के डिजिटलीकरण के लिए महत्वपूर्ण पहल गन्ना सलाहकार मोबाईल एप

                                                                                                                                                                                     प्रोफेसर आर. एस. सेंगर

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के गन्ना प्रजनन संस्थान, कोयम्बटूर अपनी स्थापना से ही नित नई उन्नत प्रजातियों को विकसित कर देश को उसकी मिठास की आवश्यकताओं की पूर्ति में आत्मनिर्भर बनाने में एक अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है। इस संस्थान के द्वाराएक सीमा रहित संस्थान के रूप में देश की चीनी मिलों और गन्ना किसानों के लिए स्वयं अथवा अन्य गन्ना अनुसंधान संस्थाओं के सहयोग से अनेक क्षेत्र विशेष के लिए अनुकूल उन्नत गन्ना प्रजातियों, फसल उत्पादन, प्रबन्धन एवं यांत्रिक प्रौद्योगिकियों का विकास किया है। हालांकि प्रत्येक दशक में गन्ने के उत्पादन में सार्थक वृद्वि हुई है, लेकिन प्रचार-प्रसार के परम्परागत माध्यमों से उन्नत प्रौद्योगिकियों का अधिकतम किसानों तक पहुँचने में अधिक समय लगने के कारण गन्ना प्रजातियों की उत्पादन क्षमता का पूर्ण रूप से दोहन नहीं हो पाया, जिसके चलते गन्ने के उत्पादन में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है। एक ही कृषि पारिस्थितिकी क्षेत्र की जलवायु में, किसानों की आवश्यकताओं एवं प्रौद्योगिकियों की सिफारिशों में भिन्नता के कारण अपेक्षित उत्पादकता को प्राप्त करने में बाधा उत्पन्न करती रही हैं। नवील सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकयों विशेष रूप से मोबाइल फोन एप्लिकेशन प्रायः कृषि की दशा परिवर्तक अथार्त गेम चेंजर के रूप में देखी जा रही है। इसलिए, संस्थान के द्वारा समय और स्थान की बाधाओं के बिना नवीनतम सूचना को किसान और गन्ना कृषि से जुड़े विभिन्न हितधारकों तक पहुँचाने की दिशा में एक मोबाईल एप का विकास किया गया है।

मोबाईल एप का महत्वः मोबाईल फोन तथा मोबाईल फोन आधारित सूचना सेवाओं की निरंतर बढ़ती पहुँच, सूचना में विषमता को कम कर सकता है और उपयोगी जानकारियों को अधिक व्यापक एवु तेजी के साथ गन्ना किसानों तक पहुँचाने में विस्तार सेवाओं की भूमिका में पूरक सिद्व हो सकता है। एम-एप एक मोबाईल एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर है जिसका डिजाइन मोबाईल प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के लिए तैयार किया गया है। इसमें वहन करने योग्य, व्यापक स्वायित्व, आवाज का संचार, त्वरित और सुविधाजनक सेवा वितरण जैसी विभिन्न महत्वपूर्ण खूबियों से युक्त है। इस एप की परिकल्पना किसानों, चीनी मिलों के गन्ना विभाग स्टॉफ और लाईन विभाग के अधिकारियों को वैज्ञानिक गन्ना उत्पादन विधि में प्रगति, उन्नत प्रौद्योगिकी के सम्बन्ध में सलाह और अन्य सम्बन्धित सेवाओं को समय पर उपलब्ध के लक्ष्य के साथ प्रस्तुत की गई हैं।

गन्ना सलाहकार एप क्या है?

                                                          

गन्ना सलाहकार एक ऐसा कम्प्यूटर प्रोग्राम है, जो स्मार्ट फोन और टैबलेट कम्प्यूटर जैसे मोबाईल उपकरणों पर संचालित करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह वैज्ञानिक तरीके से गन्ने की खेती के बारे में जानने एवं रूचि रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए सुलभ है। यह मोबाईल एप 12 महीने की अनुसंधान परियोजना ‘गन्ने पर मोबाईल एप का विकास’ का परिणाम है, एवं वर्ष 2016-17 के दौरान, बाह्य परियोजना, कृषि प्रसार अनुभागख् भा.कृ.अनु.प., नई दिल्ली के द्वारा वित्त पोषित डिजिटल इंडिया की पहल का एक परिणाम है।

गन्ना सलाहकार मोबाईल एप का उपयोग करने का तरीकाः

एक अन्तर्राष्ट्रीय ऑनलाईन सॉफ्टवेयर स्टोर पर गन्ना सलाहकार मोबाईल एप मुफ्त में डाउनलोड करने के लिए गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। यह मोबाईल एप किसी भी एंड्रॉयड आधारित स्मार्ट फोन के लिए है, फिर चाहे वह किसी भी कन्फिग्यूरेशन का क्यों न हो, जो कि एक स्टैंड-अलोन मोड्यूल है। इस मोाईल एप को इस प्रकार से डिजाइन किया गया हैकि इस मोबाईल एप को डाउनलोड करने के लिए केवल एक बार इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता होती है। क्वेरी मोड भी केन्द्रित इंटरनेट से सम्बद्व होना आवश्यक है जिससे कि सही समय के आधार पर कार्य किया जा सके।

आवश्यकता एवं विश्लेषणः

आरम्भिक चरण में गाँवों में केन्द्रित समह चर्चा एवं अन्य आमने-सामने (इंटरफेस) बैठकों के दौरान गन्ना उत्पादकों/गन्ना कर्मचारियों की समस्याओं का विश्लेषण किया गया है। अनेक जानकारी जैसे किस प्रकार का मोबाईल फोन का उपयो किया जाता है, एप के लिए किस प्रकार की विषय सामग्री की आवश्यकता है, एप के द्वारा किस प्रकार की सेवाएं चाहिए, संदेश का प्रारूप कैसा होना चाहिए और संचार/संवाद का पसंदीदा प्रारूप आदि के सम्बन्ध में जानकारी जुटाई गई है।

गन्ना सलाहकार मोबाईल एप में मॉड्यूल्सः

इस एप की विकास प्रक्रिया के अन्तर्गत आधारभूत सर्वेक्षण, आंकडों का डिजिटलीकरण, गन्ना प्रजातियों के सन्दर्भ में विषय सामगी का प्रबन्धन, एंड्रॉयड प्लेटफार्म पर मोबाइल एप का विकास करना, सेदेश भेजने के लिए डिजिटल प्रवाह की व्यवस्था करना, मोबाईल संचारण के लिए सुविधाएं, पायलट अध्ययन, प्रदर्शन का विश्लेषण तथा मॉड्यूल को अन्तिम रूप प्रदान करना आदि शामिल किए गए हैं।

नवविकसित मोबाई एप की विशेषता यह है कि इसमें स्थिर के साथ-साथ गतिशील प्लेटफार्म को भी अन्तर्निहीत किया गया है। इस मोबाईल एप में उपलब्ध कराए गए कुछ मॉड्यूल्स इस प्रकार से हैं-

लॉग इन डायलॉगः पंजीकरण की दिशा में उपयोगकर्ता के साथ संवाद स्थापित करने के लिए यह इसका प्रथम कदम है। इसके लिए उपयोगकर्ता का पूर्ण विवरण जैसे नाम, मोबाईल नंबर, आयु, पता, भूमि क्षेत्र, प्राप्त की गई उपज और ई-मेल (वैकल्पिक) आदि का होना आवश्यक है।

डाउनलोडरः ज्ञान के आधार के इस स्थिर डाउनलोड करने योग्य डिस्प्ले में गन्न खेती के सम्बन्ध में रोपण/बुवाई से लेकर कटाई तक की जानकारी उपलब्ध होती है, अन्यथा इस जानकारी को तकनीकी भाग के सन्दर्भ में दर्शाया जाता है। इसमें विषय वस्तु मुख्य रूप से स्थिर चित्रों के रूप में पठन सामग्री और ग्राफिक्स होती है। पठन सामग्री लगभग 220 पृष्ठों की है तो पाठ (टैक्स्ट) पृष्ठों पर चालित होता है, जिसमें 650 से अधिक डिजिटल स्टेटस उपलब्ध हैं जो समस्त सामगी का वर्णन करते हैं। इसमोबाईल एप के माध्यम से राज्यवार किस्मों, फसल उत्पादन तकनीकों, कीटों की पहचान और उनका प्रबन्धन और पौधा फसल एवं पेड़ी (रैटून) फसल के सम्बन्ध में व्यापक जानकारी प्रदान की जाती है। इस सामान्य जानकारी में संस्थान का इतिहास, अधिदेश, गन्ना अनुसंधान केन्द्र इत्यादि को शामिल किया गया है।

नियोजक (अनुसूचक) एपः मॉड्यूल में एक नियोजक एप अन्तर्निहीत है जो कि प्रत्येक पंजीकृत उपयोगकर्ता के लिए बनाया गया है। पंजीकरण के लिए मूलभूत जानकारियों में बुवाई की तारीख, फसल का चयन (पौधा फसल/पेड़ी (रैटून)) और मौसम की जानकार (शरदऋतु/बसन्तऋतु) आदि शामिल हैं। बुवाई करने की दिनाँक के अनुसार, समय-समय पर सलाह और याद दिलाने वाले संदेश और कर्षण क्रियाओं को कलेण्डर के अनुसार वास्तविक सतय मोड पर पोप्ड (एकाएक) अप किए जाते हैं।

उर्वरक नियोजकः ज्ञान के आधार पर विस्तृत पोषक प्रबन्धन के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान करने के अतिरिक्त गन्ने का उत्पादन करने वाले समस्त राज्यों में संस्तुत मात्रा (खुराक) की सूचनाएं भी मोबाईल एप में शामिल की गई हैं।

पूछताछ संचालकः उपयोगकर्ता के पास मूल सन्देश या ग्राफिक के रूप में, सीधे फोटो अथवा गैलरी से अन्तिम संवाद विन्डो का विकल्प भी सवाल पूछने के लिए उपलब्ध है। प्रशासक के द्वारा प्रश्नों के उत्तर सन्देश की छंटाई, छोटा सन्देश सेवा (एस.एम.एस), ई-मेल इत्यादि के माध्यम से दिया जाता है।

भाषाः एप की सम्पूर्ण सामग्री को अंग्रेजी भाषा में ही विकसित किया गया और उसका हिन्दी एवंत मिल भाषा में अनुवाद किया गया, जिससे कि यह मोबाईल एप त्रिभाषी हो सके। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के मानकों के अनुसार इस मोबाईल एप को अंगेजी में केन एडवाइजर, हिन्दी में गन्ना सलाहकार और तमिल भाषा में करम्बू आलोस्कर के नाम से नामित किया गया है।

मोबाईल एप क्यों:

संस्थान के द्वारा तैयार की गई यह मोबाईल इंटरनेट एप्लीकेशन गन्ने की खेती से सम्बन्धित शब्दावली का एक डिजिटल संग्रहण सम्भव हो सकेगा, जिसमें गन्ने की खेती से सम्बन्धित तमाम विवरण शामिल होंगे जो गन्ना किसानों, गन्ना विकास अधिकारियों, चीनी मिलों के गन्ना विभाग का स्टॉफ आदि के लिए एक क्लिक पर ही जाकारी उपलब्ध होंगी।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।