
आलू की बुवाई के लिए करें पोटैटो प्लांटर मशीन का उपयोग Publish Date : 21/10/2025
आलू की बुवाई के लिए करें पोटैटो प्लांटर मशीन का उपयोग
प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं गरिमा शर्मा
आलू की खेती करने वाले किसानों के लिए पोटैटो प्लांटर मशीन काफी उपयोगी सिद्व हो सकती है। इस मशीन के माध्यम से आलू किसान आलू की बुवाई में लगने वाले समय, श्रम और लागत को कम कर सकती है। आलू की एक एकड़ में बुवाई करने में आमतौर पर 4 से 5 मजदूरों को काफी समय समय लगता है। जबकि यह मशीन एक एकड़ क्षेत्र में बुवाई लगभग एक घण्टे में कर सकती है।
मशीन की विशेषताएं:

पोटैटो प्लांटर मशीन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह आलू के बीज को समान दूरी और गहराई पर लगाती है। इससे आलू की फसल एक समान और बेहतर गुणवत्ता वाली होती है। इसके साथ ही यह मशीन बीज के साथ ही खाद एवं बीज के ऊपर मिट्टी डालने का कार्य भी करती है।
करती है एक साथ कई काम:
पोटैटो प्लांटर मशीन ट्रैक्टर के द्वारा संचालित की जाती है। इस मशीन में बीज को स्टोर करने के लिए एक टैंक होता है, जो निर्धारित दूरी पर आलू के बीज को मिट्टी में गिराता है। इसके अतिरिक्त इस मशीन से मिट्टी की तैयारी, बालू की बुवाई और खाद डालने के जैसे सारे काम एक साथ ही हो जाते हैं।
मशीन की कुछ विशेष बातें:
- पोटैटो प्लांटर मशीन से बुवाई करने पर 2,500-3,000 रूपए तक का प्रति एकड़ की दर से खर्च आता है।
- इसके विपरीत आलू की पारम्परिक बुवाई के दौरान 6,000 से 8,000 रूपए प्रति एकड़ तक का खर्च आता है।
- पोटैटो प्लांटर मशीन बाजार में 45,000 से लेकर 1.5 लाख रूपए तक की रेंज में उपलब्ध है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।
