गेंदा की खेती वैज्ञानिक विधि से      Publish Date : 23/12/2025

                       गेंदा की खेती वैज्ञानिक विधि से

                                                                                                                                                                   प्रोफेसर आर. एस. सेंगर एवं अन्य

इस विधि से गेंदा की खेती करने से किसान अरूण कुमार ने मात्र 2 हजार रूपए की लागत से कमाया ₹25,000 का शानदार मुनाफा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की तहसील मोदीनगऱ अंतर्गत ग्राम झंगीरपुर के कृषक अरूण कुमार ने वर्ष 2024-25 में उद्यानिकी विभाग की ‘‘पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना” के अंतर्गत उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। विभाग द्वारा उन्हें 0.250 हेक्टेयर भूमि में गेंदा पुष्प की खेती हेतु शंकर गेंदा का बीज प्रदान किया गया।

किसान अरूण कुमार ने उद्यानिकी विभाग से नर्सरी तैयार करने एवं पौधों की रोपाई की तकनीकी जानकारी प्राप्त कर अपने खेत में गेंदा की रोपाई की।

केवल दो माह के भीतर गेंदा पुष्प का उत्पादन आरंभ हो गया, जो वर्तमान में भी निरंतर जारी है। किसान अरूण कुमार ने स्थानीय बाजार में फूलों की फुटकर बिक्री कर लगभग 25 हजार रुपए का विक्रय अभी तक कर चुके है, जबकि पूरी फसल की खेत तैयारी एवं रोपाई आदि करने में उनका मात्र 2,000 रुपये का व्यय हुआ था। इस प्रकार अल्प अवधि में ही उन्होंने पुष्प खेती से अच्छा लाभ अर्जित किया और अन्य किसानों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। 

                                                                    

किसान अरूण कुमार का कहना है कि गेंदा पुष्प की खेती न केवल लाभदायक है, बल्कि यह कम लागत में अधिक आय प्रदान करने वाली फलों की एक फसल है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों का आभार भी व्यक्त किया और कहा कि विभागीय सहयोग के चलते ही उन्हें यह सफलता मिली है।

लेखकः डॉ0 आर. एस. सेंगर, निदेशक ट्रेनिंग और प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ।