लिवर को स्वस्थ्य बनाने के लिए प्रयोग की जाने वाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ      Publish Date : 01/10/2026

लिवर को स्वस्थ्य बनाने के लिए प्रयोग की जाने वाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ

                                                                                                डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा

भोजन पर विशेष ध्यान ना देने की वजह से अक्सर लोग पाचन से जुड़ी परेशानियों से जुड़े रहते हैं। आयुर्वेदिक के अनुसार, पाचन से जुड़े कई सूक्ष्मजीवों के सेवन के कारण होते हैं। हद से ज्यादा मात्रा में शराबी ढांचे और प्रोटोटाइप के साथ में इनडे कीराइड्स भाग भारी पैमाने पर, प्रोटोटाइप के लिए बेहद नुकसानदायक है। आयुर्वेद में ऐसी कई जड़ी-बूटियाँ (जिगर के स्वास्थ्य के लिए जड़ी-बूटियाँ) के बारे में बताया गया है जो कि आहार को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती हैं। आओ उन जड़ी-बूटियों और औषधियों के बारे में विस्तार से जानेंः 

1- स्वस्थ्य शक्ति को दर्शाता है भुंई आंवला

भूम्यामलकी एक प्रमुख औषधि है जो आसानी से घर के आस-पास छोटे-छोटे उपचारों के रूप में मिल जाती है। यह हेल्थ-बूटी प्रोटोटाइप को कई तरह के इंफेक्शन से बचाने में मदद करता है और लिवर की सेहत को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। हालांकि लिवर की परेशानियों से जूझ रहे लोगों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार करना चाहिए।

भूम्यामलकी के उपयोग का तरीका

भूम्यामलकी का उपयोग शुरू करने के लिए आप रसायन, कैप्सूल या टेबलेट के रूप में कर सकते हैं। इसका उत्पाद भी बाजार में है। खुराक संबंधी जानकारी के लिए डॉक्टर से परामर्श लें। 

2- कुटकी लिवर की क्षमता को बढ़ती है

कुटकी एक आकर्षक बूटी है जिसका उपयोग लिवर के संक्रमणों में प्रमुख रूप से किया जाता रहा है। आयुर्वेदिक औषधियों के अनुसार कुटकी लिवर की सूजन को कम करने के साथ ही उसकी कार्य क्षमता को भी बढ़ती है। जो लोग लिवर सूजन की समस्या से पीड़ित हैं उन्हें डॉक्टर से सलाह लेकर कुट्टी का सेवन करना चाहिए। 

कुटकी के सेवन का तरीका

आजकल कुट्टकी का कैप्सूल या पाउडर बाजार में आसानी से उपलब्ध हो जाता है। आयुर्वेदिक चिकित्सक के परामर्श के अनुसार ही इसका सेवन करें। 

3- बेहद अद्भुत है जड़ी-बूटी आंवला

आयुर्वेदिक डॉक्टरों के द्वारा उपयोग की जाने वाली एक जानीमानी मेडिसिन है। यह लिवर को डिटॉक्स करने का काम करता है। लिवर में पाए जाने वाले फ़ायटो न्यूट्रिएंट्स डिटॉक्स करने की कार्य क्षमताएँ रखते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, आँवले में हेप्टो सार्सिव क्षमताएँ हैं जो कि आपके लिवर की कार्यप्रणाली को स्वस्थ बनाती हैं। 

आंवला के सेवन का तरीका

आँवले का उपयोग आप कई तरह से कर सकते हैं। सबसे आसान और घरेलू नुस्खा है कि आप कच्चे आंवले का सेवन करें। इसके अलावा आज कल बाजार में आँवले की दवा, टेबलेट, कैप्सूल और कैंडी आसानी से मिल जाती हैं। आप प्रतिदिन सीमित मात्रा में से किसी का भी सेवन कर सकते हैं।

4- एलोवेरा लिवर संक्रमण से बचाता है 

एलोवेरा में प्रचुर मात्रा में अच्छे बैक्टीरिया और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो फ्री रेडिकल्स के शुरू होने के कारण कई तरह के नुकसान और संक्रमण से बचाते हैं। एलोवेरा का सेवन करने से आपका लिवर लंबे समय तक स्वस्थ रहता है।

एलोवेरा का सेवन कैसे करें

एलोवेरा का उपयोग सबसे अधिक मात्रा में किया जाता है। प्रतिदिन सुबह खाली पेट दो तीन छोटे आकार के एलोवेरा में इतनी ही मात्रा में पानी की मात्रा होती है। 

5- लिवर की सूजन को कम करता है पुनर्नवा

आज के समय में ज्यादातर लोग सूजन की समस्या से परेशान हैं। अगर आप भी उनमें से एक हैं तो पुनर्नवा आपके लिए बेहद अच्छज्ञ घटक साबित हो सकता है। पुनर्नवा एक स्वास्थ्यवर्धक बूटी है जिसका उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है। यह लिवर की सूजन कम करती है साथ ही साथ अन्य संक्रमणों के खतरे को भी कम करती है।

पुनर्नवा का सेवन कैसे करें

पुनर्नवा केकेल्स, कैप्सूल, टेबलेट और सिरप के रूप में उपलब्ध है। आप किसी भी रूप में इसका सेवन कर सकते हैं। इसे थोड़ी मात्रा में लें इसके लिए आयुर्वेदिक चिकित्सक से संपर्क करें।

लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।