महिलाओं और पुरुषों में फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए प्रभावशाली प्राकृतिक एवं घरेलू उपाय      Publish Date : 16/09/2026

महिलाओं और पुरुषों में फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए प्रभावशाली प्राकृतिक एवं घरेलू उपाय

                                                                                                     डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा

इनफर्टिलिटी या बांझपन की समस्या महिला और पुरुष दोनों के लिए ही एक चिंता का विषय होता हैं। गर्भधारण करने से पहले प्रजनन से संबंधित कई तरह की समस्याएं होती हैं। गर्भधारण ना हो पाने का कारण पुरुष एवं महिला में से एक या दोनों ही हो सकते हैं। अगर कमजोर प्रजनन क्षमता के कारण महिला गर्भधारण नहीं कर पाती है तो इसके लिए महिलाएं बिल्कुल भी चिंता ना करें। प्राकृतिक घरेलू उपायों को इस्तेमाल कर इनफर्टिलिटी या बांझपन की समस्या से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है।

महिलाओं और पुरुषों में इनफर्टिलिटी के कारण

महिलाओं और पुरुषों में बांझपन के कई कारण हो सकते हैं जो निम्नलिखित है-

पुरुषों में बांझपन के कारण

  • स्खलन संबंधी विकार।
  • शराब और सिगरेट का अधिक सेवन करना।
  • न्यूट्रिएंट्स की कमी होना।
  • जरूरी हॉर्माेन की कमी या असंतुलन की स्थिति।
  • रासायनिक दवाइयों का सेवन जिनसे फर्टिलिटी प्रभावित होती है।
  • डीएनए फ्रेगमेंटेशन।
  • स्पर्म मोललिटी, स्पर्म काउंट कम होना, स्पर्म स्ट्रक्चर का बिगड़ जाना।

महिलाओं में बांझपन के कारण

पोषण में कमी

  • सामान्य रूप से 45 की उम्र पार कर लेने के बाद महिलाओं को गर्भधारण में परेशानी होती है। अधिक उम्र भी बांझपन का कारण हो सकती है।
  • पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (एक बीमारी जो गर्भधारण की प्रक्रिया को प्रभावित करती है)।
  • प्रोलैक्टिन की मात्रा में अनचाही बढ़ोतरी होना।
  • ओवेरियन सिस्ट का होना।

प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए कुछ प्राकृतिक घरेलू उपचार

दालचीनी

प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए दालचीनी का उपयोग किया जा सकता है। ज्यादातर महिलाओं में इनफर्टिलिटी की समस्या का मुख्य कारण (पीसीओएस) यानी कि पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम की बीमारी होती है। दालचीनी के इस्तेमाल से इस बीमारी से ग्रसित महिलाओं का उपचार आसानी से किया जा सकता है। दालचीनी की मदद से मासिक धर्म चक्र सामान्य हो जाता है और अंडाशय अपना कार्य सरलता पूर्वक करते हैं। एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच पिसी हुई दालचीनी को घोलकर रोज़ाना सेवन करें। इस घोल में आप एक चम्मच शहद भी मिला सकते हैं। बांझपन की समस्या से छुटकारा पाने के लिए यह बहुत फ़ायदेमंद घरेलू नुस्खा है। दिन में ज्यादा से ज्यादा दो चम्मच दालचीनी का सेवन करें वरना आपको परेशानी हो सकती है।

लहसुन

पुरुषों में प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए लहसुन बहुत कारगर उपाय है। लहसुन में एलिसिन नामक तत्व पाया जाता है जो शुक्राणु की संख्या को बढ़ाता है। लहसुन का सेवन कर आप प्राकृतिक रूप से अपनी फर्टिलिटी क्षमता को बढ़ा सकते हैं। इसलिए रोजाना सुबह-शाम एक-एक कली लहसुन का सेवन करें।

अश्वगंधा

अश्वगंधा एक प्राकृतिक हर्ब है जिसका सेवन करने से महिलाओं और पुरुष दोनों की प्रजनन क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। अश्वगंधा के सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी लाभ होता है और एक अलग लेवल की एनर्जी महसूस होती है। एंडोक्राइन सिस्टम के विकारों को आंतरिक रूप से दूर करने के लिए अश्वगंधा का सेवन अवश्य करना चाहिए। रात को सोने से पहले 5 ग्राम अश्वगंधा चूर्ण को गुनगुने दूध में मिलाकर पियें।

अनार

एक स्वस्थ बच्चे की कामना करने वाली महिलाओं को अनार का सेवन जरूर करना चाहिए। अनार के सेवन से रक्त प्रवाह सामान्य तरीके से होता है। अनार शरीर के रक्त को ज्यादा से ज्यादा मात्रा में गर्भाशय तक ले जाता है जिससे बांझपन से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं। यह गर्भाशय के ऊपरी परतों को मजबूत बनाता है जिसके कारण गर्भपात की आशंकाएं भी काफी कम हो जाती है।

सेंधा नमक

अगर आप भी बांझपन की समस्या से छुटकारा पाना चाहते हैं तो अंग्रेजी दवाइयों का सेवन करने से बेहतर है कि आप सेंधा नमक उपयोग इसके लिए करें। यह प्राकृतिक रूप से महिलाओं के मासिक धर्म के चक्र को सामान्य बनाता है और गर्भाशय के स्वास्थ्य को अच्छा बनाता है। रोज़ाना रात को एक गिलास पानी में सेंधा नमक भिगोकर रख दें और सुबह उठकर इसका सेवन करें। इसके सेवन से शुरुआत में आपको उलटी एवं दस्त की समस्या हो सकती है। ऐसा 3 से 4 महीने तक करने के बाद गर्भधारण करने लिए तैयार हो जाता है।

तिल का तेल

फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए तिल का तेल बहुत उपयोगी औषधि है। बांझपन की समस्या से जूझ रही महिलाओं को तिल के तेल को गुनगुना कर पेट की मालिश करनी चाहिए। ऐसा करने से गर्भाशय में ऑक्सीजन सही मात्रा में पहुंचती है जिससे फर्टिलिटी में सुधार होता है। तिल के तेल से मालिश करने के बाद ठंडे पानी से से नहाने से लाभ प्राप्त होता है। इस उपाय को आजमाने से स्पर्म की गुणवत्ता और मात्रा में भी बढ़ोतरी होती है।

शतावरी

महिलाओं में बांझपन की समस्या को दूर करने के लिए शतावरी सबसे अधिक फायदेमंद और प्राकृतिक औषधि माना जाता है। यह यौन इच्छा को बढ़ाती है तथा आपके शरीर को सेक्सुअल प्रोसेस के लिए बेहतर बनाती है। शतावरी का सेवन करने से पीरियड साईकल सामान्य रूप से होते है। इसका सेवन शरीर मे एस्ट्रोजेन हॉर्माेन की मात्रा को बढ़ाता है जिससे यौन इच्छा बढ़ती है। यह औषधि गर्भाशय के ऊतकों को भी पोषण प्रदान करती है तथा तनाव में भी कमी लाती है। रोजाना 2 ग्राम शतावरी चूर्ण का सेवन आपको बेहतर लाभ प्रदान कर सकता है।

कच्चा शहद

मधुमक्खियां पोषण पाने के लिए कच्चा शहद बनाती हैं। इस शहद में भारी मात्रा में प्रोटीन, एमिनो एसिड, फैटी एसिड और आदि विटामिन मौजूद होते हैं। कच्चे शहद में कैल्शियम और आयरन भी अधिक मात्रा में पाया जाता है जिससे शरीर में हॉरमोन संतुलित बने रहते हैं। बांझपन की समस्या से छुटकारा पाने के लिए इसका सेवन किया जा सकता है। यह महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए लाभ प्रदान करता है।

अशोक की छाल

अशोक की छाल का सेवन न सिर्फ महिलाओं में प्रजनन क्षमता को बढ़ाता है बल्कि, यह मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं और ल्यूकोरिया की समस्या को भी खत्म करता है। यह महिलाओं के गर्भाशय को आंतरिक रूप से मजबूत बनाता है जिससे गर्भ ठहरने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आती है। रोजाना रात को खाने से पहले और सुबह उठकर खाली पेट इसका सेवन करने से अनेक फायदे होते हैं। एक गिलास गाय के दूध में एक चम्मच अशोक की छाल का चूर्ण मिलाकर पीने से इनफर्टिलिटी की समस्या दूर होती है।

गोखरू

महिलाओं और पुरुषों में फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए गोखरू का सेवन किया जा सकता है। यह एक कामोद्दीपक के रूप में कार्य करता है जिसके कारण यौन इच्छा बढती है। गोखरू का सेवन करने से स्पर्म की क्वालिटी पहले से अच्छी हो जाती है। यह सेक्सुअल पार्ट्स में रक्त प्रवाह को तेज करता है जिससे सारे यौन दोष दूर हो जाते हैं। यह इरेक्शन टाइम को बढ़ाता है जिससे सेक्स का अनुभव सुखद बन जाता है।

बरगद की छाल

महिलाओं व पुरुषों में प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए बरगद की छाल के चूर्ण का सेवन करें। सूखी हुई बरगद की छाल का चूर्ण बनाकर रोजाना सुबह-शाम दो चम्मच गर्म दूध के साथ सेवन करें। स्वाद के लिए आप चीनी या फिर मिश्री मिला सकते हैं। वहीं अगर महिलाओं का मासिक धर्म चल रहा है तो इसका सेवन बिल्कुल ना करें।

अंगूर

पुरुषों में फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए अंगूर का रस बेहद उपयोगी है। इसमें मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स वीर्य की खराब गुणवत्ता में सुधार करते हैं। अंगूर के रस का सेवन करने से पुरुषों की प्रजनन क्षमता बढ़ती है।

खजूर

हम खजूर का सेवन खून की कमी दूर करने और मसल्स को मजबूत बनाने के लिए करते हैं। साथ ही खजूर से बांढपन की समस्या का इलाज भी किया जा सकता है। विटामिन ए, विटामिन बी और कई तरह के मिनरल गर्भधारण के लिए बहुत जरूरी होते हैं। खजूर में ये सभी विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं जिससे आसानी से गर्भधारण किया जा सकता है। रात को सोने से पहले गाय के दूध में खजूर मिलाकर रख दें और सुबह दूध सहित इसका सेवन करें। ऐसा करने से बांझपन की शिकायत कुछ ही महीनों में दूर हो जाएगी।

फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए खजूर का इस्तेमाल एक और तरह से किया जा सकता है। खजूर और धनिया के जड़ का पेस्ट बनाएं और इस पेस्ट को गाय के दूध के साथ उबालें। फिर ठंडा हो जाने पर इस मिश्रण का सेवन करें। ऐसा करने से 3 से 4 महीने में इनफर्टिलिटी की समस्या खत्म हो जाती है।

फॉलिक एसिड

अगर गर्भ नहीं ठहर पा रहा है तो यह शरीर में फॉलिक एसिड की कमी के कारण हो सकता है। फॉलिक एसिड गर्भाशय में भ्रूण के विकास के लिए बेहद जरूरी है। अगर वीर्य की गुणवत्ता कमजोर है तो गर्भधारण करने के एक महीने पहले से फॉलिक एसिड का भरपूर मात्रा में सेवन करना शुरू कर दें। फॉलिक एसिड वीर्य की गुणवत्ता को बढ़ाकर फर्टिलिटी बढ़ाने का काम करता है। आप उन आहारों का सेवन कर सकते हैं जिनमें भरपूर मात्रा में फॉलिक एसिड पाई जाती हो। इसके अलावा आप फॉलिक एसिड के सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं, लेकिन केवल डॉक्टर से सलाह लेने के बाद।

फर्टिलिटी बढ़ाने वाले आहार

हरी पत्तेदार सब्जियां

महिलाओं को गर्भधारण करने में आयरन और फॉलिक एसिड मदद करते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियों में ये दोनों मिनरल्स भारी मात्रा में पाए जाते हैं जिससे गर्भाशय स्वस्थ होता है और महिला को गर्भधारण करने में आसानी होती है। पुरुषों के स्पर्म के स्ट्रक्चर को बेहतर बनाने में फॉलिक एसिड अहम रोल निभाती है।

फल

फलों में कई तरह के जरूरी विटामिन्स पाए जाते हैं। गर्भधारण के लिए विटामिन सी की जरूरत होती है। इसलिए उन फलों का सेवन करें जिनमें विटामिन सी भरपूर मात्रा में हो। इससे आप आसानी से गर्भधारण कर सकेंगी। कुछ विटामिन सी वाले फल जैसे संतरा, स्ट्रॉबेरी, किवी, ब्लू बेरी आदि का सेवन गर्भधारण की संभावना को बढ़ा देता है।

फाइबर युक्त आहार का सेवन करें

एक शोध में यह पाया गया है कि फाइबर का सेवन करने से महिलाओं में ओवुलेटरी इनफर्टिलिटी का 44 प्रतिशत तक रिस्क कम हो जाता है। एस्ट्रोजन की अधिकता की वजह से भी गर्भधारण करने में समस्या होती है। फाइबर हमारे स्पेशल तरीके से बाईंड करता है जिससें एस्ट्रोजन का उत्पादन कम हो जाता है और फर्टिलिटी की संभावना कम हो जाती है। कुछ फाइबरयुक्त पदार्थ जैसे- साबुत अनाज, गेहूं की रोटियां, ब्राउन राइस और बींस को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।

टमाटर

अगर पुरुषों का स्पर्म काउंट कम है और इसके चलते गर्भधारण नहीं हो पा रहा है तो टमाटर के सेवन से काफी कम समय में स्पर्म काउंट को बढ़ाया जा सकता है। टमाटर में पाया जाने वाला लाइकोपीन नामक तत्व स्पर्म क्वालिटी और क्वांटिटी को तेजी से बढ़ाता है। नियमित रूप से दो से तीन टमाटर का सेवन सेंधा नमक के साथ करें, इससे स्पर्म क्वालिटी और क्वांटिटी दोनों में ही वृद्धि होगी।

अंडे

इनफर्टिलिटी का कारण पुरुषों का स्पर्म हेल्दी न होना भी है। अंडे से मिलने वाला प्रोटीन और विटामिन पुरुषों में हेल्दी स्पर्म के उत्पादन के लिए मददगार होता है। स्पर्म की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नाश्ते में दो अंडे शामिल करें।

अखरोट

पुरुषों के स्पर्म स्ट्रक्चर को ठीक करने और स्पर्म काउंट को बढ़ाने के लिए अखरोट एक अच्छा विकल्प है। अखरोट में ओमेगा 3 फैटी एसिड्स की भरपूर मात्रा पाई जाती है जो लिंग में ब्लड फ्लो को बढ़ाती है जिससे इरेक्शन टाइम बढ़ता है और स्पर्म की मोललिटी भी तेज हो जाती है।

अगर फर्टिलिटी बढ़ाना चाहते हैं तो ध्यान रखें ये बातें

  • शराब, धूम्रपान आदि नशा युक्त पदार्थों का सेवन न करें।
  • तनाव न लें। तनाव कम करने के लिए आप योग का सहारा ले सकते हैं।
  • सोया से बनी चीजों से दूरी बनाए रखें।
  • खाने में सभी Nutrine शामिल करें।
  • जल्दी सोये और जल्दी उठें।
  • योग और एक्सरसाइज करें।

लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।