
किडनी में सूजन के लिए आयुर्वेदिक उपचार Publish Date : 03/05/2026
किडनी में सूजन के लिए आयुर्वेदिक उपचार
डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा
किडनी में सूजन होने पर आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से इसका उपचार कराया जा सकता है। इससे स्थिति में काफी हद तक सुधार हो सकता है। हमारे अयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ0 सुशील शर्मा बता रहे हैं किडनी में सूजन के लिए कुछ श्रेष्ठ आयुर्वेदिक उपचार-
किडनी हमारे शरीर का एक बहुत महत्वपूर्ण अंग है, जो हमारे शरीर के विभिन्न कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसका मुख्य कार्य ब्लड की सफाई करना है। इसके साथ ही पेशाब के के माध्यम से शरीर के गंदे पदार्थों को बाहर निकालना है। इसकी मदद से शरीर के अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने में भी मदद मिलती है। ऐसे में किडनी को स्वस्थ रखना बहुत ही आवश्यक होता है। अगर किडनी में किसी तरह की परेशानी हो जाए, तो शरीर के विभिन्न प्रकार के कार्य प्रभावित हो सकते हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में यदि हम किडनी में सूजन आने की बात करें, तो यह अपने आप में कोई रोग नहीं होता है, बल्कि अन्य कई समस्याओं का संकेत हो सकता है। इन समस्याओं के आधार पर ही किडनी में सूजन का उपचार किया जाता है।
किडनी में सूजन कब और कैसे होती है?

इसके सम्बन्ध में डॉ0 सुशील शर्मा बताते है कि किडनी में सूजन आने की स्थिति को चिकित्सीय भाषा में हाइड्रोनेफ्रोसिस कहते है। यह स्थिति तब होती है, जब किडनी में किसी प्रकार की रुकावट, पथरी, इन्फेक्शन या यूरिन के वापस भरने के कारण पेशाब किडनी से सही तरह बाहर नहीं निकल पाता है। इससे किडनी में सूजन, दर्द और उसकी कार्यक्षमता में कमी आ सकती है। आयुर्वेद में इसे मुख्यतः मूत्रवाह स्रोत विकार, मूत्रकृच्छ, मूत्राघात तथा शोथ के रूप में जाना जाता है।
किडनी में सूजन के लक्षणः
डॉ0 सुशील शर्मा का कहना है कि किडनी में सूजन के विभिन्न लक्षण प्रकट हो सकते हैं, जिनको ध्यान में रखकर इस समस्या का उपचार किया जाता है। इस समस्या के प्रमुख लक्षण सामान्य रूप से निम्न हैं-
1. कमर या पीठ के दोनों ओर दर्द।
2. पेशाब में जलन।
3. पेशाब कम आना।
4. पैरों और चेहरे पर सूजन आना।
5. कमजोरी का अनुभव और कभी-कभी बुखार आना, इत्यादि।
किडनी में सूजन का आयुर्वेदिक उपचारः

किडनी में सूजन होने पर आयुर्वेद में कुछ विशेष प्रकार की जड़ी-बूटियों के द्वारा किया हैं, जिनका विवरण निम्न प्रकार से हैं-
- किडनी में सूजन होने पर पुनर्नवा का प्रयोग करना काफी लाभकारी माना जाता है। इसे समस्या के समाधान में सबसे महत्वपूर्ण जड़ी-बूटी माना जाता है, क्योंकि यह मूत्रल होकर शरीर से अतिरिक्त द्रव बाहर निकालने में सहायक साबित हो सकती है।
- इसके साथ गोक्षुर भी किडनी के सूजन को कम करने वाली एक विशेष प्रकार की जड़ी-बूटी होती है। इस बूटी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो सूजन को कम करने में प्रभावी साबित हो सकता है।
- वरुण किडनी में आने वाली सूजन की परेशानी को दूर कर सकता है। दरअसल, इसमें मूत्रवर्धक गुण होता है, जो शरीर में अतिरिक्त गंदगी को बाहर निकाल सकता है। इसके साथ ही यह किडनी स्टोन को तोड़ने में भी प्रभावी सिद्व हो सकता है।
- चंद्रप्रभा वटी भी किडनी में सूजन होने पर प्रदान कर सकती है।
किडनी में सूजन होने पर क्या करें?
डॉक्टर कहते हैं कि किडनी में सूजन होने पर जड़ी-बूटियों के साथ-साथ अपने खानपान में बदलाव करके भी स्थिति में सुधार किया जा सकता है, जैसे-
- अपनी डाइट में नमक का प्रयोग कम से कम करें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें।
- किडनी में सूजन होने पर जौ के पानी का सेवन करें।
- कुल्था यानि कुलथी का पानी या सूप भी किडनी में होने वाली सूजन को कम करने में लाभकारी हो सकता है।
ध्यान रखें कि अगर आपको किडनी में सूजन के साथ तेज दर्द, बुखार, क्रिएटिनिन बढ़ा हो या पेशाब रुक रहा हो, तो ऐसी स्थिति में यूरिन टेस्ट और किडनी फंक्शन टेस्ट आवश्यक रूप से कराना चाहिए। क्योंकि कुछ स्थितियों में तुरंत पारंपरिक उपचार की आवश्यकता हो सकती है, जिससे कि स्थिति की गंभीरता को कम किया जा सके।
लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।
