गर्मियों में बालों की आयुर्वेदिक देखभाल      Publish Date : 21/04/2026

   गर्मियों में बालों की आयुर्वेदिक देखभाल

                                                                                                 डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा

गर्मी के मौसम में हमारे बाल बहुत ही अधिक ड्राई और बेजान से हो जाते हैं, ऐसे में उनकी देखभाल कैसे कर सकते हैं? हमारे आयुर्वेदिक एक्सपर्ट बता रहे हैं कुछ टिप्स-

गर्मियों में बालों की सही तरीके से देखभाल बहुत जरूरी है, क्योंकि गर्म मौसम में पसीना अधिक आता है और ऑयली स्कैल्प होने के चलते डैंड्रफ, खुजली और बालों का झड़ना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। साथ ही, गर्मी से राहत पाने के लिए इस मौसम में ठंडे पेय और मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन बढ़ जाता है, जिससे बालों का झड़ना और भी तेज हो जाता है। ऐसे में हम कई तरह के प्रोडक्ट का इस्तेमाल भी करते हैं, लेकिन फिर भी कोई विशेष लाभ नजर नहीं दिखाई देता है।

                           

लेकिन अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि, आज हम आपको इस लेख के माध्यम से आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ0 सुशील शर्मा के द्वारा बताए कुछ ऐसे नुस्खों के बारे में जानकारी प्रदान करने वाले हैं जो पूरी तरह से हानिरहित और आयुर्वेदिक हैं जो गर्मियों में बालों की देखभाल के लिए बहुत ही अधिक लाभकारी साबित हो सकते हैं। यह नुस्खे बालों का झड़ना कम करने, उनकी ग्रोथ और हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

ठंडक देने वाला हेयर ऑयल

आयुर्वेद के अनुसार, बालों में तेल लगाना बालों की देखभाल के सबसे पुराने और जरूरी तरीकों में से एक है। इसके लिए आपको गुड़हल, आंवला, करी पत्ता, नारियल, ब्राह्मी जैसी ठंडक देने वाली जड़ी-बूटियों से बना हेयर ऑयल उपयोग करना चाहिए।

सामग्री

  • नारियल का तेल - 2 कप
  • तिल का तेल - 1/2 कप
  • अरंडी का तेल - 1/2 कप
  • करी पत्ता - एक मुट्ठी
  • नीम की पत्तियां – 10
  • आंवला - 5 (या 5 बड़े चम्मच आंवला पाउडर)
  • मेथी के बीज - 1 बड़ा चम्मच
  • गुड़हल के फूल - 3-4
  • गुड़हल की पत्तियां - एक मुट्ठी
  • ब्राह्मी पाउडर - 3 बड़े चम्मच

बनाने का तरीका-

  • सभी चीजों को मिलाएं और मिश्रण को तब तक उबालें जब तक वह गाढ़ा न हो जाए।
  • आंच बंद कर दें।
  • इसे थोड़ा ठंडा होने दें।
  • फिर इसे छान लें और एक कांच के बर्तन में भरकर रख लें।
  • बालों को पोषण देने के लिए हफ्ते में एक या दो बार इस तेल को लगाएं।
  • रात में तेल से मालिश करें और अगली सुबह बाल धो लें, या बाल धोने से 2 घंटे पहले अपने बालों में तेल लगाएं।

रोजाना आंवला खाएं

अगर आप बालों के झड़ने की समस्या से परेशान हैं, तो आधा छोटा चम्मच आंवला पाउडर का सेवन करें। बालों को स्वस्थ रखने के लिए, आप आंवला कैंडी या शरबत के रूप में भी ले सकते हैं। नियमित रूप से आंवला खाने से बालों से जुड़ी ज्यादातर समस्याओं से राहत मिलती है। आंवला बालों के लिए सबसे बेहतरीन टॉनिक है।

यह बालों को समय से पहले सफेद होने और डैंड्रफ से बचाता है, बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है और स्कैल्प में रक्त संचार को बढ़ाता है, जिससे बालों की ग्रोथ बेहतर होती है। इसके अलावा, ब्राह्मी, भृंगराज और करी पत्ते के साथ आंवला मिलाकर लगाने से भी बालों का झड़ना और बालों का सफेद होना रुक जाता है।

एलोवेरा जेल

बाल धोने से 30 मिनट पहले बालों पर एलोवेरा जेल लगाएं। यह आपके बालों को प्राकृतिक रूप से मुलायम बनाने में मदद करता है और बालों का झड़ना रोकता है। हां, एलोवेरा बालों और स्कैल्प (सिर की त्वचा) की गहराई से सफाई करता है। इसमें कोई भी हानिकारक केमिकल नहीं होता, इसलिए यह बालों को पोषक तत्व देकर उन्हें मजबूत बनाता है।

गुड़हल की चाय

स्वभाव से ठंडक देने वाली यह चाय रोज़ पिएं और अपने बालों को पोषण दें। गुड़हल की चाय एक बेहतरीन पेय है जो आपको विभिन्न प्रकार के लाभ प्रदान करती है। यह विशेष रूप से बालों के लिए लाभकारी है, क्योंकि यह बालों का झड़ना रोकने और बालों को सफेद होने से बचाने में सबसे अच्छे नतीजे देती है। आप ताज़े गुड़हल के फूलों से घर पर ही गुड़हल की चाय बनाकर इसका सेवन कर सकते हैं।

गुड़हल की चाय बनाने की विधि- 1 कप पानी में 1 बड़ा चम्मच सूखे गुड़हल के फूल डालें। इसे छान लें और फिर इसका सेवन करें।

चावल का पानी

चावल का पानी बालों पर 20 मिनट के लिए लगाएं और फिर बालों को पानी से धो लें। चावल के पानी में इनोसिटोल और कार्बोहाइड्रेट जैसे तत्व होते हैं, जो रूखे और बेजान बालों को ठीक करते हैं। इसके अलावा, चावल के पानी में अमीनो एसिड भी होते हैं, जो बालों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं और उन्हें घना व चमकदार बनाते हैं।

प्राकृतिक हेयर-मास्क

छाछ, आंवला, गुड़हल, नीम, एलोवेरा आदि जैसी जड़ी-बूटियों से बना हेयर मास्क हफ्ते में एक बार लगाएं।

योग और प्राणायाम

अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, शीतली, शीतकारी जैसे प्राणायाम शरीर से अतिरिक्त पित्त को कम करने में मदद करते हैं, जिससे बालों का सफेद होना कम होता है। इसके अलावा, यह आपके दोषों को भी संतुलित करता है और गर्मियों में ठंडे पेय पीने की इच्छा को कम करता है।

  • गर्मियों में धूल-मिट्टी, पसीना और तेज धूप की वजह से हमारे बाल रूखे और बेजान हो जाते हैं।
  • बालों की सही देखभाल के लिए आप चावल का पानी, एलोवेरा जेल और योग व प्राणायान आदि का सहारा भी ले सकते हैं।
  • आप चाहें तो दही का हेयर मास्क बनाकर बालों पर लगा सकते हैं, यह स्कैल्प को साफ करने और ठंडक देने में मदद करेगा।

लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।