ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में कारगर हैं मेथी के लड्डू      Publish Date : 01/04/2026

ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में कारगर हैं मेथी के लड्डू

                                                                                                         डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा

मेथी में बहुत से औषधीय गुण पाए जाते हैं। मेथी में फाइबर, प्रोटीन, विटामिन ‘सी’, नियासिन, पोटेशियम, आयरन और एल्कालॉयड्स उपलब्ध होते हैं। इसीके चलते मेथी, मधुमेह से ग्रसित मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होती है। मधुमेह से ग्रसित लोगों में ब्लड शुगर को नियंत्रित करना काफी कठिन होता है, ऐसे में मेथी ऐसे लोगों की मदद कर सकती है।

आमतौर पर मेथी का स्वाद कुछ कड़वा होता है, ऐसे में मेथी के लड्डू बनाकर उनका सेवन करने से इसका कड़वापन भी दूर हो जाता है और मेथी का सेवन करना भी आसान हो जाता है।

किस प्रकार से बनाएं मेथी के लड्डू?

                                

आवश्यक सामग्री: मेथी के लड्डू बनाने के लिए आवश्यक सामग्री 50 ग्राम मेथी, 250 ग्राम होल व्हीट फ्लॉर, एक बड़ा चम्मच गोंद, 200 ग्राम गुड़ (चीनी अथवा बूरा का प्रयोग न करें) और एक बड़ा चम्मच शुद्व घी।

मेथी को धीमी आँच पर इसका रंग सुनहरा होने तक भूनकर इसे अलग रख देना चाहिए। इसके बाद होल व्हीट फ्लॉर में घी डालकर उसे भूरा होने तक भून लिया जाता है। घी में गोंद डालकर से तेज आँच से उतार कर ठण्ड़ा होने के लिए रख देना चाहिए।

इसके बाद भुनी हुई मेथी में व्हीट फ्लॉर और गोंद में गुड़ डालकर और इस मिश्रण को भून कर पीस लेना चाहिए। इस मिश्रण में एक छोटा चम्मच सूखा अदरक पाउडर भी डाला जा सकता है, इस प्रकार यह अधिक हेल्दी मिश्रण बन जाता है। इसके ठण्ड़ा होने पर इसके गोल-गोल लड्डू बनाकर इनका सेवन करना चाहिए।

इस प्रकार से बने मेथी के लड्डू सॉल्यूबल फाइबर का एक उत्तम स्रोत होते हैं और यह ब्लड शुगर को सोखने की प्रक्रिया को मन्दता प्रदान करता है। मेथी में एमीनो एसिड होता है जो शरीर में इन्सुलिन के उत्पादन को बढ़ाता है और डायबिटीज के लेवल को कंट्रोल करने में सहायता करता है। मधुमेह के टाइप-2 के मरीजों के लिए बहुत लाभकारी सिद्व होता है।

मेथी के लड्डू से प्राप्त होने वाले अन्य लाभः

                                    

मेथी के दानों में ग्लैक्टोमेनन के गुण होने के चलते यह हार्ट अटैक के खतरों को भी कम करता है। इसके अतिरिक्त मेथी पोटेशियम का भी एक अच्छा स्रोत होता है, जो सोडियम के प्रभाव को कम कर हृदय गति और रक्तचॉप को भी नियंत्रित करने का काम करता है। मेथी हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी करने में मदद करती है। इसके साथ ही मेथी हमारे शरीर में व्याप्त विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायता करती है। इस दौरान यह कैंसर से कोलोन के म्यूकस मेम्ब्रेन की रक्षा भी करती है। 

इस प्रकार से ऐसे लोग जिनका ब्लड शुगर लेवल अनियंत्रित रहता है और ऐसी महिलाएं जो कि गर्भवती हैं, उन्हें इन लड्डूओं का सेवन नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाएं अनियंत्रित ब्लड शुगर होने में वह मेथ के भीगे हुए दानों का सेवन कर सकती हैं। ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाएं प्रतिदिन एक या दो लड्डू सेवन कर सकती हैं, क्योंकि मेथी से उनके शरीर में दूध की मात्रा भी बढ़ जाती है।

लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।