
दस्त और उल्टी के आयुर्वेदिक उपचार Publish Date : 18/01/2026
दस्त और उल्टी के आयुर्वेदिक उपचार
डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा
दस्त और उल्टी के आयुर्वेदिक इलाज में अदरक, दही, केला, और हींग जैसे घरेलू उपाय शामिल हैं, जो पेट को शांत करते हैं और पाचन सुधारते हैं; अदरक की चाय, दही-केला मिश्रण, और हींग-गर्म पानी के घोल जैसे उपाय राहत देते हैं, साथ ही हल्के भोजन और तरल पदार्थों (जैसे ओआरएस, नारियल पानी) से शरीर को हाइड्रेटेड रखना ज़रूरी है, लेकिन गंभीर स्थिति में डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
दस्त और उल्टी के लिए आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय
अदरक (Ginger):
अदरक की चाय: अदरक के टुकड़े को पानी में उबालकर, छानकर, थोड़ा शहद मिलाकर दिन में 2-3 बार करना चाहिए। यह मतली और पेट दर्द में भी राहत देता है।
अदरक और चीनी: कद्दूकस किए अदरक में चीनी मिलाकर गर्म पानी के साथ लेना चाहिए।
दही और केला (Yogurt & Banana):
दही-चावल: गर्म दही और घी के साथ थोड़े चावल का सेवन करें।
दही-अदरक: दही और पानी में कसा हुआ अदरक मिलाकर सेवन करें।
केला और घी: मसले केले में घी, जायफल और इलायची पाउडर मिलाकर सेवन करें।
हींग (Asafoetida):
एक गिलास गुनगुने पानी में हींग पाउडर मिलाकर दिन में दो बार सेवन करें। यह पेट को दुरस्त करता है।
सौंफ (Fennel):
सौंफ और अदरक पाउडर को मिलाकर चबाएं या चाय बनाकर इस चाय का सेवन करें।
धनिया (Coriander):
1 लीटर पानी में 1 चम्मच सूखा धनिया उबालें, आधा होने पर छानकर ठंडा करके थोड़ा-थोड़ा सेवन करें।
आहार और जीवनशैली में आवश्यक बदलाव
हाइड्रेशन: पानी, फलों का रस, नारियल पानी, ओआरएस (ORS) के घोल का सेवन करें।
हल्का भोजन: दलिया, खिचड़ी, केला जैसे हल्के और सुपाच्य भोजन का सेवन करें।
इनसे बचें: तला हुआ, मसालेदार भोजन, बर्फ जैसा ठंडा पानी और खाने के तुरंत बाद पानी पीने से बचकर रहें।
ज़रूरी नोट: ये घरेलू उपाय सामान्य पेट खराब होने पर राहत दे सकते हैं। अगर लक्षण गंभीर हों, बुखार हो, या बार-बार उल्टी-दस्त हो, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।
