
निमोनिया में नीलगिरी-मेथी की चाय के लाभ Publish Date : 25/11/2025
निमोनिया में नीलगिरी-मेथी की चाय के लाभ
डॉ0 सुशील शर्मा एवं मुकेश शर्मा
निमोनिया के मरीजों के लिए दूध की चाय हानिकारक होती है। इसमें पुदीना, नीलगिरी और मेथी की चाय लाभकारी है। सर्दी में निमोनिया होने का खतरा अधिक रहता है। बच्चे और बुजुर्ग आसानी से इसकी चपेट में आ जाते हैं। यह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें फेफड़ों में सूजन आ जाती है और लंबे समय तक खांसी बनी रहती है तथा सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। निमोनिया में फेफड़े बैक्टीरियल, वायरस या फंगल इंफेक्शन का शिकार हो जाते हैं। इस स्थिति में दूध कीचाय फेफड़ों की सूजन की परेशानी और बढ़ा सकती है। ऐसे में आयुर्वेदिक चाय फायदेमंद है।

निमोनिया के मरीजों के लिए दूध की चाय कफ और कंजेशन बढ़ाती है। चाय में कैफीन होता है, जिससे इम्यून सिस्टम प्रभावित होता है। डिहाइड्रेशन भी हो सकता है। ऐसे में पुदीना, नीलगिरी और मेथी से बनी हर्बल टी ले सकते हैं। यह चाय गले की सूजन में कमी और कफ को ढीला करती है। पेपरमिंट में मौजूद मैथॉल कफ को पतला करता है और खांसी में आराम पहुंचाता है। मेथी में एंटी इंफ्लेमेटरी और इम्यूनिटी बूस्टर जैसे गुण होते हैं। नीलगिरी में पाया जाने वाला यूकेलिपटाल यौगिक सांस की नली को खोलकर सांस लेने आसान बनाता है। यह चाय बहुत गरम नहीं पीनी चाहिए।
लेखकः डॉ0 सुशील शर्मा, जिला मेरठ के कंकर खेड़ा क्षेत्र में पिछले तीस वर्षों से अधिक समय से एक सफल आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रक्टिस कर रहे हैं।
