
फोन का प्रयोग करने से बढ़ रहा है गर्दन व कंधे का दर्द Publish Date : 21/09/2026
फोन का प्रयोग करने से बढ़ रहा है गर्दन व कंधे का दर्द
डॉ0 युवराज चौधरी एवं मुकेश शर्मा
घंटों सिर झुकाकर टैबलेट या लैपटॉप पर काम करने की मजबूरी या आदत से टेक नेक यानी गर्दन में खिंचाव और दर्द की समस्या दे सकती है। यह आंखों के लिए भी काफी नुकसानदेह है। तो आइए अपने डॉक्टर से जानते है कि क्या है यह टेक नेक और क्या है इससे बचाव का सही तरीका-
आजकल टैबलेट या लैपटॉप देखते समय या लैपटॉप पर काम करते समय सभी इस बात को लेकर लोग सचेत नहीं रह पाते। कोई जरूरी काम निपटाने या सोशल मीडिया के नोटिफिकेशन के कारण मोबाइल का प्रयोग कितने घंटे कर लिया, इसका उन्हें जरा भी ध्यान नहीं रह पाता है। हम यह भी समझ नहीं पाते कि इससे गर्दन का जोखिम बढ़ रहा है। इसलिए लैपटॉप या मोबाइल का प्रयोग करते समय अपनी स्थिति पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
यह एक सामान्य आदत है, पर इससे न केवल गर्दन में दर्द, बल्कि रीढ़ के स्वाभाविक ढांचे में भी बदलाव आ सकता है। आगे चलकर यही सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस का कारण तक भी बन सकता है।
क्या है टेक नेक
गर्दन में दर्द, ज्यादातर कामकाज की वजह से नहीं, सामान्य आदतों के कारण भी समस्या बन रहा है। बात यह है कि जितना अधिक आप अपने सिर को झुकाकर सामान्य स्थिति से आगे लाते हैं, गर्दन पर दबाव उतना ही बढ़ता है। इससे एक निश्चित समय के बाद पीठ व गर्दन में खिंचाव होता है और दर्द भी बढ़ सकता है। जब गर्दन आगे की ओर झुकती है तो इससे टेक नेक की स्थिति बनती है। इससे गर्दन की मांसपेशियों को बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे केवल गर्दन ही नहीं, गर्दन के स्नायुओं के साथ मांसपेशियों पर प्रभाव पड़ता है, वे कमजोर हो जाती हैं और टेक नेक की वजह से अन्य समस्याएं भी बढ़ जाती हैं।
आंखों व हाथों की समस्या
लैपटॉप या फोन देखने में आंखों में सूखापन (ड्राई आइज) की समस्या आम हो गई है। अतः यह बहुत जरूरी है कि आप टेक नेक के लक्षणों को सही तरीके से पहचानें।
बड़े काम की हैं ये कसरत
- गर्दन को दाएं-बायें व ऊपर-नीचे घुमाएं।
- कंधों को ऊपर-नीचे करके स्ट्रैच करें।
- गर्दन को पीछे की ओर हल्का खींचें ताकि ठुड्डी छाती के निकट आए।
इसके अतिरिक्तः
- अपने फोन या टैबलेट को आंखों के स्तर पर रखने के लिए फोन स्टैंड, लैपटॉप स्टैंड आदि का प्रयोग बेहतर है।
कुछ उपाय अपनाएं जाने चाहिए
- फोन या किसी भी डिवाइस को देखते समय गर्दन को झुकाने के बजाय उसे आंखों की सीध में लाएं। इस दौरान बांहों, कुहनी, कलाई पर तनाव हो सकता है।
- कंप्यूटर स्क्रीन और मॉनिटर के लिए, आंखों को सीधे रखने की कोशिश करें।
- हर 10-15 मिनट में थोड़ा टहलें। कुर्सी पर सीधे बैठने का प्रयास करें।
- लंबे समय तक काम के दौरान अपने शरीर को स्ट्रेच करें या अपनी बैठने की स्थिति बदलें।
बिगड़ रहा रीढ़ का ढांचा
इंसान का शरीर सीधा देखने के लिए बना है, लेकिन स्क्रीन पर लगातार देखने के कारण पोश्चर बिगड़ रहा है। गर्दन को झुका कर फोन का प्रयोग करते हैं तो इससे गर्दन पर पांच गुना दबाव पड़ता है।
यदि 15 डिग्री झुकता है तो इससे 12 किग्रा, 30 डिग्री और वही यदि यह 45 डिग्री झुकता है तो 22 किग्रा का दबाव गर्दन की मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डियों पर पड़ता है। यही कारण है कि रीढ़ का ढांचा तेजी से बिगड़ रहा है।
क्या मिलें चिकित्सक से
- बांहों में सुन्नपन या कमजोरी हो।
- दैनिक गतिविधियों या नींद में बाधा आ रही हो।
टेक नेक के लक्षण
- गर्दन में दर्द या जकड़न हो।
- कंधे में दर्द हो।
- ऊपरी पीठ में दर्द हो।
- सिर के निचले हिस्से में दर्द, हाथों या बाजुओं में झुनझुनी हो रही हो।
समस्या की जड़ का करें निदान
इन दिनों जितने भी गर्दन के मरीज आ रहे हैं उनमें 90 प्रतिशत टेक नेक की समस्या से जूझ रहे हैं। आठ-आठ घंटे दफ्तर में गुजारने के बाद कई घंटे फोन या दूसरे तकनीकी साधनों पर निर्भर हो गए हैं, इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूरोलॉजी के वरिष्ठ कंसलटेंट, न्यूरोसर्जन के अनुसार, डॉक्टरों का कहना है कि-
लेकिन यही रीढ़ की मांसपेशियों पर भारी दबाव डालकर उसमें कई प्रकार के विकार पैदा कर रहा है। दवा लेकर आप दर्द को कुछ समय के लिए ठीक कर सकते हैं, पर यह स्थायी हल नहीं है। इसके कारण आगे की ओर झुके कंधे या पीठ की समस्या आदि देखी जा रही है। साथ ही हाथ में दर्द, आंखों की मांसपेशियां कमजोर जैसी परेशानियां हो रही हैं।
लोग कहते हैं हम लैपटॉप या फोन के बिना कुछ नहीं कर सकते। यह उनकी मजबूरी है तो ऐसा नहीं है कि आप इनकी प्रयोग बंद कर देना है, पर सही पोश्चर से सावधानियां व जीवनशैली में कसरत व सही खानपान की अनदेखी न करें तो आप जो कुछ कर रहे हैं उसका परिणाम बेहतर होगा और टेक नेक की समस्या से भी दूर रहेंगे या तकिए की सहायता से ऐसे पकड़ें ताकि फोन आपकी आंखों की सीध में रहे।
गंभीर समस्या से बचें:
सिंड्रोम जैसी स्थिति बनने लगती है तो यह भी फोन को लगातार पकड़ने के कारण हो सकता है। इससे बचाव के लिए, आप फोन ग्रिप या स्ट्रैप का प्रयोग कर सकते हैं।
यह डिजिटाइजेशन का देन तो नहीं:
यह फोन पर लगातार घंटों गेम खेलने या टेक्स्ट करते रहने आदि के कारण होने वाली समस्या है। बेहतर होगा आप वाइस टेक्स्ट, जैसे उपाय अपनाएं।
लेखकः डॉ0 युवराज चौधरी, निदेशक, हंस मल्टीस्पेशलिस्ट हॉस्पिटल, कंकर खेड़ा मेरठ।