फैटी लिवर: एलोपैथिक इलाज और प्रबंधन      Publish Date : 11/07/2026

फैटी लिवर: एलोपैथिक इलाज और प्रबंधन

                                                                                            डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

फैटी लिवर (Fatty Liver) के एलोपैथिक इलाज में मुख्य रूप से जीवनशैली में बदलाव (Llifestyle Modifications) शामिल हैं। दवाइयों की ज़रूरत बहुत कम मामलों में पड़ती है, खासकर जब बीमारी बढ़ चुकी होया कोई संबंधित समस्या (जैसे मधुमेह या उच्च कोलेस्ट्रॉल) हो। 

                               

  • जीवनशैली में बदलाव: यह फैटी लिवर के इलाज की नींव है और अधिकांश मामलों में इससे लिवर की स्थिति में सुधार होता है।
  • स्वस्थ आहार: संतुलित और कम वसा वाला भोजन करें, जिसमें फल और सब्जियां शामिल हों। चीनी और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों से बचें।
  • वजन घटाना: यदि आप मोटे हैं, तो धीरे-धीरे और सुरक्षित रूप से वजन कम करना (लगभग 0.5 से 1 किलोग्राम प्रति सप्ताह) बहुत प्रभावी हो सकता है।
  • नियमित व्यायाम: हफ्ते में कम से कम पांच दिन मध्यम-तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि (जैसे तेज चलना) करें।
  • शराब से परहेज: यदि फैटी लिवर का कारण शराब है (एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज), तो शराब का सेवन पूरी तरह बंद करना ज़रूरी है।
  • अन्य स्वास्थ्य स्थितियों का प्रबंधन: मधुमेह, उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्रॉल जैसी स्थितियों को नियंत्रित करें, क्योंकि ये लिवर की समस्याओं को बढ़ा सकती हैं।
  • दवाइयाँ: वर्तमान में, फैटी लिवर के लिए बहुत कम विशिष्ट दवाइयाँ उपलब्ध हैं। डॉक्टर कुछ दवाएँ लिख सकते हैं, लेकिन ये आमतौर पर संबंधित समस्याओं या गंभीर मामलों के लिए होती हैं।
  • विटामिन E: कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि विटामिन E (एक एंटीऑक्सीडेंट) सूजन और लिवर में वसा जमाव को कम करने में मदद कर सकता है, खासकर नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर रोग (NAFLD/MASLD) वाले लोगों में।
  • मधुमेह की दवाएँ: यदि आपको मधुमेह है, तो डॉक्टर मेटफॉर्मिन या पियोग्लिटाज़ोन जैसी दवाएँ लिख सकते हैं, जो लिवर की स्थिति में भी मदद कर सकती हैं।
  • कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाएँ: स्टेटिन जैसी दवाएँ उन रोगियों के लिए प्रभावी साबित हुई हैं जिन्हें फैटी लिवर के साथ उच्च कोलेस्ट्रॉल भी है।
  • नई दवाएँ: हाल ही में कुछ नई दवाइयाँ, जैसे Resmetirom (Rezdiffra) और सेमाग्लूटाइड (Semaglutide), विकसित हुई हैं जो लिवर में वसा और स्कारिंग (fibrosis) को कम करने में मदद कर सकती हैं, लेकिन ये हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं होतीं।
  • लिवर सपोर्ट सप्लीमेंट्स: डॉक्टर कभी-कभी कुछ सप्लीमेंट्स जैसे L-Ornithine L-Aspartate या Silymarin युक्त दवाएँ (जैसे Reheplyn Tablet या Ursetor Tablet) सुझा सकते हैं, हालांकि इनकी प्रभावकारिता पर अभी भी शोध जारी है।

                                         

किसी भी दवा या सप्लीमेंट का सेवन करने से पहले, अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें। वे आपके लिवर की स्थिति (फाइब्रोसिस के स्तर सहित) का आकलन करने के लिए फाइब्रोस्कैन जैसे परीक्षण करेंगे और उसके अनुसार सही उपचार योजना की सिफारिश करेंगे। 

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।