एक्यूट एपिग्लोटाइटिस के लक्षण और पहचान      Publish Date : 03/05/2026

एक्यूट एपिग्लोटाइटिस के लक्षण और पहचान

                                                                                            डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

यदि आपके गले में दर्द और सांस लेने में लगातार परेशानी बनी हुई है तो हो सकता है कि यह एक्यूट एपिग्लोटाइटिस की समस्या हो ऐसे में WHO के द्वारा बताए गए हैं इस समस्या के कारण और इसके लक्षण।

अगर आपको गले में अधिक दर्द होता है या फिर आपकों सांस लेने में अधिक परेशानी हो रही है तो आपके एक्यूट एपिग्लोटाइटिस की समस्या से ग्रस्त होने की संभावना भी हो सकती है। ऐसे में हमारे स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ0 दिव्यांशु सेंगर आपको एपिग्लोटाइटिस की समस्या के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करने जा रहे हैं।

एपिग्लोटाइटिस की समस्या के लक्षणः इसके लिए सबसे पहले हमारा यह जानना बहुत अधिक जरूरी है कि आखिर यह एक्यूट एपिग्लोटाइटिस की समस्या वास्तव में होती क्या है। इसलिए आपको इसके बारे में बता दें कि एक्यूट एपिग्लोटाइटिस, एपिग्लोटिस और उसके आस-पास की संरचनाओं का तेजी से बढ़ने वाला सेल्युलाइटिस है, जिसके कारण बच्चों और वयस्कों दोनों में वायु मार्ग पूरी तरह से बाधित भी हो सकता है। साथ ही आपको यह भी पता होना चाहिए कि एक्यूट एपिग्लोटाइटिस एक मेडिकल इमरजेंसी है, विशेष रूप से बच्चों के लिए और इसका सही उपचार अस्पताल के स्तर पर ही किया जाना आवश्यक एवं उचित होता है।

                                 

यह समस्या H- influenza type B नामक बैक्टीरिया के कारण होती है। कई बार हम गले में दर्द और सांस लेने में होने वाली परेशानी को आम समस्या समझ कर अनदेखा भी कर देते हैं। लेकिन इस प्रकार की थोड़ी सी भी भूल आपके लिए बड़ी परेशानी भी पैदा कर सकती है। इसलिए आपको एक्यूट एपिग्लोटाइटिस के बारे में हर छोटी-बड़ी जानकारी का होना बहुत आवश्यक है, इसके लिए वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन के द्वारा हाल ही में एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई जिसके माध्यम से इस आर्गेनाइजेशन के द्वारा इसके सम्बन्ध में तमाम जानकारी साझा की गई है।

एक्यूट एपिग्लोटाइटिस के लक्षण और संकेत

अगर हम छोटे बच्चों में एक्यूट एपिग्लोटाइटिस के लक्षणों की बात करें तो उनमें इसके लक्षण कुछ इस प्रकार के दिखाई देते हैं-

  • तेज बुखार (यानी] >39ºC)।
  • गले में तेज दर्द और निगलने में कठिनाई होना।
  • निगल न पाने के कारण मुंह से बहुत अधिक लार का आना।
  • दिल की धड़कन का तेज होना (टैकीकार्डिया)।
  • सांस लेने में रुकावट के संकेतः सांस लेने में कठिनाई (डिस्पनिया)। सीने का अंदर की ओर धंसना भी हो सकता है और यह तेजी से बढ़ भी सकता है।
  • सांस लेते समय घरघराहट (इंस्पिरेट्री स्ट्राइडर) का होना।
  • जबड़े के नीचे लिम्फ नोड्स में सूजन का आना।
  • किशोरों और वयस्कों में- यह बीमारी कम गंभीर होती है और अक्सर गले में तेज दर्द के 1-2 दिन बाद शुरू हो जाती है।

एपिग्लोटाइटिस की गंभीर अवस्था का प्रबंधनः

  • काफी अधिक सूजन होने पर तुरंत हाइड्रोकार्टिसोन (Hydrocortisone) 100 mg की एक खुराक IV (नसों के द्वारा) दी जाती है।
  • सावधानी- IV के लगाने की प्रक्रिया से मरीज चिड़चिड़ा हो सकता है, जिससे सांस लेने में परेशान भी (Respiratory Distrses) बढ़ सकती है।
  • इसके बाद प्रेडनिसोन 40 mg रोजाना मुंह से लेने के लिए दी जाती है। सूजन कम हो जाने पर, 3 दिन बाद प्रेडनिसोन को अचानक बंद किया जा सकता है।
  • अगर इसका उपयोग 3 दिन से अधिक समय तक किया जाता है, तो इसकी खुराक धीरे-धीरे 10 mg/दिन कम करते जाएं, जब तक कि खुराक 5mg तक न पहुंच जाए, इसके बाद इसे पूरी तरह बंद कर दें।

साथ ही एड्रेनालाईन  1:1,000 नेबुलाइजर के माध्यम से दिया जाता है। इसे सोडियम क्लोराइड 0.9% के साथ मिलाकर 5 ml तक पतला करें और हर 4-6 घंटे में रोगी को देते रहें। इनट्यूबेशन, ट्रेकियोस्टोमी या दोनों के लिए भी तैयार रहें।

एक्यूट एपिग्लोटाइटिस डोजः

                                             

बिना दवा के एक्यूट एपिग्लोटाइटिस का प्रभावी उपचारः

  • किसी भी दशा में बच्चे को लिटाया नहीं जाना चाहिए, बल्कि उसे बिठाकर ही रखें।
  • लारेंक्स की जांच करने से बचें, क्योंकि इससे सांस के रुकने का खतरा रहता है।
  • बच्चे को नमी वाले माहौल में सांस लेने दें (जैसे पानी के कटोरे या गीले तौलिए के पास)।
  • बच्चे को ग्लिसरीन से गरारे कराते रहें।
  • आवश्यकता होने पर बच्चे को ऑक्सीजन देनी चाहिए।

उपरोक्त जानकारी डब्ल्यूएचओ द्वारा प्रदान की गई है, लेकिन अगर आपके परिवार में किसी को भी एक्यूट एपिग्लोटाइटिस या अन्य तरह की कोई समस्या हो जाती है तो आप उसका अपने आप से इलाज करने के स्थान डॉक्टर के पास जाएं और उनसे मरीज की स्थिति के अनुसार परामर्श प्राप्त करें।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।