गठिया का पारम्परिक उपचार      Publish Date : 18/01/2026

                      गठिया का पारम्परिक उपचार

                                                                                                                                                        डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

गठिया (Arthritis) के एलोपैथिक इलाज में दर्द और सूजन कम करने वाली दवाएं गठिया (Arthritis) के एलोपैथिक इलाज में दर्द और सूजन कम करने वाली दवाएं (जैसे NSAIDs, कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स), रोग-संशोधक दवाएं (DMARDs) और जैविक दवाएं, फिजिकल थेरेपी, व्यायाम, वजन नियंत्रण और गंभीर मामलों में सर्जरी (जोड़ बदलना) शामिल हैं, जिसका लक्ष्य दर्द कम करना, जोड़ों की कार्यक्षमता बनाए रखना और बीमारी को बढ़ने से रोकना है, जिसमें डॉक्टर की सलाह पर दवाओं का सही चुनाव और नियमित थेरेपी महत्वपूर्ण है।

1. दवाएं (Medicines):

                                                           

दर्द निवारक (Pain Relievers): एसिटामिनोफेन (Paracetamol) और इबुप्रोफेन (NSAIDs) दर्द से राहत देते हैं।

सूजन रोधी (Anti-inflammatory Drugs): NSAIDs सूजन और दर्द कम करते हैं।

कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स (Corticosteroids): सूजन और दर्द को तुरंत कम करने के लिए इंजेक्शन या गोलियों के रूप में दिए जाते हैं (जैसे प्रेडनिसोन)।

DMARDs (Disease-Modifying Antirheumatic Drugs):

रुमेटॉयड गठिया जैसी ऑटोइम्यून बीमारियों में जोड़ों को नुकसान से बचाने के लिए दी जाती हैं (जैसे मेथोट्रेक्सेट, सल्फासालजीन, लेफ्लुनोमाइड), इन्हें असर करने में समय लगता है।

जैविक दवाएं (Biologics) और JAK इनहिबिटर: DMARDs से फायदा न होने पर या गंभीर मामलों में दी जाती हैं, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को लक्षित करती हैं (जैसे एबाटासेप्ट, टोफैसिटिनिब)।

2. थेरेपी और जीवनशैली (Therapy & Lifestyle):

फिजियोथेरेपी (Physiotherapy): व्यायाम और स्ट्रेचिंग से जोड़ों की गतिशीलता और ताकत बढ़ जाती है।

व्यायाम (Exercise): जोड़ों को मजबूत और लचीला बनाने के लिए नियमित व्यायाम करते रहना चाहिए।

वजन प्रबंधन (Weight Management): वजन कम करने से जोड़ों पर दबाव कम होता है।

गर्म/ठंडा सेक (Hot/Cold Packs): दर्द और सूजन कम करने में सहायक होता है।

जोड़ों का सहारा (Joint Support): ब्रेसिज़ या स्प्लिंट्स का उपयोग करना बेहतर रहता है।

सर्जरी (Surgery):

                                                   

जोड़ की मरम्मत (Joint Repair): छोटे चीरों (आर्थोस्कोपी) से सतहों को चिकना करना।

जोड़ प्रतिस्थापन (Joint Replacement): क्षतिग्रस्त जोड़ों (कूल्हे, घुटने) को कृत्रिम जोड़ से बदलना।

जोड़ संलयन (Joint Fusion): छोटे जोड़ों (कलाई, टखने) को स्थिर करना।

महत्वपूर्ण: गठिया का इलाज प्रकार और गंभीरता पर निर्भर करता है, इसलिए सही निदान और उपचार योजना के लिए डॉक्टर (रुमेटोलॉजिस्ट) की सलाह लेना आवश्यक है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।