बैक्टीरियल वेजिनोसिस (BV) का पारम्परिेक उपचार      Publish Date : 12/12/2025

           बैक्टीरियल वेजिनोसिस (BV) का पारम्परिेक उपचार

                                                                                                                                                                            डॉ0 दिव्यंशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

बैक्टीरियल वेजिनोसिस (BV) योनि का एक आम संक्रमण है जो योनि में रहने वाले कुछ सामान्य बैक्टीरिया की अत्यधिक वृद्धि होने पर होता है और इससे बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ जाता है। इसके लक्षणों में हल्के सफेद या भूरे रंग का योनि स्राव होता है, जिसकी गंध मछली के जैसी होती है। BV का उपचार किसी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता की सहायता से एंटीबायोटिक्स द्वारा आसानी से किया जा सकता है।

आखिर बैक्टीरियल वेजिनोसिस (BV) है क्या?

                                                                 

बैक्टीरियल वेजिनोसिस (BV) योनि में बैक्टीरिया की अत्यधिक वृद्धि के कारण होने वाला एक संक्रमण है। प्रत्येक स्वस्थ योनि में बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। आमतौर पर, ये बैक्टीरिया एक दूसरे को संतुलित करते हैं। कभी-कभी, ‘‘खराब” बैक्टीरिया बहुत अधिक बढ़ जाते हैं और ‘‘अच्छे” बैक्टीरिया पर हावी हो जाते हैं। इससे योनि में बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ जाता है और बैक्टीरियल वेजिनोसिस हो जाता है।

बैक्टीरियल वेजिनोसिस के कारण योनि स्राव में मछली जैसी गंध आ सकती है, जबकि कुछ लोगों में इसके कारण योनि में जलन भी हो सकती है और अन्य लोगों में बैक्टीरियल वेजिनोसिस के कोई लक्षण नहीं दिखते हैं।

बैक्टीरियल वेजिनोसिस कितना आम है?

बैक्टीरियल वेजिनोसिस 15 से 44 वर्ष की आयु की महिलाओं में सबसे आम योनि संबंधी एक समस्या है। वास्तव में, लगभग 35 प्रतिशत महिलाओं को बैक्टीरियल वेजिनोसिस होता है जबकि अश्वेत महिलाओं में यह दर और भी अधिक होती है।

बैक्टीरियल वेजिनोसिस (BV) किसे हो सकता है?

कोई भी महिला जीवाणु संक्रमण (बैक्टीरियल वेजिनोसिस) से ग्रसित हो सकती है। यह आमतौर पर यौन रूप से सक्रिय लोगों में होता है। जिन लोगों ने कभी यौन संबंध नहीं बनाए हैं, उनमें इसका होना दुर्लभ है। कुछ लोगों में स्वाभाविक रूप से जीवाणु संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया की मात्रा अधिक हो सकती है।

यदि आपमें निम्नलिखित लक्षण हैं तो आपको बैक्टीरियल वेजिनोसिस (BV) होने का खतरा अधिक हो सकता हैः

  • यदि आप गर्भवती हैं।
  • यदि आप कंडोम या डेंटल डैम का उपयोग करती हैं।
  • यदि आपने इंट्रा यूटेराइन डिवाइस (आईयूडी) लगवाएं हैं।
  • यदि आपके एक से अधिक यौन साथी हैं।
  • एक नया यौन साथी खोजें।
  • डूश का उपयोग करें।
  • यदि आप एंटीबायोटिक्स ले रहे हैं।

लक्षण और कारणः

बैक्टीरियल वेजिनोसिस से पीड़ित 84 प्रतिशत लोगों में कोई लक्षण नहीं होते हैं। यदि आपमें लक्षण दिखाई देते हैं, तो आपको निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं:

  • योनि से निकलने वाला स्राव हल्के सफेद, भूरे या हरे रंग का हो सकता है।
  • आपकी योनि से मछली जैसी गंध वाला स्राव आना, विशेषरूप से सम्भेग के बाद।
  • योनि में खुजली या जलन का होना।
  • पेशाब करते समय जलन महसूस होना।

बैक्टीरिया वाइटल संक्रमण (BV) के लक्षण अन्य संक्रमणों के समान होते हैं। यह पता लगाने के लिए किसी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श करना महत्वपूर्ण है कि आपको BV है या कोई अन्य योनि संक्रमण।

बैक्टीरियल वेजिनोसिस (BV) कैसे होता है?

आपकी योनि में कई प्रकार के बैक्टीरिया (जिन्हें माइक्रोबायोम कहा जाता है) पाए जाते हैं। बैक्टीरिया के संतुलन में बदलाव के कारण बैक्टीरियल वेजिनोसिस (BV) होता है।

विशेष रूप से, बैक्टीरियल वेजिनोसिस तब होता है जब ‘‘खराब” बैक्टीरिया (एनारोबिक बैक्टीरिया) ‘‘अच्छे” बैक्टीरिया (लैक्टोबैसिली) की तुलना में अधिक तेज़ी से बढ़ते हैं। एक प्रकार के बैक्टीरिया की अधिकता असंतुलन पैदा कर देती है।

शोधकर्ताओं का मानना है कि योनि की प्राकृतिक रासायनिक संरचना में कोई भी बदलाव योनि में मौजूद बैक्टीरिया को प्रभावित कर सकता है। यही कारण है कि योनि की सफाई (डूशिंग) या असुरक्षित यौन संबंध जैसी कुछ गतिविधियाँ बैक्टीरिया वाइटल वेजिनाइटिस (BV) का कारण बन सकती हैं। हॉट टब, स्विमिंग पूल या टॉयलेट सीट से BV नहीं होता है। साथ ही, BV से पीड़ित व्यक्ति द्वारा छुई गई सतह को छूने से भी BV नहीं होता है।

क्या बैक्टीरियल वेजिनोसिस संक्रामक है?

बैक्टीरियल वेजिनोसिस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है, लेकिन यौन गतिविधि से संक्रमण होने का खतरा बढ़ सकता है।

क्या बैक्टीरियल वेजिनोसिस एक एसटीडी या एसटीआई है?

बैक्टीरियल वेजिनोसिस यौन संचारित रोग नहीं है, लेकिन यह यौन गतिविधि से जुड़ा हुआ है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यौन संबंध से योनि में मौजूद बैक्टीरिया का वातावरण बदल सकता है। इससे बैक्टीरिया की अत्यधिक वृद्धि की संभावना बढ़ जाती है।

बैक्टीरियल वेजिनोसिस और यीस्ट इन्फेक्शन में क्या अंतर है?

स्रावः बैक्टीरिया वाइटल वैस्कुलर (BV) का मुख्य लक्षण मछली जैसी गंध वाला स्राव है। यीस्ट संक्रमण से होने वाले स्राव में आमतौर पर तेज गंध नहीं होती है, लेकिन यह पनीर जैसा दिख सकता है।

योनि में जलनः आमतौर पर, बैक्टीरियल वेजिनाइटिस (BV) योनि में जलन या खुजली पैदा नहीं करता है। यीस्ट संक्रमण ऐसा करते हैं।

बिना डॉक्टर के पर्चे के मिलने वाली दवाएँ: यीस्ट संक्रमण का इलाज आप बिना पर्चे के मिलने वाली (OTC) दवाओं से कर सकते हैं। बैक्टीरिया वाइटल वैस्कुलर (BV) के लिए एंटीबायोटिक्स लेने के लिए आपको डॉक्टर से परामर्श लेना होगा।

प्रबंधन और उपचारः

                                                           

आपके स्वास्थ्य सेवा प्रदाता आपके लिए एंटीबायोटिक्स लिखेंगे, आमतौर पर मेट्रोनपकं्रवसम या क्लिंडामाइसिन। ये दवाएं जेल या क्रीम के रूप में आती हैं जिन्हें आपको योनि में लगाना होता है। कुछ एंटीबायोटिक्स गोलियां होती हैं जिन्हें आप मुंह से (निगलकर) ले सकते हैं।

एंटीबायोटिक का सेवन पूरा कोर्स करना और अपने चिकित्सक द्वारा बताई गई खुराक लेना ज़रूरी है। लक्षण ठीक होने पर जल्दी बंद करने से आपको दोबारा BV होने का खतरा बढ़ जाता है।

बैक्टीरियल वेजिनोसिस कितने समय तक रहता है?

अधिकांश मामलों में, एंटीबायोटिक दवाओं का एक कोर्स (जो सात दिनों तक चलता है) संक्रमण को खत्म कर देता है। लगभग 10% से 15% लोगों को उपचार के दूसरे कोर्स की आवश्यकता होती है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।