हर्पीस का पारम्परिक उपचार      Publish Date : 19/10/2025

                           हर्पीस का पारम्परिक उपचार

                                                                                                                                                                 डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा

हर्पीस के इलाज के लिए मुख्य एलोपैथिक दवाएं एसाइक्लोविर (Acyclovir), फैम्सिक्लोविर (Famciclovir), और वैलेसाइक्लोविर (Valacyclovir) हैं। ये एंटीवायरल दवाएं गोलियों, क्रीम और इंजेक्शन के रूप में उपलब्ध हैं और इनका उपयोग प्रकोप की अवधि और गंभीरता को कम करने के लिए किया जाता है। डॉक्टर द्वारा बताए गए दर्द निवारक जैसे इबुप्रोफेन (Ibuprofen) या एसिटामिनोफेन (Acetaminophen) भी लक्षणों से राहत के लिए दिए जा सकते हैं। 

                                                              

हर्पीस के इलाज के लिए मुख्य दवाएं

  • मौखिक एंटीवायरल दवाएं: ये गोलियों के रूप में आती हैं और हर्पीस के प्रकोप को ठीक करने में मदद करती हैं। डॉक्टर द्वारा बताई गई खुराक और अवधि के अनुसार इन्हें लेना महत्वपूर्ण है।
    • एसाइक्लोविर (Acyclovir)
    • फैम्सिक्लोविर (Famciclovir)
    • वैलेसाइक्लोविर (Valacyclovir)
    • सामयिक एंटीवायरल दवाएं: ये क्रीम या मलहम के रूप में होती हैं जिन्हें सीधे प्रभावित त्वचा पर लगाया जाता है। ये दवाएं खुजली और जलन जैसे लक्षणों से राहत दे सकती हैं।
    • उदाहरणों में एसाइक्लोविर या पेन्सिक्लोविर (Penciclovir) वाली क्रीम शामिल हैं।
    • इंजेक्शन: गंभीर मामलों में, डॉक्टर इंजेक्शन के माध्यम से भी एंटीवायरल दवाएं दे सकते हैं, जैसे कि हर्पीसेफ (Herpisafe) इंजेक्शन। 

दर्द और अन्य लक्षणों से राहत के लिए

दर्द निवारक: ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक जैसे इबुप्रोफेन (एडविल, मोट्रिन) या एसिटामिनोफेन (टाइलेनॉल) दर्द, बुखार और बेचैनी को कम करने में मदद कर सकते हैं।

ठंडी सिकाई या सुखदायक स्नान: ये खुजली और जलन से राहत दिला सकते हैं। 

महत्वपूर्ण बातें

डॉक्टर से परामर्श: हमेशा डॉक्टर से परामर्श लें ताकि वह आपकी स्थिति के लिए सबसे अच्छी दवा और खुराक बता सकें।

दमनकारी चिकित्सा: बार-बार होने वाले प्रकोप के लिए, डॉक्टर लंबे समय तक चलने वाली दमनकारी चिकित्सा (suppressive therapy) की सलाह दे सकते हैं।

सुरक्षित यौन संबंध: संभोग के दौरान कंडोम का लगातार और सही उपयोग यौन साथी में संक्रमण फैलने के जोखिम को कम कर सकता है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।