
रीढ़ की हड्डी बनी रहेगी रहेगी सही सलामत Publish Date : 02/09/2025
रीढ़ की हड्डी बनी रहेगी रहेगी सही सलामत
डॉ0 दिव्यांशु सेंगर एवं मुकेश शर्मा
स्लिप डिस्क की समस्या से पीड़ित लोगों के इलाज में मिस टी लिफ तकनीक से बेहतर परिणाम मिल रहे हैं-
54 वर्षीय नवनीत पुरी को एक दिन अपनी दुकान का जाम हुआ शटर उठाते समय अचानक कमर में बहुत तेज दर्द हुआ। यह दर्द बिजली के करंट की तरह पैर तक उतर आया। दर्द इतना भीषण था कि उन्हें तुरंत बैठना पड़ा। उस दिन के बाद उन्हें पैरों में झनझनाहट, जलन, फटन, भारीपन और खिंचाव महसूस होने लगा। चलने में एक तरफ शरीर तिरछा होने लगा। उन्हें दो मिनट से ज्यादा चलने और खड़े रहने में भी असुविधा का सामना करना पड़ता था और तुरंत बैठ जाने की आवश्यकता होती थी।
अंततः नवनीत मेरे पास परामर्श लेने के लिए आए। चेकअप करने और एम.आर.आई. आदि जांच कराने के बाद पता चला कि उनकी रीढ़ की हड्डी में एल 4/ एल 5 में स्लिप डिस्क होने की वजह से नस दबी हुई है। इस कारण उन्हें यह परेशानी हो रही है। मैंने उन्हें नई तकनीक मिस टी लिफ से ऑपरेशन कराने की सलाह दी और इस तकनीक की सुरक्षा और सफलता के बारे में पूरी जानकारी भी प्रदान की।
क्या है यह नई तकनीक
इस नई सर्जिकल तकनीक को ‘‘मिनिमली इनवेसिव स्पाइन ट्रांसफोरामिनल लम्बर इंटर बॉडी फ्यूजन’’ जिसको संक्षेप में मिस टी-लिफ कहा जाता है। इस ऑपरेशन में स्लिप डिस्क का जो भाग नस को दबा रहा होता है, उसे हटा देते हैं। इसके परिणामस्वरूप नस पर से दबाव हट जाता है और नस खुल जाती है। इस ऑपरेशन में छोटे से चीरे से ही स्क्रू और रॉड डालकर रीढ़ की हड्डी को आपस में स्थिर रखते हैं और उनके बीच में ‘केज’ डालकर और मजबूती प्रदान करते हैं। इन उपकरणों से रीढ़ की हड्डी में मजबूती आती है।
ऑपरेशन के लाभ
कुशल स्पाइन सर्जन इस तकनीक के जरिए एक घंटे में ऑपरेशन कर देते हैं। ऑपरेशन के बाद नस खुल जाने पर पैरों की सारी तकलीफ समाप्त हो जाती है। ऑपरेशन के बाद व्यक्ति दस से पंद्रह दिनों में अपनी दिनचर्या के कार्यों को स्वस्थ व्यक्ति की तरह पूरा करने में सक्षम हो जाता है।

इस तकनीक से होने वाला ऑपरेशन लगभग 90 फीसदी से अधिक सुरक्षित व कारगर होता है। इसके अलावा इस तकनीक के माध्यम से होने वाले ऑपरेशन में संक्रमण का खतरा भी नगण्य होता है। इस कारण ऑपरेशन के बाद में होने वाली तमाम जटिलताओं का जोखिम भी काफी हद तक कम हो जाता है।

लेखक: डॉ0 दिव्यांशु सेंगर, प्यारे लाल शर्मां, जिला चिकित्सालय मेरठ मे मेडिकल ऑफिसर हैं।
