
इंडियन पोटाश लिमिटेड इकाई रोहाना कलां, मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य एवं मिट्टी की जांच के लिए शिविर का आयोजन किया गया Publish Date : 01/04/2026
इंडियन पोटाश लिमिटेड इकाई रोहाना कलां, मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य एवं मिट्टी की जांच के लिए शिविर का आयोजन किया गया
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स्वास्थ्य के अलावा मिट्टी के नमूनों की भी की गई जांच
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गन्ने की नई प्रजातियां अपनाने और अधिक लाभ कमाने की किसानों को दी गई सलाह
इंडियन पोटाश लिमिटेड इकाई रोहाना कलां, मुजफ्फरनगर में दो दिवसीय स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन जन शरणम एनजीओ नई दिल्ली के द्वारा किया गया।

इस अवसर पर जन शरण एनजीओ के अध्यक्ष रमांशु वर्मा ने बताया कि आईपीएल फाउंडेशन की ओर से भव्य एवं सफल स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ इंडियन पोटाश लिमिटेड इकाई रोहना कलां के प्रमुख लोकेश कुमार एवं गन्ना विभागाध्यक्ष के. पी. मलिक ने दीप प्रज्वलित कर एवं माल्यार्पण कर किया गया। इस शिविर में चार सौ से अधिक लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई तथा उनको स्वास्थ्य संबंधी किट एवं जरूरी दवाओं का वितरण करने के अलावा उन्हें स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन दिया गया।

इसके अलावा इस शिविर में 30 से अधिक पशुपालकों के घर पर जाकर उनके पशुओं के स्वास्थ्य की जांच भी की गई। पशुओं में होने वाली बीमारी और उनके टीकाकरण के बारे में विस्तार से किसानों को डॉक्टरों ने अवगत कराया। डॉक्टरों ने पशुओं के स्वास्थ्य एवं पोषण सुरक्षा को कैसे बढ़ाया जाए, इसके बारे में भी किसानों का विस्तृत मार्गदर्शन किया। इस दौरान जन शरण के रामांशु वर्मा, रिचा श्रीवास्तव, अनम शावा, अभिनव रंजन, फैज और अवनीश सौरभ आदि मौजूद रहे।

शिविर के दौरान इंडियन पोशाक लिमिटेड इकाई रोहाना कलां के कार्यक्षेत्र में आने वाले समय में आने वाले किसानों के लिए आवश्यक जेनेरिक दवाएं एवं मल्टी-विटामिन्स को निःशुल्क वितरित किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय किसानों ने काफी रुचि दिखाई और इस तरह के कैंप को किसान उपयोगी बताया और मांगी कि समय समय पर इस तरह की कैंपों के आयोजन से किसान स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहेंगे। जब उनका स्वास्थ्य अच्छा होगा तो निश्चित रूप से खेती के किसानी भी वो अच्छी तरह से कर सकेंगे। इस अवसर पर कंपनी के आयोजकों को किसानों ने धन्यवाद दिया।

शिविर के दौरान, डॉ॰ अवधेश डागर ने बताया कि गन्ना बुआई से पूर्व बीज उपचार अवश्य किया जाना चाहिए। साथ ही किसानों से अपील की कि वे बसंतकालीन गन्ना बुवाई में नवीन एवं उच्च उत्पादकता वाली किस्मों जैसे को0 0118 कोशा, 13235 को0 लख0 14201 और कोशा 15023 को प्राथमिकता दें तथा कोशा 0238 प्रजाति के क्षेत्र में कमी करें और जहां तक संभव हो 0238 को अपने खेत में न लगाएं, क्योंकि नई किस्में में उत्पादन अच्छा प्राप्त होता है और ये किस्में रोग एवं कीट प्रतिरोधक क्षमता मैं भी बेहतर हैं जिससे किसानों की आय में वृद्धि संभव है। इसके अलावा, ट्राइकोडर्मा के उपयोग के लाभों पर भी प्रकाश डाला गया।

