खाद्य एवं डेयरी उद्योग के विकास हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन      Publish Date : 28/03/2026

खाद्य एवं डेयरी उद्योग के विकास हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण एवं डेयरी उद्योग के विकास की असीम संभावनाएँ: डॉ. रामाकांत लवानिया

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा प्रायोजित “आई.एस.ओ. 22000 प्रमाणन: खाद्य एवं डेयरी उद्योग में सुरक्षा, स्वच्छता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 28 मार्च 2026 को सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ में किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट निदेशालय तथा पोस्ट-हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी एवं फूड प्रोसेसिंग महाविद्यालय द्वारा किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य अनुसूचित जाति के छात्रों के कौशल को खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता प्रबंधन के क्षेत्र में सुदृढ़ करना था, जो ICAR की अनुसूचित जाति उप-योजना “भारत में उच्च शिक्षा का सुदृढ़ीकरण एवं विकास” के अंतर्गत प्रयासों के अनुरूप है।

                      

कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की वंदना एवं राष्ट्रीय गीत से हुई, इसके बाद पोस्ट-हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी एवं फूड प्रोसेसिंग महा-विद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. जेनिथा इमैनुएल ने स्वागत भाषण दिया। तत्पश्चात प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट निदेशक डॉ. आर. एस. सेंगर ने छात्रों को प्रेरित करते हुए उन्हें अपने लक्ष्यों पर केंद्रित रहने, विचलनों से बचने और निरंतर प्रयास करते रहने की सलाह दी, साथ ही यह भी बताया कि सतत प्रयास ही सफलता की कुंजी है। कार्यशाला की आयोजन सचिव डॉ. निमिषा तेहरी ने प्रतिभागियों को खाद्य एवं डेयरी उद्योग के लिए आई.एस.ओ. 22000 की आवश्यकताओं से परिचित कराया तथा सत्र का संचालन भी किया। कार्यक्रम विशेषज्ञ डॉ. रामाकांत लवानिया, तकनीकी सहायता प्रबंधक, हाइजिना इंटरनेशनल, यू.के., ने तकनीकी सत्रों का संचालन किया, जिसमें खाद्य एवं डेयरी उद्योग में सुरक्षा, स्वच्छता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर व्याख्यान और प्रायोगिक प्रशिक्षण शामिल था। इन सत्रों में विभिन्न महाविद्यालयों के स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी के अनुसूचित जाति के छात्रों ने भाग लिया, जिनमें पोस्ट-हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी एवं फूड प्रोसेसिंग महाविद्यालय, प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, जैव-प्रौद्योगिकी महाविद्यालय और कृषि महाविद्यालय के छात्र शामिल थे। कार्यक्रम में अन्य गणमान्य व्यक्तियों में प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट के संयुक्त निदेशक डॉ. सत्यप्रकाश, डॉ. डी.वी. सिंह; सहायक निदेशक डॉ. एस. के. गुप्ता तथा पोस्ट-हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी एवं फूड प्रोसेसिंग महाविद्यालय की सहायक प्रोफेसर, इंजीनियर अनु कुमारी शामिल रहीं, जिन्होंने कार्यक्रम का समन्वयन किया। कार्यक्रम में सहयोग देने वाले छात्र समन्वयकों में हर्ष और वर्णित त्रिवेदी (बी.टेक फूड टेक्नोलॉजी, द्वितीय वर्ष) तथा शुभम पंवार (बी.टेक डेयरी टेक्नोलॉजी, द्वितीय वर्ष) शामिल रहे। अंत में डॉ. शैलजा कटोच,  सहायक प्रोफेसर, पशु-चिकित्सा एवं पशु-विज्ञान महाविद्यालय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ. हर्ष पंवार, इंजीनियर विशाल और इंजीनियर अंकुर त्रिवेदी भी उपस्थित रहे।